वंदे मातरम के मैथिली अनुवाद पर सेवानिवृत्त प्राध्यापक सम्मानित

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सम्मानित करते प्रधानाचार्य व अन्य | Prabhat Khabar Network

सहरसा के राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय में अरविंद कुमार मिश्र नीरज को वंदे मातरम का मैथिली अनुवाद करने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

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सहरसा : राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय रचित राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का मैथिली अनुवाद करने वाले महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राध्यापक अरविंद कुमार मिश्र नीरज को सम्मानित किया गया. महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. गुलरेज रौशन रहमान ने उन्हें पाग, चादर, पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया.

मैथिली में अनुवाद महाविद्यालय के लिए गौरव : प्राचार्य

झंडोत्तोलन के बाद आयोजित समारोह में प्राचार्य डॉ. गुलरेज रौशन रहमान ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का मूल गीत संस्कृत एवं बंगाली की मिश्रित भाषा में रचित है. स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय चेतना जगाने के उद्देश्य से इसका विभिन्न भारतीय एवं विदेशी भाषाओं में अनुवाद किया गया. उन्होंने कहा कि अरविंद कुमार मिश्र नीरज द्वारा इसका मैथिली में किया गया अनुवाद महाविद्यालय के लिए गौरव का विषय है.

एनएसएस समन्वयक डॉ. इंद्रकांत झा ने नीरज की साहित्यिक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि उनकी रचना ‘लक्ष्मीनाथ गोसाईं’ महाकाव्य का मैथिली साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान है. समाजशास्त्र के सहायक प्राध्यापक एवं मैथिली भाषा अभियानी डॉ. अक्षय कुमार चौधरी ने कहा कि मैथिली भाषा के विकास एवं प्रसार में प्रो. नीरज का योगदान प्रशंसनीय है.

150 वर्ष पूरे होने पर प्रकाशित हुआ मैथिली अनुवाद

अरविंद कुमार मिश्र नीरज ने बताया कि वर्ष 1875 में रचित ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसका मैथिली अनुवाद ‘समय संकेत’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ. बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय की संगीत प्रोफेसर डॉ. सुष्मिता झा ने इसे स्वर देने की अनुमति मांगी. उन्होंने बताया कि सामाजिक माध्यमों सहित विभिन्न मंचों पर ‘वंदे मातरम’ के मैथिली रूपांतरण को सराहना मिली है.

उन्होंने सम्मान के लिए प्राचार्य डॉ. गुलरेज रौशन रहमान के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि मैथिली भाषा एवं समस्त भाषाप्रेमियों का सम्मान है.

समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्या प्रो. डॉ. रेणु सिंह, पूर्व प्राचार्य डॉ. ललित नारायण मिश्र, सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. अशोक झा, डॉ. आशुतोष झा, डॉ. उर्मिला अड़ोरा एवं सेवानिवृत्त पुस्तकालयाध्यक्ष श्यामानंद झा मौजूद थे. मंच संचालन हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. शुभ्रा पाण्डेय ने किया. मौके पर महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मी एवं अन्य लोग मौजूद थे.


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Vinay Kumar Mishra

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By Vinay Kumar Mishra

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