योग से सफल होता है मनुष्य का जीवन

Published at :14 Nov 2015 6:44 PM (IST)
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योग से सफल होता है मनुष्य का जीवन

योग से सफल होता है मनुष्य का जीवन ज्ञान के बिना पशु सामान है मनुष्य : चतुरानंद महाराज फोटो – मधेपुरा 27,28कैप्शन – सत्संग में प्रवचन देते महाराज, उपस्थित भक्तजन — अनुमंडलीय संतमत सत्संग का 20 वां वार्षिक अधिवेशन का दो दिवसीय सत्संग समारोह संपन्न प्रतिनिधि, आलमनगर प्रखंड के आलमनगर पूर्वी पंचायत स्थित हरिहर टोला […]

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योग से सफल होता है मनुष्य का जीवन ज्ञान के बिना पशु सामान है मनुष्य : चतुरानंद महाराज फोटो – मधेपुरा 27,28कैप्शन – सत्संग में प्रवचन देते महाराज, उपस्थित भक्तजन — अनुमंडलीय संतमत सत्संग का 20 वां वार्षिक अधिवेशन का दो दिवसीय सत्संग समारोह संपन्न प्रतिनिधि, आलमनगर प्रखंड के आलमनगर पूर्वी पंचायत स्थित हरिहर टोला में उदाकिशुनगंज अनुमंडलीय संतमत सत्संग का 20वां वार्षिक अधिवेशन का दो दिवसीय सत्संग समारोह संपन्न हो गया. समापन के दौरान सत्संग प्रेमी का जनसैलाब उमर पड़ा. संतमत सत्संग के प्रधान आचार्य श्री स्वामी चतुरानंद जी महाराज ने सत्संग प्रेमी को संबोधित करते हुए कहा कि वैसे कार्य जिसे करने के बाद शर्म लगे, आत्म हनन लगे वैसे कार्य जिसे छिप-छिप कर किया जाता है और कार्य जिसे सबके सामने नहीं किया जा सकता है वो सभी काम पाप है. वहीं उन्होंने कहा की मनुष्य की मौत निश्चित है. इसके लिए मनुष्य को जिसके साथ वियोग है. उसके साथ योग करें, परमात्मा को आप प्रेम से पायेंगे. पाखंड से नहीं वासना के कारण मनुष्य परमात्मा से वियोग करने लगते हैं. इसलिए वासना को त्याग कर परमात्मा से योग करने के बाद हीं मनुष्य का जीवन सही मायने में सफल होगा. जो पंच पाप करते रहेगा उसको मोक्ष की प्राप्ति कभी नहीं होगी. जिसके पास जितना ज्ञान है वह उतना ही सुखी है. ज्ञानी मनुष्य को ही शांति प्राप्त होता है. मनुष्य मुलत: दो कर्म करता है पाप और पुण्य. हमेशा मनुष्य को पुण्य कार्य कर पुण्य का भागी बनना चाहिए. उन्होंने कहा की मनुष्य को ऐसा वचन बोलना चाहिए जो दूसरे को अच्छा लगे. अगर द्रोपदी दुर्योधन को अंधे का बेटा अंधा, नहीं कहती तो आज महाभारत का स्वरूप देखने के लिए नहीं मिलता. वहीं उन्होंने कहा कि तीर-तलवार का घाव तो भर जाता है परंतु वचन- बोली का घाव कभी नहीं भरता है. इसलिए मनुष्य को अपने वाणी पर संयम बरतना चाहिए. मनुष्य का शरीर पांच तत्व से बना होता है. संसार भी पांच तत्व का होता है. जिसको आत्म ज्ञान हो जाता है. उसे संसार ओर शरीर दोनों का ज्ञान हो जाता है. वहीं सत्संग अधिवेशन में आलमनगर के विधायक नरेंद्र नारायण यादव पहुंचकर उपस्थित संतों को माला अर्पित करते हुए आर्शीवाद प्राप्त किया और उपस्थित सत्संग प्रेमी को संबोधित करते हुए कहा की मानव जीवन में गुरु का काफी महत्व है. गुरु के बिना ज्ञान नहीं मिलता ज्ञान के बिना मनुष्य पशु के समान होता है. वहीं संतमत सत्संग के प्रधान आचार्य श्री स्वामी चतुरानंद जी महाराज के साथ स्वामी वेदानंद जी महाराज,स्वामी योगानंद जी महाराज, एवं स्वामी सत्य नारायण ब्रह्मचारी जी महारज ने भी सत्संग प्रेमी के बीच अपने अपने ज्ञान को बांटा. वहीं भारी भीड़ को देखते हुए प्राथमिक सवास्थ केंद्र आलमनगर के द्वारा स्वास्थ्य शिविर लगाया गया था. साथ ही आलमनगर थानाध्यक्ष राजेश रंजन पुलिस बल के साथ सत्संग शिविर के सुरक्षा व्यवस्था का कमान संभाले हुए दिखे.

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