अमेरिका की खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) ने गुरुवार को एक अनोखी चाल चली. उसने सोशल मीडिया पर मंदारिन भाषा में एक वीडियो जारी किया. यह चीन की आधिकारिक भाषा में था, तो जाहिर तौर पर चीनी नागरिक ही इसका निशाना थे. इसमें यह बताया गया है कि लोग एजेंसी से सुरक्षित तरीके से कैसे संपर्क कर सकते हैं. यह वीडियो 15 जनवरी को CIA के आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट किया गया. इसमें एजेंसी ने कहा कि वह चीन के बारे में सच्चाई जानना चाहती है और ऐसे लोगों की तलाश में है जो सच्चाई जानते हों और उसे बता सकें. यह वीडियो सुरक्षित संपर्क स्थापित करने की पूरी प्रक्रिया बताता है. यह इससे पहले बरती जाने वाली सावधानियों की भी जानकारी देता है.
वीडियो में क्या है?
मंदारिन भाषा के इस वीडियो में चीनी पेशेवरों और कारोबारी लोगों को काम करते हुए दिखाया गया है. जबकि एक कोई गुमनाम तरीके से संवाद करने के लिए चरण-दर-चरण निर्देश देता है. दर्शकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने और अपने परिवार के लिए संभावित जोखिमों का आकलन करें, निजी उपकरणों का उपयोग न करें, सार्वजनिक वाई-फाई का सहारा लें, वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का इस्तेमाल करें और किसी भी प्रकार के संवाद के निशान मिटा दें. नकद या गिफ्ट कार्ड का इस्तेमाल करके नए या इस्तेमाल किए गए उपकरण खरीदें और उनसे जुड़ी कोई भी व्यक्तिगत जानकारी न दें, जिससे आपकी पहचान आपसे जुड़ सके.
वीडियो में CIA संभावित स्रोतों से यह भी कहती है कि वे नए, गुमनाम ईमेल अकाउंट बनाएं और ऐसी कोई जानकारी साझा न करें, जिससे उनकी पहचान का पता चल सके. CIA आगे सुझाव देता है कि यदि परिस्थितियां अनुमति दें, तो व्यक्ति एजेंसी से संपर्क करने से पहले विदेश यात्रा करें. वीडियो में कहा गया है कि अगर आप विदेश यात्रा करने में असमर्थ हैं, तो इनमें से कोई या सभी कदम किसी भरोसेमंद करीबी रिश्तेदार या मित्र द्वारा भी उठाए जा सकते हैं.
पहले भी जारी किए थे वीडियोज
इससे पहले CIA ने 2025 में भी इसी तरह के वीडियो शेयर किए थे. उस समय एजेंसी ने मंदारिन भाषा में कई वीडियो जारी किए थे. CIA ने रक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, कूटनीति, विज्ञान और उन्नत प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले आम चीनी नागरिकों को टारगेटल करते हुए वीडियो जारी किए थे. उस वीडियो में पूछा गया था, “क्या आपके पास आर्थिक, वित्तीय या व्यापार नीतियों से जुड़ी कोई जानकारी है? क्या आप रक्षा उद्योग में काम करते हैं?” उस समय एक CIA अधिकारी ने रॉयटर्स से कहा था, “अगर यह काम नहीं कर रहा होता, तो हम और वीडियो नहीं बना रहे होते.”
इनका उद्देश्य चीन की राजनीतिक और नौकरशाही व्यवस्था के भीतर मौजूद लोगों को अमेरिका के साथ जानकारी साझा करने के लिए इंस्पायर करना था. इनका मकसद चीन के सरकारी तंत्र के भीतर असंतोष और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के व्यापक भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान से जुड़ी चिंताओं को भुनाना था. इस अभियान को वॉशिंगटन की रणनीति का हिस्सा माना गया, जिसके तहत वह चीन पर खुफिया जानकारी जुटाने की कोशिशें तेज कर रहा है. एक ऐसा देश जिसे लगातार अमेरिकी सरकारें अपना प्रमुख रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानती रही हैं. वहीं दूसरी ओर, चीन की खुफिया एजेंसियों ने भी हाल के वर्षों में अपनी सार्वजनिक जवाबी मुहिम तेज की है. वे सोशल मीडिया के जरिए नागरिकों को जासूसी से सावधान रहने और विदेशी खुफिया एजेंसियों द्वारा भर्ती के प्रयासों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी देती रही हैं.
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