ऐतिहासिक फैसला . सूबे में पूर्णत: शराबबंदी की घोषणा का सभी ने किया स्वागत

Published at :07 Apr 2016 5:01 AM (IST)
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ऐतिहासिक फैसला . सूबे में पूर्णत: शराबबंदी की घोषणा का सभी ने किया स्वागत

आइए…नशा को कहें गुड बाय केस स्टडी – 1 एक सभ्रांत परिवार के व्यक्ति का शराब की बुरी लत लग गयी. देखते ही देखते उनके हृदय का वाल्व खराब हो गया. जब तक संभलते तब तक देर हो गयी थी. उनके पीछे उनकी पत्नी ने अपने पांच बच्चों का पालन पोषण करने में इतने समझौते […]

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आइए…नशा को कहें गुड बाय

केस स्टडी – 1
एक सभ्रांत परिवार के व्यक्ति का शराब की बुरी लत लग गयी. देखते ही देखते उनके हृदय का वाल्व खराब हो गया. जब तक संभलते तब तक देर हो गयी थी. उनके पीछे उनकी पत्नी ने अपने पांच बच्चों का पालन पोषण करने में इतने समझौते किये कि उनकी भी असमय मृत्यु हो गयी. पूरा परिवार बिखर गया. दो बेटी की मौत हो गयी. अब बच्चों की जिंदगी जैसे-तैसे गुजार रही है.
केस स्टडी – 2
सरकारी नौकरी में रहे एक व्यक्ति को शराब की लत के कारण एक दिन खून की उल्टी हुई. जांच में पता चला कि उन्हें लीवर सिरोसिस हो गया है. काफी इलाज के बाद भी उनकी मौत हो गयी. महंगे इलाज के कारण जिंदगी भर की जमा पूंजी समाप्त हो चुकी है. जीवन भर उनकी पत्नी सपना देखती रही कि अंत समय में शायद उनकी जिंदगी बेहतर हो जायेगी लेकिन अब वह सदमे से मौन हो चुकी हैं.
सूबे में पूर्णत: शराबबंदी की घोषणा होते ही चारों तरफ खुशियां ही खुशियां दिखायी देने लगी है. बिहार सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले का सभी लोगों ने एक स्वर में समर्थन किया है. खास कर महिलाएं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नशा मुक्त सामाज निर्माण के लिए दुआएं दे रही हैं. नशा समाज के विकास को अवरुद्ध करता है. इसके कारण कई घर उजड़ गये और कई परिवार बिखर गये. अब समय है कि हम सब एक साथ मिल कर समाज की इस बुराई को जड़ से उखाड़ फेंके. प्रभात खबर ने इस बुराई को दूर करने के लिए लागू सरकार के फैसले को लेकर लोगों से बातचीत की. लोगों ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया.
मधेपुरा : शराब को लेकर कई किस्से आम हैं. नशे की लत के कारण परिवार दर परिवार बिखरते जाते हैं. जिंदगी नरक से भी बदतर हो जाती है. इसके बारे में प्रभात खबर ने महिलाओं से बातचीत की. महिलाओं ने कहा कि सरकार के इस महत्वपूर्ण फैसले से हर घर में शांति और खुशहाली आयेगी. सामाज में एक बार फिर से प्यार फैलेगा. लोग एक दूसरे को सम्मान देंगे. तनाव और उन्माद का माहौल नहीं बन पायेगा. वहीं सरकार के इस फैसले को आधी आबादी ने अपनी जीत बताई.
प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गृहणी निभा झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पुर्णत: शराब बंदी का निर्णय जनहीत में उठाया गया सबसे बड़ा कदम है. शराब के कारण सामाज का अमन चैन खत्म हो गया है. हजारों लोगों के घर में एक शराब के कारण चुल्हा नहीं जल पा रहा था. मुख्यमंत्री ने इस परेशानी को दिल से समझ कर निर्णय लिया है.
हाउस वाइफ मीरा सर्राफ ने कहा कि पूर्णत: शराब बंदी का निर्णय स्वगत योग्य है. राज्य सरकार इस कानून को कड़े तरीके से लागू करने के प्रति भी तत्पर दिख रही है. अब सरकार जनहित में तंबाकु और पान मसाला के बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाये तो बिहार पूरे देश के सामने उदाहरण बन सकेगा.
शिक्षिका रेखा कुमारी ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से खुशहाल और समृद्ध बिहार की तस्वीर जेहन में उभरने लगी है. शराब बंदी लागू होने के महज कुछ दिनों बाद ही इस कानून का सार्थक फायदा सामाज के सामने होगा. अब जब सभी शराब गैर कानूनी है तो हम सब को मिलकर अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ जागरूक होना होगा.
गृहणी सोमा मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं के गुहार को सुन कर समाज और महिलाओं के हित में फैसला लिया है. अब हम महिलये सामाज में किसी को भी शराब को भवन नहीं करने देंगे. गृहणी रेणु कुमारी ने कहा कि शराब के कारण अक्सर महिला घरेलू हिंसा का शिकार बनती थी. बच्चों के शिक्षा और भोजन का पैसा लोग शराब में उड़ाते थे. सरकार के इस ऐतिहासिक कदम से अब हर घर में खुशियां लौटेगी.
गृहणी ने कहा कि शराब पी कर शराबी रोज शाम के बाद बाजार में उधम मचाते थे. गली मुहल्लों में भी शराबियों के गाली गलौज से बच्चों पर गलत असर पर रहा था. पूर्णत: शराब बंदी के कारण इन सब चिजों से मुक्ति मिलेगी. गृहणी मीरा देवी ने कहा शराब के उत्पात के कारण महिलाओं का शाम के बाद घर से निकलना मुश्किल हो जाता था. बाजार में खुलेआम घूमने वाले नशेरियों के कारण महिलाओं में असुरक्षा की भावना बनी हुई थी.
सरकार के इस योजना से महिलाओं का आत्म विश्वास लौटा है. गृहणी कुमारी रूबी राज ने कहा कि बिहार बिहार में पूर्णत: शराब बंदी लागू कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इतिहास रचा है. अब अवैध कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर हर हाल में शराब की अवैध बिक्री और पीने पर रोक लगेगा. गृहणी विनिता कुमारी ने कहा कि पूर्णत: शराब बंदी का निर्णय वक्त की जरूरत थी. शराब के प्रतिबंधित होने का श्रय महिलाओं का जाता है.
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