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बिहार: 'मेरी बेटी पागल नहीं थी जज साहेब..' पिता ने लीलावती आत्महत्या केस को 2 साल बाद करवा लिया रि-ओपन

Updated at : 26 May 2023 3:49 PM (IST)
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बिहार: 'मेरी बेटी पागल नहीं थी जज साहेब..' पिता ने लीलावती आत्महत्या केस को 2 साल बाद करवा लिया रि-ओपन

गोपालगंज में एक महिला की खुदकुशी मामले में अदालत ने पिता की गुहार को सुना और मौत के 2 साल बाद अब केस को फिर से खोल दिया है. पुलिस की जांच पर भी सवाल उठे हैं और अब इस केस की जांच के निर्देश दिए गए हैं. जानिए क्या है पूरा मामला..

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Bihar News: गोपालगंज में परिजनों के टॉर्चर से तंग महिला के सुसाइड कांड में प्रभारी सीजेएम मानवेंद्र मिश्र की कोर्ट ने केस को रि-ओपन कर दोबारा जांच करने का आदेश पुलिस को दिया है. कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 173(8) में अतिरिक्त जांच कर रिपोर्ट तलब की है. कोर्ट ने पुलिस की जांच पर सवाल भी खड़ा किया है.

हमारी बेटी पागल नहीं थी…बोले पिता

कोर्ट पहुंचे कांड के सूचक मृत महिला के पिता भगवान पांडेय ने कहा कि हमारी बेटी पागल नहीं थी. पागल थी तो पुलिस बताये कि कहां उसका इलाज कराया गया. हमारी बेटी को लगातार प्रताड़ित कर उसके साथ मारपीट की जाती थी. वह सहती रही. कभी अपना मुंह नहीं खोला. कभी दहेज के लिए तो कभी बच्चा नहीं होने का तंज कसकर उसे पीटा जाता था. मौत की घटना दर्ज होने के कुछ दिनों बाद कांड की जांच करने पहुंचे पुलिस वाले चार-पांच सादे कागज पर साइन करा कर ले गये और मुझे बताये बिना केस को फाइनल कर दिया. पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल है. कोर्ट से ही इंसाफ की उम्मीद है. कोर्ट ने मृतका के पिता की अपील पर एसपी को निर्देश दिया है कि इस पूरे मामले में केस को रि-ओपेन कर निष्पक्ष जांच कराएं.

पुलिस ने तथ्य भूल बताकर केस किया था क्लोज

तत्कालीन एसडीपीओ संजीव कुमार ने अपने पर्यवेक्षण में ‘तथ्य का भूल’ बता कर महिला को मानसिक रूप से बीमार बता कर केस को फाइनल कर दिया और आरोपितों को क्लीन चिट दे दिया था. एसडीपीओ के निर्देश के अनुसार मांझा पुलिस ने कांड के सूचक के साथ समझौते को आधार बनाया. कोर्ट में पुलिस आरोपितों को क्लीन चिट देते हुए फाइनल रिपोर्ट दे दी. कोर्ट के सामने जब मामला आया तो इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस के अनुसंधान पर सवाल भी खड़े किये गए. अदालत ने मृतका के पिता को अपना पक्ष रखने बुलाया था.

पंखे से लटकती मिली थी लीलावती की शव

बता दें कि मांझा थाने के धर्मपरसा गांव के भगवान पांडेय की पुत्री लीलावती की शादी सात जुलाई, 2005 को मांझा थाना क्षेत्र के शेख परसा गांव में मुन्ना तिवारी के साथ हुई थी. शादी के बाद उसे बच्चा नहीं हो रहा था. आरोप है कि इसके लिए ससुराल की ओर से लगातार प्रताड़ित किया जाता था.

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बेरहमी से पिटाई, फिर पंखे से लटकती मिली लाश

तीन सितंबर, 2021 को उसकी बेरहमी से पिटाई करने की बात बतायी गयी. पिटाई की सूचना मिलने पर पहुंचे लीलावती के भाई पप्पू पांडेय ने उसका इलाज कराया था. वहीं छह सितंबर को पड़ोसियों से सूचना मिली कि लीलावती ने सुसाइड कर लिया.कमरे को तोड़ कर शव को निकाला गया था और लीलावती देवी के पति, सास, लड़के के मामा को नामजद अभियुक्त बनाया गया था.

कोर्ट के आदेश पर ही आगे की होगी कार्रवाई : एसपी

पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात ने बताया कि अब कोर्ट के आदेश पर ही आगे की कार्रवाई होगी. कोर्ट से आदेश आते की पूरे मामले की जांच करा कर दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी.

Published By: Thakur Shaktilochan

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