कुमारखंड प्रखंड के रानीपट्टी नंबर दस दक्षिण बारी टोला में पिछले कई महीनों से चेचक का प्रकोप जारी है. इस बीमारी को लेकर ग्रामीणों में खौफ है.
जीतापुर : रानीपट्टी नंबर दस दक्षिण बारी टोला के लोगों ने रविवार को कहा कि चेचक की सूचना स्वास्थ्य विभाग को बार-बार दी गयी इसके बावजूद अब तक गांव में विभाग की ओर से डॉक्टर नहीं आया. वहीं ग्रामीणों ने कहा कि जब वे कुमारखंड पीएचसी जाते हैं, तो डॉक्टर उपचार करने को तैयार नहीं होते है. इस बात को लेकर स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों को भी कहा गया. लेकिन कोई देखने वाला कोई नहीं.
ज्ञात हो कि प्रखंड के रानीपट्टी वार्ड नंबर दस दक्षिण बारी टोला में पिछले कई महीनों से चेचक ने पांव पसार रखा है. जिससे दर्जनों व्यक्ति आक्रांत है. जनप्रतिनिधि एवं सरकारी स्वास्थ्य विभाग के उपेक्षा का शिकार आज दर्जनों परिवार भुगत रहे है. जबकि कई बार विभाग को सूचित भी किया गया है. लेकिन विभाग के कर्मी स्वास्थ्य निरीक्षण करने के बजाय टाल मटौल करता रहा. पीड़ित के परिजन पुरानी मान्यता के अनुसार ही चेचक पीड़ितों उपचार कर रहे है.
एक तरफ जहां स्वास्थ्य विभाग के द्वारा साफ – सफाई रहने संबंधी कई बिदुओं की सलाह देते है. स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का नतीजा आज रानीपट्टी दक्षिण वार्ड नंबर दस में देखने को मिल रहा है. स्वास्थ्य विभाग के मनमानी से आज गरीब परिवार जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है. पीड़ित गुड़िया कुमारी, रिमझिम कुमारी, रतन यादव, टुनटुन यादव, रूपा देवी, गोतम कुमार, गुंजन कुमारी, नेहा कुमारी, अरूण यादव, अनिता देवी, फुतली यादव, महेश्वरी पासवान सहित कई दर्जन लोग ने बताया कि यहां पर सड़क की स्थिति काफी जर्जर है. जर्जर सड़क से 12 किमी किसी तरह कुमारखंड पीएचसी इलाज के लिए जाते है.
जबकि चेचक पीड़ित को 12 किमी तक ले जाने में काफी परेशानी का सामना कर पड़ है. लेकिन पीएचसी में डॉक्टर भी सही ढंग से ध्यान नहीं देते है. इस बाबत कुमारखंड चिकित्सा प्रभारी डा गुप्ता ने कहा टीम बनाया गया है. लेकिन स्वास्थ्य कर्मी वहां जाने के लिए तैयार नहीं है. जब कहते है वहां जाने के लिए तो कर्मी के द्वारा कहा जाता है कि कोई साधन नहीं है साधन उपलब्ध करवाइये इसके बाद वहां जायेंगे.
