सहरसा में चक धूम धूम समर कैंप का भव्य समापन, 1200 बच्चों ने 30 विधाओं में दिखाया हुनर

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सहरसा - कार्यक्रम का शुभारंभ करते अतिथि

Saharsa News: सहरसा के किलकारी बिहार बाल भवन में आयोजित 20 दिवसीय 'चक धूम धूम' समर कैंप का रंगारंग समापन हुआ. 1200 बच्चों ने नाटक, संगीत, चित्रकला, कराटे और कंप्यूटर समेत 30 विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया.

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सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट

Saharsa News: किलकारी बिहार बाल भवन, सहरसा में आयोजित 20 दिवसीय ‘चक धूम धूम’ समर कैंप का उत्साहपूर्ण माहौल में भव्य समापन हुआ. समापन समारोह का उद्घाटन उप समाहर्ता भूमि सुधार धीरज कुमार, साहित्यकार मुक्तेश्वर सिंह मुकेश, विष्णु स्वरूप चौधरी और आनंद कुमार सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया.

समारोह के दौरान अतिथियों ने बच्चों द्वारा तैयार कलाकृतियों और प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा उनकी रचनात्मकता और प्रतिभा की सराहना की. समर कैंप में कुल 1200 बच्चों को 30 विभिन्न गतिविधियों और विधाओं में प्रशिक्षण दिया गया.

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नाटक से लेकर कराटे तक, बच्चों ने सीखी नई-नई विधाएं

समर कैंप में बच्चों ने नाटक, संगीत, वादन, नृत्य, चित्रकला, हस्तकला, कंप्यूटर, कराटे, कबड्डी, चेस, लेखन और मूर्तिकला जैसी कई विधाओं में हिस्सा लिया. विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चों ने अभिनय, संवाद अदायगी, स्वर-लय, भरतनाट्यम और चित्रकला की बारीकियां सीखीं.

इसके अलावा बच्चों को सुजनी कला, पेपर क्राफ्ट, मास्क निर्माण, पेपरमेशी, बंबू आर्ट और मूर्तिकला जैसी रचनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा गया. प्राकृतिक संसाधनों से रंग तैयार कर बच्चों ने आकर्षक कलाकृतियां भी बनायीं.

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डिजिटल साक्षरता और आत्मरक्षा पर भी रहा जोर

कैंप के दौरान बच्चों को कंप्यूटर प्रशिक्षण देकर डिजिटल साक्षरता से जोड़ा गया. वहीं कराटे प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मरक्षा और आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया गया. कबड्डी और चेस जैसी गतिविधियों ने बच्चों में टीम भावना और रणनीतिक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.

Saharsa News: सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

समापन समारोह में बच्चों ने नाटक, संगीत, वादन और नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया. चित्रकला, हस्तकला, सुजनी कला, बंबू आर्ट और मूर्तिकला की प्रदर्शनी समारोह का मुख्य आकर्षण रही.

प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक प्रणव भारती ने कहा कि समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को अवकाश के दौरान रचनात्मक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़कर उनके सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है. उन्होंने प्रशिक्षकों, अभिभावकों और प्रतिभागी बच्चों के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया.

अतिथियों ने इस प्रकार के आयोजनों को बच्चों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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