मधेपुरा के पंचायत में पहुंचा प्रशासन, एक ही जगह सुनी गयीं ग्रामीणों की कई शिकायतें, BDO ने लिया जायजा
मधुबन पंचायत मे लगाये गए सहयोग शिविर में लोगों की समस्याएं सुनते अधिकारी | Prabhat Khabar Network
मधेपुरा के उदाकिशुनगंज प्रखंड की मधुबन और लश्करी पंचायत में सहयोग शिविर आयोजित किया गया, जिससे ग्रामीणों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली. विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित होकर लोगों की समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिया.
Madhepura News: मधेपुरा में सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की परेशानी कम करने और ग्रामीणों की शिकायतों का स्थानीय स्तर पर समाधान कराने के उद्देश्य से मंगलवार को उदाकिशुनगंज प्रखंड की मधुबन और लश्करी पंचायत में सहयोग शिविर लगाया गया. पंचायत स्तर पर आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
सुबह से ही ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर शिविर में पहुंचते रहे. किसी ने आवास योजना से जुड़ी शिकायत रखी तो किसी ने जमीन, बिजली, सड़क, पेंशन, राशन और नल-जल जैसी मूलभूत सुविधाओं से संबंधित आवेदन दिया. अधिकारियों और कर्मियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और आवेदन प्राप्त कर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया.
एक जगह मिले कई विभाग, ग्रामीणों को मिली सुविधा
सहयोग शिविर की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि ग्रामीणों को अलग-अलग विभागों के कार्यालयों तक जाने के बजाय एक ही स्थान पर कई विभागों के अधिकारियों से संपर्क करने का मौका मिला.
शिविर में सामान्य शाखा, राजस्व एवं भूमि सुधार, ग्रामीण विकास, बाल विकास परियोजना, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि, सहकारिता, सांख्यिकी, शिक्षा, पुलिस, विद्युत, मनरेगा, पीएचईडी, स्वास्थ्य, पंचायती राज, जीविका, आपूर्ति और समाज कल्याण समेत अन्य विभागों के काउंटर लगाये गये.
इन काउंटरों पर संबंधित विभागों के प्रतिनियुक्त अधिकारी और कर्मचारियों ने ग्रामीणों से आवेदन लिये और उनकी समस्याओं की जानकारी ली.
आवास से लेकर बिजली और जमीन तक की शिकायतें
शिविर में ग्रामीणों ने अलग-अलग विभागों से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं. इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, भूमि एवं राजस्व, बिजली, सड़क, नल-जल, स्वच्छता, पेंशन, राशन, कृषि, मनरेगा और शिक्षा से संबंधित शिकायतें प्रमुख रहीं.
कई ग्रामीणों के लिए इस तरह का शिविर इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि छोटी-छोटी शिकायतों के लिए उन्हें प्रखंड या जिला मुख्यालय के कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता है.
अधिकारियों ने लोगों को संबंधित योजनाओं और सेवाओं की प्रक्रिया की जानकारी भी दी. जिन मामलों में तत्काल समाधान संभव था, उनमें आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी दी गयी, जबकि अन्य आवेदनों को नियमानुसार कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को सौंपे जाने की बात कही गयी.
हर माह दो मंगलवार पंचायतों में लगेगा शिविर
सरकार के निर्देश के तहत जन शिकायतों को आसानी से प्राप्त करने और उनके प्रभावी निवारण के उद्देश्य से प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को पंचायतवार सहयोग शिविर आयोजित किया जा रहा है.
पंचायत सरकार भवन अथवा उसके निकट किसी सार्वजनिक स्थल पर आयोजित होने वाले इन शिविरों में ग्रामीणों को एक ही जगह पर विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दी जा रही है.
इस पहल का उद्देश्य शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने के साथ-साथ ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना भी है.
BDO ने काउंटरों पर पहुंचकर ली जानकारी
जिलाधिकारी के निर्देश के आलोक में आयोजित शिविर के दौरान प्रखंड स्तर के विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी थी.
प्रखंड विकास पदाधिकारी गुलजारी पंडित ने शिविर का जायजा लिया. उन्होंने अलग-अलग काउंटरों पर पहुंचकर अधिकारियों और कर्मचारियों से प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली.
BDO ने शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से भी सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं को जाना. उन्होंने अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों और आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.
Madhepura News: शिकायतों के समाधान पर टिकी ग्रामीणों की उम्मीद
शिविर में आवेदन देने के बाद अब ग्रामीणों की नजर शिकायतों के निष्पादन पर है. पंचायत स्तर पर आवेदन लेने की व्यवस्था से लोगों को तत्काल अपनी समस्या दर्ज कराने का अवसर तो मिला है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब संबंधित विभाग इन आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई करेंगे.
मौके पर मुखिया पूजा कुमारी, अरुण कुशवाहा, सौरभ कुशवाहा, रंजीत कुमार, विनय कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे.



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लेखक के बारे में
By कौनैन वशीर
कौनैन वशीर प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. वर्ष 2001 में अमर उजाला से पत्रकारिता की शुरुआत की. अभी उदाकिशनगंज (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.
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