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कोई इधर से गुजरा तो आग लगा देंगे, ईरान ने बंद की वर्ल्ड ट्रेड की ‘महाधमनी’, अब क्या होगा?

Updated at : 03 Mar 2026 12:14 PM (IST)
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Iran chokes aorta of world trade announces Closer of Striat of Hormuz may trigger Global inflation.

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान किया है. फोटो- एआई जेनरेटेड.

Iran Closed Strait of Hormuz: ईरान ने अपनी समुद्री सीमा से लगे होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान कर दिया है. उसने कहा है कि कोई शिप इधर से गुजरा तो उसे आग के हवाले कर देंगे. यह ऐसा कदम है, जो दुनिया ग्लोबल ट्रेड को बाधित कर सकता है और महंगाई बढ़ाएगा.

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Iran Closed Strait of Hormuz: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध अब चरम सीमा पर पहुंचने लगा है. अपने सुप्रीम लीडर की मौत और देश भर में हो रहे हमलों के बाद ईरान ने दुनिया की सबसे कमजोर नस दबा दी है.  यानी ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान कर दिया है. यह एक ऐसा ट्रेड रूट है, जिससे दुनिया भर रोजाना तेल खपत का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है. यह कदम कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ला सकता है. ईरान के इस कदम से भारत को भी काफी नुकसान हो सकता है. महाधमनी शरीर की सबसे बड़ी नस होती है, जो दिल से शरीर के अन्य हिस्सों में ऑक्सीजन मिला हुआ खून लेकर जाती है.

ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर-इन-चीफ के वरिष्ठ सलाहकार इब्राहिम जबारी ने सोमवार को सरकारी मीडिया में प्रसारित बयान में कहा, ‘स्ट्रेट (होर्मुज) बंद है. अगर कोई गुजरने की कोशिश करेगा तो रिवोल्यूशनरी गार्ड और नियमित नौसेना के जवान उन जहाजों को आग के हवाले कर देंगे.’ यह ईरान की अब तक की सबसे स्पष्ट चेतावनी मानी जा रही है. इससे पहले शनिवार (28 फरवरी 2026) को ईरान ने जहाजों को सूचित किया था कि वह इस निर्यात मार्ग को बंद कर रहा है. 

कहां है यह स्ट्रेट और संकट बड़ा क्यों हो सकता है?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात मार्ग है, जो सऊदी अरब, ईरान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे प्रमुख खाड़ी तेल उत्पादक देशों को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. यह एक ऐसा क्षेत्र है, जिसके एक ओर ईरान है और दूसरी ओर ओमान. इसे व्यापक रूप से एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता है, जहां से वाणिज्यिक जहाजों को गुजरने का अधिकार है.

इसकी सबसे संकरी चौड़ाई करीब 33 किलोमीटर (21 मील) है, जबकि सबसे कम चौड़ाई मात्र 1.8 मील (3 किमी) है. ऐसे में इतनी छोटी जगह को चोक करना ईरान के लिए आसान होगा, लेकिन इंटरनेशनल वॉटर को रोकना दुनिया के लिए काफी मुश्किल पैदा करने वाला है. हालांकि सऊदी अरब और यूएई ने कुछ पाइपलाइन मार्ग विकसित किए हैं जो इस जलडमरूमध्य को बायपास करते हैं, लेकिन अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के अनुसार होर्मुज से गुजरने वाली अधिकांश ऊर्जा आपूर्ति के पास क्षेत्र से बाहर निकलने का कोई व्यवहारिक वैकल्पिक मार्ग नहीं है.

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वैश्विक शिपिंग पहले ही यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों से प्रभावित रही है. गाजा युद्ध 2023 में शुरू होने के बाद से हूती समूह लाल सागर और अदन की खाड़ी में जहाजों को निशाना बना रहा है. आज यह दोनों रूट वर्ल्ड ट्रेड के ऊर्जा निर्यात की एक महत्वपूर्ण धमनियों में से एक है. 

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क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

दुनिया के सुपरटैंकर सऊदी अरब, कुवैत, इराक, कतर, बहरीन, यूएई और ईरान से तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) लेकर गुजरते हैं. इन आपूर्तियों का बड़ा हिस्सा एशियाई बाजारों, खासकर चीन, की ओर जाता है. भारत भी अपनी जरूरतों का लगभग 80 प्रतिशत तेल आयात करता है, इसमें खाड़ी देश उसकी जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा होता है. अगर यह चोक हुआ तो भारत में तेल के साथ-साथ अन्य चीजों के भी दाम बढ़ेंगे. भारतीय अर्थव्यवस्था को इससे राजकोषीय घाटा और चालू खाता दोनों पर दबाव का सामना करना पड़ेगा.  

पहले भी बढ़ी थी महंगाई

फरवरी में ईरान ने सैन्य अभ्यास के दौरान इस जलमार्ग के कुछ हिस्सों में यातायात पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था, जिसके बाद तेल की कीमतों में लगभग 6% की बढ़ोतरी हुई थी. वहीं, ईरान की इस ताजा कदम से अब तक तेल 80 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया है, जो इस साल सबसे महंगा है. अगर यह बंदी कुछ और दिनों तक जारी रही, तो महंगाई और बढ़ सकती है.

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युद्ध में उलझे हैं ईरान और इजरायल-US

इस मार्ग को बंद करने का फैसला 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बाद लिया गया. इस हमले में ईरान की टॉप लीडरशिप की मौत हो गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरानियों को सत्तारूढ़ धर्मगुरुओं को हटाने में मदद की पेशकश की थी. जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के उन देशों पर कई मिसाइल हमले किए, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं, जैसे कतर, कुवैत और बहरीन. तेहरान ने संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और ओमान पर भी मिसाइलें दागीं.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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