गीता नहीं, हमारी बेटी है रूबेदा

Published at :08 Aug 2016 6:24 AM (IST)
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गीता नहीं, हमारी बेटी है रूबेदा

कोसी से एक और दंपती ने किया गीता पर दाव मधेपुरा : पाकिस्तान से गीता को लौटे महीनों बीत चुके है़ं कोसी क्षेत्र के मो ईशा उर्फ युसूफ और जुलेखा ने पाकिस्तान से लायी गयी गीता पर दावा किया है़ इनका कहना है कि गीता उनकी सबसे छोटी बेटी रूबेदा है, जो वर्ष-1996 में छपरा […]

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कोसी से एक और दंपती ने किया गीता पर दाव

मधेपुरा : पाकिस्तान से गीता को लौटे महीनों बीत चुके है़ं कोसी क्षेत्र के मो ईशा उर्फ युसूफ और जुलेखा ने पाकिस्तान से लायी गयी गीता पर दावा किया है़ इनका कहना है कि गीता उनकी सबसे छोटी बेटी रूबेदा है, जो वर्ष-1996 में छपरा जिले के मढौरा थाना अंतर्गत मिरजापुर गांव से एक बरात देखने के लिए निकलने के बाद लापता हो गयी थी़ इस दंपती ने रविवार को समाजसेवी शौकत अली के घर पहुंच कर अपनी
गीता नहीं, हमारी…
बात पत्रकारों के बीच रखते हुए कहा कि बस एक बार या तो गीता से मिला दिया जाये या फिर डीएनए टेस्ट करा लिया जाये तो सारा दूध-का-दूध, पानी-का-पानी हो जायेगा़ मो ईशा ने कहा कि मूलत: वे लोग छपरा जिले के मिर्जापुर के निवासी हैं, लेकिन सुपौल के जदिया के पास मोहर्रमपुर में भी अपना घर है़ 1996 में मिर्जापुर से ही रूबैदा लापता हो गयी थी़ सात भाई-बहनों में सबसे छोटी रूबैदा जन्म से ही गूंगी व बहरी थी़,
लेकिन वह काफी जहीन थी़ उन्होंने कहा कि विदेशमंत्री सुषमा स्वराज के ट‍्वीट से गीता के बारे में उसके शरीर के चिह्न, गांव-घर की भौगोलिक स्थिति जानने के बाद उनके एक परिचित ने इस बारे में बताया़ तब से वे भटक रहे हैं, लेकिन न तो उनका डीएनए मिलान किया जाता है और न ही गीता से मिलने दिया जाता है़ गीता ने जो अपने गांव की पहचान बतायी है वह सब मिर्जापुर में है़ रेल लाइन, तालाब, मंदिर आदि सब निशान उस गांव के ही है़
शीशे से जब उसका बांया पैर कटा था तो गांव के ही डाॅ नरसिंह भगत ने इलाज किया था़ जुबेदा की मां जुलेखा कहती है कि मेरा चेहरा देखिए, मैं बूढ़ी हो गयी हूं, लेकिन क्या मेरा चेहरा गीता से नहीं मिलता है़ मो ईशा का दावा है कि वे इंदौर जाकर वहां स्वयंसेवी संस्था के अनाथालय भी गये़, लेकिन वहां जानबूझ कर एक 13 वर्ष की लड़की को गीता बता कर हमारे सामने लाया गया, तो हमने इनकार कर दिया़ गीता को जुबेदा बता कर उससे एक बार मिल कर तसल्ली करने के लिए भटक रहे इस वृद्ध दंपती का कहना है कि सांसद रंजीत रंजन और पप्पू यादव को आवेदन देकर अपनी फरियाद लगा चुके है़‍ं
उनके द्वारा गीता से मिलाने और डीएनए जांच करवाने का आश्वासन भी मिला है़ स्थानीय समाजसेवी शौकत अली कहते हैं कि बस एक बार इन्हें गीता से मिला कर डीएनए जांच कर तसल्ली करना चाहिए़ मधेपुरा सामाजिक न्याय की धरती है और चाहे गीता हो या रूबैदा उसे भी अपने माता-पिता से मिलाने में यहां की भागीदारी होगी़
1996 में छपरा के मिरजापुर गांव से एक बरात देखने के लिए निकलने के बाद हो गयी थी लापता
ऑडिट रिपोर्ट से खुलासा
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