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खुद को अच्छी तरह देखना ही है सुदर्शन क्रिया

Updated at : 23 Oct 2024 9:08 PM (IST)
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खुद को अच्छी तरह देखना ही है सुदर्शन क्रिया

बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित खेल भवन में साप्ताहिक आर्ट ऑफ लिविंग कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में मुख्य प्रशिक्षक स्वामी परमतेज जी महाराज द्वारा सुदर्शन क्रिया का अभ्यास कराया.

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लखीसराय. बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित खेल भवन में साप्ताहिक आर्ट ऑफ लिविंग कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में मुख्य प्रशिक्षक स्वामी परमतेज जी महाराज द्वारा सुदर्शन क्रिया का अभ्यास कराया. इससे पहले डीएम मिथिलेश मिश्र, एडीएम सुधांशु शेखर व डीडीसी डॉ कुंदन कुमार ने संयुक्त रूप से आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर जी के तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया. बुधवार को स्वामी गुरु परमतेज जी महाराज ने सुदर्शन क्रिया का अभ्यास सत्र में कहा कि सुदर्शन दो शब्द से बना है, सु और दर्शन. उन्होंने कहा कि सु का अर्थ होता है सुंदर तथा दर्शन का अर्थ है देखना. क्रिया का अर्थ है एक अच्छा काम, अर्थात अपने को अच्छी तरह देखने का काम ही सुदर्शन क्रिया है. मौके पर डीएम मिथिलेश मिश्र ने कहा कि स्कूलों में बच्चों को आर्ट ऑफ लिविंग के जरिए नैतिक, बौद्धिक, मानसिक रूप से स्वास्थ्य एवं ऊर्जावान रहने संबंधी शिक्षा जरूरी है. सुदर्शन क्रिया आर्ट ऑफ लिविंग का बेसिक कोर्स और सबसे महत्वपूर्ण एवं अभिन्न हिस्सा है.

सांस लेने की विशेष व क्रमबद्ध तकनीकी है सुदर्शन क्रिया

स्वामी परमतेज जी ने कहा कि सुदर्शन क्रिया एक अद्भुत लय युक्त श्वशन प्रक्रिया है. आर्ट ऑफ लिविंग कार्यक्रम के अभ्यास सत्र में सो हम की ध्वनि से श्वांस नियंत्रित की जाती है, सो का अर्थ है सांस अंदर लेना और हम यानि सांस बाहर छोड़ना है. इसकी पूरी प्रक्रिया में सुदर्शन क्रिया के साथ कुछ अन्य श्वसन तकनीकी हैं, जैसे उज्जयी प्राणायाम, कनिष्ठा प्राणायाम व भस्तिका प्राणायाम भी आर्ट ऑफ लिविंग का एक पार्ट है. इस अभ्यास का विस्तृत आयाम है.

आर्ट ऑफ लिविंग सत्र में शामिल हुए पीटी शिक्षक

डीएम मिथिलेश मिश्र के निर्देश पर बुधवार को जिला खेल भवन में दोपहर के सत्राभ्यास में जिले सरकारी स्कूलों के शारीरिक शिक्षक भी आर्ट ऑफ लिविंग कार्यक्रम में शामिल हुए. स्वामी परमतेज महाराज जी उन्हें आर्ट ऑफ लीविंग कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी. इसके माध्यम से बच्चों को नैतिक, बौद्धिक व मानसिक रूप से स्वास्थ्य रहने की शिक्षा दिए जाने के बिंदुवार क्रियाओं को बताया. जिले के हर सरकारी स्कूलों में आर्ट ऑफ लिविंग कार्यक्रम सुबह एवं शाम की गतिविधियों में शामिल किये जाने पर बल दिया गया.

संग्रहालय व संस्कार भवन में चलेगा आर्ट ऑफ लिविंग सत्र

डीएम के आदेश पर अशोक धाम स्थित संस्कार भवन एवं जिला संग्रहालय भवन में आर्ट ऑफ लिविंग कार्यक्रम का संध्या सत्र संचालन की योजना है. इस संबंध में डीएम ने बुधवार को सुबह खेल भवन में उपस्थित अधिकारियों के साथ संक्षिप्त बैठक की. जिसमें संध्या बेला का कार्यक्रम तय किया गया. इसमें अशोक धाम ट्रस्ट कमिटी, लायंस क्लब व प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेल्फेयर एसोसिएशन सदस्यों को भी सपरिवार शामिल रहने के लिए कहा गया है. बैठक एसडीओ चंदन कुमार, जिला खेल पदाधिकारी मृणाल रंजन, वरीय उप समाहर्त्ता, प्रशिक्षु उप समाहर्त्ता, शिक्षा विभाग एवं जीविका के अधिकारी मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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