डिजिटल युग में बांस के सहारे बिजली, चुनावी दावों के बीच नगर की सच्चाई
Published by : GUNJAN THAKUR Updated At : 09 Oct 2025 9:24 PM
डिजिटल युग में बांस के सहारे बिजली, चुनावी दावों के बीच नगर की सच्चाई
मधेपुरा. आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूरे जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज है. हर पार्टी और प्रत्याशी जनता को अपने पक्ष में करने के लिए मैदान में उतर रहे हैं. सरकार अपनी पांच साल की उपलब्धियों को गिनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है. बिजली, सड़क और पानी को लेकर दावे किये जा रहे हैं कि अब हर घर तक सुविधा पहुंच चुकी है, लेकिन शहर के वार्ड संख्या 14 की तस्वीर इन दावों पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है.
वार्ड 14 के जयपालपट्टी चौक और आसपास के मोहल्लों में आज भी बिजली आपूर्ति बांस-बल्ले के सहारे हो रही है. यह दृश्य किसी पिछड़े गांव का नहीं, बल्कि मधेपुरा नगर परिषद क्षेत्र का है, जहां डिजिटल इंडिया और स्मार्ट सिटी की बातें कागजों पर तो दिखती हैं, पर जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है.एक साल से खड़े हैं पोल, लेकिन तार गायब
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगभग एक साल पहले यहां नये बिजली पोल लगाये गये थे. इलाके में करीब सौ से अधिक पोल खड़े किये गये, लेकिन उन पर अब तक तार नहीं चढ़े. नतीजा यह है कि लोगों ने मजबूरी में बांस के सहारे अपने घरों तक बिजली कनेक्शन जोड़ रखा है.
वार्ड निवासी जितेंद्र यादव ने कहा कि हमलोगों ने कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. बिजली तो मिल रही है, पर हर समय डर बना रहता है कि कहीं बांस टूट न जाए या करंट फैल जाय.11 हजार वोल्ट की लाइन पर मंडरा रहा है खतरा
जयपालपट्टी चौक में जहां हाईटेंशन लाइन गुजरती है, वहां हालात और खतरनाक हैं. 11 हजार वोल्ट की लाइन बांस के सहारे गुजर रही है. कभी भी हल्की बारिश या तेज हवा से बड़ा हादसा हो सकता है. मोहल्ले के लोग बताते हैं कि बच्चे और बुजुर्ग इस लाइन से दूर रहते हैं, फिर भी भय का माहौल बना रहता है.
विभाग की चुप्पी पर सवाल लोगों ने बताया कि समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगायी गयी, लेकिन अब तक न तो तार लगाया गया और न ही पुरानी व्यवस्था सुधारी गयी. विभाग का रवैया देखकर लोगों में नाराजगी है.चुनावी दौर में बड़ा मुद्दा बन सकती है समस्या
चुनाव की दहलीज पर खड़ा मधेपुरा अब इन बांस-बल्लों के सहारे चल रही बिजली को लेकर सवाल पूछ रहा है. विकास और सुरक्षा के दावे करने वाली सरकार के लिए वार्ड 14 की यह तस्वीर न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि एक चेतावनी भी है कि जनता अब सिर्फ वादों से नहीं, काम से वोट देगी.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










