श्रावणी मेला में भी डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा रेफरल अस्पताल
Edited by SHUBHASH BAIDYA
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श्रावणी मेला में बांका जिला का लगभग 55 किलोमीटर का क्षेत्र पड़ता है. जिसमें कटोरिया स्थित रेफरल अस्पताल की जिम्मेवारी काफी अहम हो जाती है
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जिला अनुश्रवण समिति सदस्य ने डीएम से की चिकित्सक बढ़ाने की मांग
कटोरिया.
श्रावणी मेला में बांका जिला का लगभग 55 किलोमीटर का क्षेत्र पड़ता है. जिसमें कटोरिया स्थित रेफरल अस्पताल की जिम्मेवारी काफी अहम हो जाती है. यहां प्रतिदिन आउट-डोर व इनडोर में मरीजों की अत्यधिक संख्या तो रहती ही है. श्रावणी मेला को लेकर भी सुईया, अबरखा, सतलेटवा, तरपतिया, दुल्लीसार, कुरावा, तुलसीवरण, जमुआ मोड, राजबाड़ा, देवासी, इनारावरण, भूलभूलैया तक से भी कांवरिया बीमार होने या दुर्घटना के शिकार होने पर रेफरल अस्पताल कटोरिया ही पहुंचते हैं. बावजूद इसके श्रावणी मेला में भी चिकित्सकों की संख्या नहीं बढ़ाई गयी. डॉक्टरों की कमी के कारण यहां कार्यरत चिकित्सक वर्क प्रेशर के कारण मानसिक तनाव से तो जूझ ही रहे हैं. यहां मेला की भीड़ व कांवरिया मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के कारण हंगामा की भी संभावना बनते रहती है. शुक्रवार को जिला अनुश्रवण समिति के सदस्य बालेश्वर दास, नगर पंचायत के उपचेयरमैन प्रतिनिधि सह कठौन पैक्स अध्यक्ष फकरे आलम, पूर्व जिला पार्षद टुनटुन दास, वार्ड पार्षद शिवशंकर दास आदि ने रेफरल अस्पताल पहुंचकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा विनोद कुमार से मुलाकात की. साथ ही श्रावणी मेला को लेकर यहां उपलब्ध चिकित्सकों व कर्मियों के बारे में जानकारी ली. डॉक्टरों की कमी की समस्या को उन्होंने गंभीरता से लेते हुए डीएम व सिविल सर्जन से यथाशीघ्र चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने की मांग की. साथ ही इस समस्या को लेकर डीएम से मुलाकात करने की भी बात कही.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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