निलंबित कर्मी को 17 लाख भुगतान के मामले ने पकड़ा तूल

Published at :05 Jan 2016 3:21 AM (IST)
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निलंबित कर्मी को 17 लाख भुगतान के मामले ने पकड़ा तूल

मधेपुरा : नगर परिषद मधेपुरा के संग्रहण कर्मचारी अशोक कुमार यादव का निलंबन समाप्त कर आनन फानन में 17 लाख के भुगतान के मामले ने तूल पकड़ लिया है. नगर परिषद के करीब दो दर्जन वार्ड पार्षदों ने कार्यपालक पदाधिकारी के इस कार्यशैली के खिलाफ मोरचा खोलेत हुए वरीय पदाधिकारी सहित नगर विकास विभाग के […]

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मधेपुरा : नगर परिषद मधेपुरा के संग्रहण कर्मचारी अशोक कुमार यादव का निलंबन समाप्त कर आनन फानन में 17 लाख के भुगतान के मामले ने तूल पकड़ लिया है. नगर परिषद के करीब दो दर्जन वार्ड पार्षदों ने कार्यपालक पदाधिकारी के इस कार्यशैली के खिलाफ मोरचा खोलेत हुए वरीय पदाधिकारी सहित नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेज कर अविलंब कार्रवाई की मांग की है.

वहीं पार्षदों ने बैठक कर कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ आंदोलन का शंखनाद करते इसकी रूप रेखा तैयार की. रविवार को उप मुख्य पार्षद राम कृष्ण यादव की अध्यक्षता में वार्ड पार्षदों की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में पार्षदों ने कहा कि नगर परिषद के निलंबित संग्रहण कर्मचारी अशोक कुमार यादव को तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी लखींद्र पासवान ने अनुशासन हीनता, कार्य में लापरवाही व पार्षद व कर्मियों के साथ अभ्रद व्यवहार करने के कारण निलंबित किया था.

इसके अलावा तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा अशोक कुमार के खिलाफ प्रपत्र क भी गठित कर निर्गत किया गया था. लेकिन कार्यपालक पदाधिकारी लखिंद्र पासवान के स्थानांतरण हो जाने के बाद पदस्थापित स्थाीय पदाधिकारी के बार बार अवकाश पर रहने के कारण प्रभारी पदाधिकारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी. प्रभारी पदाधिकारी ने नियमों को ताक पर रख कर आनन फानन में कर्मी को निलंबन से मुक्त करते हुए वेतन एवं अंतर वेतन की राशि 17 लाख रुपये एक मुश्त भुगतान कर दिया गया.

भुगतान की गयी राशि पर न तो सशक्त स्थायी समिति की स्वीकृति प्राप्त की गयी न तो मुख्य पार्षद की सहमति प्राप्त की गयी. हालांकि 12 अगस्त 15 को नगर परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से अशोक कुमार यादव को बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया था. लेकिन, बर्खास्त नहीं किया गया. मनमाने तरीके से कर्मी को निलंबन से मुक्त कर वेतन व अंतर वेतन एक ही दिन में भुगतान कर दिया गया.

बैठक के दौरान वार्ड पार्षदों ने कार्यपालक पदाधिकारी विनय कुमार सिंह के कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न खड़ा करते हुए कहा कि आनन-फानन में एक मुश्त राशि का भुगतान करना घोर वित्तीय अनियमितता को दर्शाता है. बैठक में वार्ड पार्षदों ने प्रस्ताव पास कर निर्णय लिया कि वित्तीय अनियमितता करने वाले कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई के लिए डीएम, आयुक्त, नगर विकास विभगा के प्रधान सचिव को पत्र लिखा जाये.

बैठक में उप मुख्य पार्षद के अलावा वार्ड पार्षद ध्यानी यादव, मुकेश कुमार, दिनेश ऋषिदेव, मुकेश कुमार मुन्ना, दुखा महतो, मीरा कुमारी, सुधा कुमारी, वनिता देवी, कमला देवी, रतन देवी, मनोरमा देवी, राहेला कौशर, रेशाम प्रवीण, नुजहत प्रवीण सहित अन्य वार्ड पार्षद मौजूद थे.

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