विभाग की लापरवाही से विद्युत बक्से में लगी आग, सदर अस्पताल के समीप बड़ा हादसा टला, मची भगदड़

Updated at : 27 Mar 2019 5:37 AM (IST)
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विभाग की लापरवाही से विद्युत बक्से में लगी आग, सदर अस्पताल के समीप बड़ा हादसा टला, मची भगदड़

मधेपुरा : जिले में टूटे हुए पोल व विद्युत के जर्जर तार हवा के हल्के थपेड़ों को भी झेल पाने में असमर्थ है. एक ओर बिजली विभाग के द्वारा सभी जगह नये पोल लगाये जा रहे हैं और सभी तार को भी बदला जा रहा है, लेकिन बिजली विभाग के कर्मियों की लापरवाही व कमजोर […]

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मधेपुरा : जिले में टूटे हुए पोल व विद्युत के जर्जर तार हवा के हल्के थपेड़ों को भी झेल पाने में असमर्थ है. एक ओर बिजली विभाग के द्वारा सभी जगह नये पोल लगाये जा रहे हैं और सभी तार को भी बदला जा रहा है, लेकिन बिजली विभाग के कर्मियों की लापरवाही व कमजोर वायरिंग की वजह से कई हादसे भी जन्म लेते जा रहे हैं.

जिले में टूटे हुए पोल व विद्युत के जर्जर तार हादसों को न्योता दे रहे हैं. टेढे हो चुके पोल पर लुंज-पुंज व पुराने तार से 11 हजार व 440 वोल्ट का करंट दौड़ता है.
विद्युत आपूर्ति बन रहा है मौत का कारोबार: इसकी एक छोटी सी बानगी मंगलवार को सदर अस्पताल के समीप देखी गयी. जब हवा बहने के साथ ही पोल पर लगे विद्युत बक्से में आग लग गयी थी. दरअसल थोड़ी हवा में बिजली तार के आपस में टकराने से चिंगारी निकल रही थी. धीरे-धीरे चिंगारी ने आग का रूप धारण कर लिया.
इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग को दी, लेकिन विद्युत विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी. स्थिति ऐसी थी कि वहां एक बड़ा हादसा तक हो सकता था. क्योंकि उस पोल के दोनों तरफ लगभग पांच सौ मीटर की दूरी पर ट्रांसफाॅर्मर भी है.
यह पोल और ट्रांसफाॅर्मर शहर के मेन रोड स्थित सदर अस्पताल व सदर थाना के समीप मुख्य सड़क के किनारे है और वही सदर अस्पताल के साथ साथ आसपास कई चाय-पान व दवा दुकान हैं.
इसके कारण वहां लोगों की भीड़ बनी रहती है. अगर यह आग फैल जाती तो एक बड़ा हादसा हो सकता था. घटनास्थल के आसपास भगदड़ की स्थिति हो गयी थी. हालांकि कोई बड़ी घटना नहीं हुई. घटना के आधे घंटे बाद बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे.
हर दम रहता है खतरे का अंदेशा: शहर का बाइपास, मुख्य पथ, पश्चिमी बाइपास, बैंक रोड, साहुगढ़ रोड, भिरखी रोड आदि अन्य जगहों पर पुराना तार लटक रहा है. इससे हर दम खतरे का अंदेशा बना रहता है.
मालूम हो कि जिले में कई जगहों पर तारों को वर्षों से न तो बदला गया है और न ही टाइट किया गया है. प्राइवेट मिस्त्री की माने तो जिले भर में तार इतने पुराने हो गये हैं कि अगर इन्हें टाइट किया जाय, तो तुरंत टूट जायेगा. कॉलेज चौक और समाहरणालय के पास तो स्थिति और भी भयावह है.
आम हो चुकी है घटना
इस तरह की घटनाएं बिजली विभाग की लापरवाही के कारण आम हो चुकी है. फिर भी बिजली विभाग इससे सबक नहीं ले रही है. जिला मुख्यालय के पूर्वी बाइपास रोड जयपाल पट्टी चौक पर चार दिसंबर 2018 को भी हवा बहने के साथ ही पोल पर लगे विद्युत बक्से में आग लग गयी थी.
उस दिन भी थोड़ी सी हवा में बिजली तार के आपस में टकराने से चिंगारी निकलने के कारण पोल में लगे विद्युत बक्से में आग लग गई थी. इससे पूर्व पिछले वर्ष ही जिला मुख्यालय के रजिस्ट्री कार्यालय के पास इन्ही पुराने कमजोर तार के चलते बड़ा हादसा जन्म ले रहा था. हालांकि वहां स्थानीय लोगों व दमकल कर्मियों की सक्रियता से एक बड़ा हादसा टल गया था.
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