आत्महत्या एक गंभीर जन-स्वास्थ्य समस्या है, जीवन अनमोल है : प्रधानाचार्य

आत्महत्या एक गंभीर जन-स्वास्थ्य समस्या है, जीवन अनमोल है : प्रधानाचार्य
मधेपुरा. ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा के स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग में पीजी चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों द्वारा आत्महत्या विकृति व परामर्श विषय पर विभागीय सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ प्रधानाचार्य प्रो कैलाश प्रसाद यादव ने किया. उन्होंने कहा कि आत्महत्या एक गंभीर जन-स्वास्थ्य समस्या है. यह मुख्य रूप से अवसाद, मानसिक विकारों या अत्यधिक तनाव से उत्पन्न होती है. उन्होंने कहा कि मानव जीवन अनमोल है और हमें किसी भी परिस्थिति में जीवन का अंत नहीं करना चाहिए. हमें धैर्य के साथ जीवन की समस्याओं का सामना करना चाहिए. मुख्य अतिथि परीक्षा नियंत्रक डॉ शंकर कुमार मिश्र ने कहा कि आत्महत्या जानबूझकर अपनी जान लेने का कृत्य है. इसे परामर्श व सामाजिक समर्थन के माध्यम से रोका जा सकता है. कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ राकेश कुमार ने की. उन्होंने कहा कि हमें आत्महत्या को रोकने के लिए पारिवारिक व सामाजिक स्तर पर ठोस कदम उठाने होंगे. कार्यक्रम संचालन करते हुए सहायक प्राध्यापिका डॉ मधुनंदा ने कहा कि बहुत लोग आर्थिक परेशानी की वजह से भी आत्महत्या कर लेते हैं. मौके पर मेघा कुमारी, रीमा, मोनिका , मुस्कान, रूप, अंजलि, आभा, ब्रजेश, सोनी, रिया, कुसुम, नैना, रूपा, नेहा, काजल, प्रियांशु प्रेरणा, पुष्पा, पूजा, वंदना, शिवानी, मनीषा पिंकी आदि उपस्थित थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




