वद्यिुत रेल इंजन कारखाना के लिए जमीन मापी करने पहुंची टीम किसानों ने किया विरोध, प्रदर्शन

Published at :20 Nov 2015 7:17 PM (IST)
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वद्यिुत रेल इंजन कारखाना के लिए जमीन मापी करने पहुंची टीम किसानों ने किया विरोध, प्रदर्शन

विद्युत रेल इंजन कारखाना के लिए जमीन मापी करने पहुंची टीम किसानों ने किया विरोध, प्रदर्शन फोटो- मधेपुरा 13,14कैप्शन- चकला गांव में जमीन पैमाइस का विरोध करते किसान व ग्रामीण -इंट्रो:::::::::::मधेपुरा के चकला में विद्युत रेल इंजन कारखाना के लिए जमीन चिह्नित की गयी है. रेल इंजन कारखाना बनाने के लिए टेंडर की सारी प्रक्रिया […]

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विद्युत रेल इंजन कारखाना के लिए जमीन मापी करने पहुंची टीम किसानों ने किया विरोध, प्रदर्शन फोटो- मधेपुरा 13,14कैप्शन- चकला गांव में जमीन पैमाइस का विरोध करते किसान व ग्रामीण -इंट्रो:::::::::::मधेपुरा के चकला में विद्युत रेल इंजन कारखाना के लिए जमीन चिह्नित की गयी है. रेल इंजन कारखाना बनाने के लिए टेंडर की सारी प्रक्रिया पूरी भी कर ली गयी है. लिहाजा, जमीन अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया गया है. लेकिन शुक्रवार को जमीन अधिग्रहण करने पहुंची टीम को किसानों का विरोध झेलना पड़ा. किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया व मुआवजे की राशि को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की. प्रतिनिधि. मधेपुरामधेपुरा में विद्युत रेल इंजन कारखाना के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को जिला प्रशासन ने जमीन मापी की कवायद तेज कर दी. लेकिन, शुक्रवार को जमीन मापी कार्य का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया. यही नहीं किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. सदर प्रखंड के चकला में विद्युत रेल इंजन कारखाना के लिए जमीन चिह्नित की गयी है. शुक्रवार को जिला प्रशासन की ओर से सीओ मिथिलेश कुमार यादव, सीआइ गजेंद्र प्रसाद सिंह, राजस्व कर्मचारी धीरेंद्र प्रसाद सिंह, देव नारायण मेहता, अंचल अमीन रमेश चंद्र यादव, देव नारायण यादव, पवन कुमार यादव व जिला अमीन कृष्ण देव सिंह के साथ अन्य पदाधिकारी व कर्मी उक्त स्थल पर जमीन मापी के लिए पहुंचे. लेकिन, अधिकारियों व कर्मियों को ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा. मौके पर विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि जिला प्रशासन पहले स्थिति स्पष्ट करे कि कारखाना के लिए कितनी जमीन अधिकृत की जायेगी. किसानों ने कहा कि पहले जब तक जमीन अधिग्रहण के लिए जमीन मालिक व रेलवे के बीच मुआवजे के सवाल पर कुछ फैसला नहीं हो जाता है, तब तक कारखने की जमीन के लिए सीमांकन का काम नहीं करने दिया जायेगा. ग्रामीणों ने कहा कि पहले 1100 एकड़ जमीन को चिह्नित किया गया था, अब कारखाना के लिए मात्र 307 एकड़ जमीन ही चाहिए, ऐसी स्थिति में अधिकृत जमीन के बीच सेंटर से प्रशासन को जमीन की पैमाइश करनी चाहिए. शेष रहे गये जमीन को अधिग्रहण से मुक्त करने की दिशा में जिला प्रशासन पहल करें. मौके पर ग्रामीणों ने मांग की प्रत्येक जमीन मालिक के घर से एक व्यक्ति को नौकरी देने का प्रावधान सरकार को करना होगा, इसके बाद ही किसान जमीन देने के लिए राजी होंगे. इसके अलावा किसानों ने वर्तमान समय के अनुसार जमीन की चार गुणा अधिक मुआवाजा देने की भी मांग की. इस दौरान किसान राजनंदन यादव, अनुज कुमार यादव, राम चंद्र शर्मा, फागू यादव, मो हलीम, जवाहर यादव, राजेंद्र यादव, चंदेश्वरी यादव, शिबु यादव, लक्ष्मी दास, सुरेश शर्मा, हरि किशोर शर्मा आदि मौजूद थे.

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