डीबीटीएल से नहीं जुड़े, तो बाजार भाव से खरीदना होगा सीलिंडर

Published at :16 Jan 2015 11:27 AM (IST)
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डीबीटीएल से नहीं जुड़े, तो बाजार भाव से खरीदना होगा सीलिंडर

मधेपुरा: डीबीटीएल योजना तहत जो गैस उपभोक्ता नहीं जुडे है, उन्हें बाजार भाव से सेलेंडर खरीदना पड़ेगा. जब वह योजना से जुड़ेंगे तब ही उसे सब्सीडी की राशि मिल पायेगी. जिले में रसोई गैंस सिलिंडर की राशि सीधे बैंक खाते में जमा करने की सरकार की योजना के लाभ के लिए जहां फॉर्म भरने की […]

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मधेपुरा: डीबीटीएल योजना तहत जो गैस उपभोक्ता नहीं जुडे है, उन्हें बाजार भाव से सेलेंडर खरीदना पड़ेगा. जब वह योजना से जुड़ेंगे तब ही उसे सब्सीडी की राशि मिल पायेगी. जिले में रसोई गैंस सिलिंडर की राशि सीधे बैंक खाते में जमा करने की सरकार की योजना के लाभ के लिए जहां फॉर्म भरने की अंतिम तिथि निर्धारित थी. वहीं जिले के बहुत से उपभोक्ता फॉर्म जमा करने से वंचित रह गये.
क्या है डीबीटीएल स्कीम. डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर्ड एलपीजी कंज्यूमर (डीबीटीएल) यानि एलपीजी की प्रत्यक्ष लाभ अंतरण स्कीम के अंतर्गत उपभोक्ताओं के सीधे बैंक खाते में सब्सिडी की राशि भेजने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है. इस योजना से जुरने वाले उपभोक्ता को सभी एलपीजी सिलिंडर बजार भाव से मिलेगा. प्रत्येक सिलिंडर पर मिलने वाली सबसीडी उपभोक्ता से बैंक खाता में जमा होगी.
दुबारा फॉर्म भरने की तिथि निर्धारित. फॉर्म जमा करने से वंचित उपभोक्ताओं से दूबारा फॉर्म जमा गैंस वितरक पास एवं बैंक में लिया जा रहा है. इसके लिए 31 मार्च तक उपभोक्ताओं से फॉर्म जमा लिया जायेगा.
तीन माह का पार्किग पीरियड. 31 मार्च के बाद भी योजना से नहीं जुड़ने वाले उपभोक्ता को तीन माह का पार्किग पीरियड दिया गया है. इसमें सब्सिडी की राशि रोक कर रखा जायेगा और योजना से जुड़ने के बाद तीन माह की राशि उनके बैंक खाते में एक मुस्त जमा कर दी जायेगी. यदि पार्किग पीरियड में भी उपभोक्ता इस योजना से नहीं जुड़ेंगे तो रूकी गयी राशि का लाभ नहीं लें पायेंगे.
उपभोक्ता के लिए सब्सीडी प्राप्त करने के विकल्प. जिन उपभोक्ताओं के पास आधार कार्ड उन्हें अपना बैंक खाता नंबर एलपीजी उपभोक्ता नंबर लिंक कराना होगा. साथ जिसके पास आधार कार्ड नहीं है वे अपने बैंक खाते में सीधे सब्सीडी प्राप्त कर सकते है. इसके लिए उपभोक्ता को निर्धारित तिथि तक अपना फॉर्म भरकर वितरक एवं बैंक में जमा करना होगा.
स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ने वाले उपभोक्ता. जो उपभोक्ता अपनी स्वच्छा से सब्सिडी नहीं प्राप्त करना चाहते है वैसे उपभोक्ता के लिए पांच नंबर का फॉर्म भरकर वितरक के पास जमा करना है. हालांकि जिले में स्वेच्छा से सब्सीडी छोडने वाले उपभोक्ताओं की संख्या काफी कम है.
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