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अनुदान नहीं बांटने वाले महाविद्यालय प्रबंधन पर गबन का मामला होगा दर्ज, कुलपति ने दिया आश्वासन

Updated at : 10 Jan 2025 6:50 PM (IST)
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अनुदान नहीं बांटने वाले महाविद्यालय प्रबंधन पर गबन का मामला होगा दर्ज, कुलपति ने दिया आश्वासन

अनुदान नहीं बांटने वाले महाविद्यालय प्रबंधन पर गबन का मामला होगा दर्ज, कुलपति ने दिया आश्वासन

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प्रतिनिधि, मधेपुरा बीते नौ जनवरी को बिहार प्रदेश अनुदानित डिग्री महाविद्यालय महासंघ के प्रधान महासचिव डॉ माधवेद्र झा व अध्यक्ष डॉ अशोक कुमार ने भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बिमलेन्दु शेखर झा से मिले. इस दौरान अनुदानित डिग्री महाविद्यालयों की स्थिति, बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनुदानित डिग्री महाविद्यालयों के प्रयास तथा कुछ महाविद्यालयों के बेदर्द तथा लापरवाह शासी निकाय व तदर्थ समिति की हरकत तथा इसके उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पर रहे दुष्प्रभाव की व्यापक रूप से चर्चा की. जिस पर कुलपति ने संज्ञान लेते हुए कुलसचिव बिपिन कुमार रॉय को 13 जनवरी को अनिवार्य बैठक विश्वविद्यालय में आयोजित करने का निर्देश दिया है. बैठक में शासी निकाय के प्रधानाचार्य व सचिव को पूर्व के वितरित अनुदान राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र, शासी निकाय गठन की अधिसूचना की प्रति व अन्य आवश्यक अभिलेखों के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना है. यह बैठक पूर्णिया विश्वविद्यालय व भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के अनुदानित डिग्री कॉलेज की संयुक्त रूप से होनी है. क्योंकि गत सत्रों के परीक्षा का संचालन और छात्र उत्तीर्णता का सारा अभिश्रव भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध रहा है. यही मूल कारण है कि अनुदान का आवंटन और उसके भुगतान की शक्ति शिक्षा विभाग द्वारा भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय को इस शर्त के साथ दिया गया कि एक माह के अंदर भुगतान करवाकर इसका उपयोगिता प्रमाण पत्र शिक्षा विभाग को दिया जाय. ताकि शेष बकाये नौ वर्षो के अनुदान की राशि का भुगतान मंत्रिमंडल से स्वीकृति उपरांत कराया जा सके. इसमें दो मत नहीं है कि पूर्व के सक्षम अधिकारियों ने संवेदनहीनता दिखायी फलस्वरुप दर्जनों कार्यरत शिक्षक व कर्मचारी कालकलवित हुए है. पूर्णिया विश्वविद्यालय की संवेदनहीनता के कारण उनके क्षेत्राधीन महाविद्यालयों ने या तो राशि नहीं बांटी अथवा संदेह है कि करोड़ों रुपये हजम कर लिए गए. स्पष्ट जानकारी है कि अधिकांश विश्वविद्यालयों के अनुदानित डिग्री महाविद्यालयों को आगामी सत्रों का भी छात्र उत्तीर्णता आधारित अनुदान स्वीकृति उपरांत विमुक्त हो गया है. लेकिन शिक्षा विभाग व राज्य सरकार के सख्ती के बावजूद पूर्णिया विश्वविद्यालय प्रशासन राजनैतिक रोटी सेक कर अपने क्षेत्राधीन के अनुदानित डिग्री महाविद्यालय में कार्यरत, सेवानिवृत्त शिक्षक व कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है. प्रधान महासचिव डॉ झा ने कुलपति से अनुरोध किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्णिया विश्वविद्यालय प्रशासन को भी बैठक में भाग लेने के लिए आग्रह किया जाय . भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय की मर्यादा तथा ऐसे श्रेणी के महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक व कर्मचारियों को बचाया जाय. उच्च शिक्षा से वंचित हो जाएंगे तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग व बिहार सरकार की किरकिरी हो जाएगी. कुलपति ने नेताद्वय को बताया है कि मेरी इस नूतन वर्ष के प्रथम माह का यह प्राथमिकता का विषय है. जिसे मैं निष्पदित करूंगा. अनुदानित डिग्री महविद्यालय विश्वविद्यालय का सबल और सक्षम अंग है. जिसकी बेहतरी मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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