MADHEPURA : सोनाय अनूप उच्च माध्यमिक विद्यालय: कमरे मात्र चार और बच्चे 801, कैसे संवरेगा वरद भविष्य

Published by :AMIT KUMAR SINH
Published at :07 May 2026 2:20 PM (IST)
विज्ञापन
MADHEPURA : सोनाय अनूप उच्च माध्यमिक विद्यालय: कमरे मात्र चार और बच्चे 801, कैसे संवरेगा वरद भविष्य

मधेपुरा जिले के घैलाढ़ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत भान टेकठी स्थित सोनाय अनूप उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था की मूलभूत सुविधाएं बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी है. यहां महज चार कमरों के सहारे 800 छात्र-छात्राओं का भविष्य गढ़ा जा रहा है.

विज्ञापन

मधेपुरा से सविता नंदन कुमार की रिपोर्ट :

सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लाख दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. मधेपुरा जिले के घैलाढ़ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत भान टेकठी स्थित सोनाय अनूप उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था की मूलभूत सुविधाएं बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी है. यहां महज चार कमरों के सहारे 800 छात्र-छात्राओं का भविष्य गढ़ा जा रहा है. विद्यालय की वास्तविक क्षमता लगभग 200 छात्रों की है, लेकिन नामांकन उससे चार गुना अधिक हो चुका है. परिणामस्वरूप बच्चों को बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं मिल पा रही है.

स्कूल में कक्षा नौ से 12वीं तक होती है पढ़ाई

विद्यालय में कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई होती है. स्कूल में कुल 4 कमरे हैं. जिसमें तीन कमरों में अलग-अलग कक्षाओं का संचालन किया जाता है, जबकि एक स्मार्ट क्लास रूम को भी पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. हालात इतने खराब हैं कि एक बेंच पर पांच से छह बच्चों को बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है. कई छात्र-छात्राएं जमीन पर बैठने को मजबूर हैं तो कई बच्चे भीड़भाड़ के कारण नियमित रूप से स्कूल आना छोड़ चुके हैं.

जमीन पर बैठकर परीक्षा देते हैं बच्चे

विद्यालय में खास कर सावधिक परीक्षा के दौरान शिक्षा व्यवस्था की बदहाली खुलकर सामने आ जाती. 801 नामांकित छात्रों के परीक्षा के लिए अलग अलग दिन देकर परीक्षा करायी जाती है. विद्यालय प्रशासन का मानना है कि भीड़भाड़, बैठने की समस्या और पढ़ाई का उचित माहौल नहीं मिलने के कारण कई छात्र स्कूल से दूरी बनाने लगे हैं. विद्यालय में परीक्षा के दौरान भी छात्रों को समुचित जगह नहीं मिलने के कारण छात्र इधर उधर नीचे में बैठ कर परीक्षा देते हैं.

एक बेंच पर पांच से छह लड़कियां बैठती हैं : आस्था स्तुति

सोनाय अनूप उच्च माध्यमिक विद्यालय के बारहवीं की छात्रा आस्था स्तुति ने बताया बताया विद्यालय में भवन नहीं रहने के कारण एक ही बेंच पर पांच से छह लड़कियों को बैठाया जाता है, जिससे लिखने-पढ़ने में काफी परेशानी होती है. गर्मी के मौसम में भीड़भाड़ के कारण बच्चों का दम घुटने जैसी स्थिति बन जाती है.

आर्ट्स व साइंस के छात्रों को एक साथ करनी पड़ती है पढ़ाई : रोहित

बारहवीं का छात्र रोहित कुमार का कहना है विद्यालय में क्लास रूम नहीं होने के कारण इंटर के छात्रों को साइंस और आर्ट्स के छात्रों को एक साथ पढ़ने में परेशानी होती है. स्कूल में पढ़ाई अच्छी होती है, लेकिन जगह की भारी कमी है. यदि भवन का विस्तार हो जाए और शिक्षकों की संख्या बढ़े तो बच्चों को काफी राहत मिलेगी.

घंटों खड़े होकर करनी पड़ती है पढ़ाई : देवराज

विद्यालय के दसवीं के छात्र देवराज कुमार का कहना है कि विद्यालय में पढ़ाई लिखाई की कोई दिक्कत नहीं है केवल यहां क्लासरूम नहीं होने के कारण एक बेंच पर 5 – 6 छात्र बैठते हैं, जिससे लिखने में भी परेशानी होती है. कई बार घंटों तक खड़े होकर पढ़ाई करनी पड़ती है. शोरगुल और भीड़ के कारण पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है.

पढ़ाई तो ठीक-ठाक, लेकिन बैठने की है दिक्कत: शिवानी

10वीं की छात्रा शिवानी कुमारी ने बताया कि जब अधिक छात्र विद्यालय आ जाते हैं तब बैठने में दिक्कत होने लगती है क्योंकि यहां रूम ही नहीं है. बाकी पढ़ाई लिखाई ठीक-ठाक होती है

विद्यालय में प्रयोगशाला पुस्तकालय की भी है कमी

विद्यालय में कुल 24 शिक्षक पदस्थापित हैं जिसमें 9वीं एवं 10वीं के लिए 12 शिक्षक और 11th 12 th के लिए 12 शिक्षक पदस्थापित हैं. लेकिन विद्यालय में भवन नहीं रहने के कारण इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और परीक्षा परिणाम पर पड़ रहा है. विद्यालय में प्रयोगशाला, पुस्तकालय और जिम जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है. विज्ञान के छात्र बिना प्रयोगशाला के ही पढ़ाई करने को मजबूर हैं. छात्रों ने बताया कि स्कूल में न तो प्रैक्टिकल की समुचित व्यवस्था है और न ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोई पुस्तकालय उपलब्ध है.

मुख्यमंत्री तक की गई भवन निर्माण की मांग

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार ने बताया कि विद्यालय में कमरे की घोर कमी है जिसके कारण बच्चों को बैठाने में काफी परेशानी होती है. विद्यालय में अतिरिक्त भवन निर्माण को लेकर कई बार शिक्षा विभाग को पत्र दिया गया है, ऑनलाइन आवेदन किया गया, विभागीय अधिकारियों को विद्यालय की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया गया है, इसके अलावे तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी मांग पत्र सौंपा गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है. उन्होंने कहा कि लगातार नामांकन बढ़ रहा है, लेकिन संसाधनों में कोई वृद्धि नहीं हुई. हालांकि 3 कमरे की प्रयोगशाला भवन की स्वीकृति दी गई है जिसका निर्माण भी काफी धीरे कराया जा रहा है. यदि जल्द ही अतिरिक्त कमरों का निर्माण हो जाता है तो आने वाले समय में स्थिति और बेहतर हो सकती है.

विज्ञापन
AMIT KUMAR SINH

लेखक के बारे में

By AMIT KUMAR SINH

AMIT KUMAR SINH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन