इंटरमीडिएट की परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न, अंतिम दिन 274 परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित

इंटरमीडिएट की परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न, अंतिम दिन 274 परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित
कड़ी सुरक्षा के बीच प्रथम पाली में हिंदी व दूसरी पाली में इतिहास की हुई परीक्षा
फोटो संख्या 09- परीक्षा देकर केंद्र से बाहर निकलते छात्रलखीसराय. जिले के सभी 27 केंद्रों पर सोमवार को इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 का समापन शांतिपूर्ण व कदाचार मुक्त वातावरण में हो गया. परीक्षा के अंतिम दिन प्रशासन की मुस्तैदी के कारण कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या हंगामे की सूचना नहीं मिली. परीक्षा केंद्रों पर समय के पालन को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया व देर से पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गयी.परीक्षा का सांख्यिकी विवरण
अंतिम दिन प्रथम पाली में हिंदी व द्वितीय पाली में इतिहास विषय की परीक्षा आयोजित की गयी. प्रथम पाली में कुल 12,217 परीक्षार्थियों में से 12,076 परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 141 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. द्वितीय पाली में कुल 4,351 परीक्षार्थियों में से 4,218 ने परीक्षा दी, जबकि 133 परीक्षार्थी केंद्र पर नहीं पहुंचे. पूरे दिन की कार्यवाही के दौरान कुल 274 छात्र-छात्राएं अनुपस्थित पाए गए.प्रशासनिक निगरानी व पुलिस की गश्ती
परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी व निष्पक्ष बनाने के लिए डीएम मिथिलेश मिश्र, एडीएम नीरज कुमार, एसडीओ प्रभाकर कुमार व एसडीपीओ शिवम कुमार ने विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण किया. इसके साथ ही जिले के विभिन्न थानों के पुलिस पदाधिकारी व मोबाइल टाइगर की टीम लगातार गश्ती करती रही, ताकि केंद्रों के बाहर भीड़ जमा न हो व शांति व्यवस्था बनी रहे.———
इंटर परीक्षा समापन पर शहर हुआ जाम, यातायात पुलिस की लापरवाही आई सामने
रेलवे पुल व जमुई मोड़ के पास ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से लोग परेशान, डीएम के निर्देशों की भी अनदेखी
फोटो संख्या 10- सड़क जाम में फंसे लोगलखीसराय. सोमवार को इंटरमीडिएट परीक्षा के अंतिम दिन प्रथम पाली की समाप्ति के बाद शहर की रफ्तार पूरी तरह थम गयी. किऊल नदी पर बने कच्चे रास्ते, मुख्य सड़क के अप-डाउन पॉइंट व रेलवे पुल के नीचे परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों की भारी भीड़ के कारण भीषण जाम की स्थिति बनी रही. इस दौरान पैदल यात्रियों व बाइक सवारों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी.
ई-रिक्शा चालकों की मनमानी व पुलिस की सुस्ती
जाम का सबसे बड़ा कारण रेलवे पुल के नीचे व जमुई मोड़ तक अनियंत्रित तरीके से खड़े रहने वाले ई-रिक्शा रहे. स्थानीय लोगों का आरोप है कि यातायात पुलिस का ध्यान जाम हटाने के बजाय केवल हेलमेट चेकिंग व बाइक सवारों पर रुतबा दिखाने में रहता है. पुल के नीचे ई-रिक्शा चालक अपनी मर्जी से वाहन खड़े कर रास्ता अवरुद्ध कर देते हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती. लोगों का मानना है कि यदि पुलिस जुर्माना वसूले व ई-रिक्शा को व्यवस्थित कराए, तो जाम से निजात मिल सकती है. इसके अलावा, बायपास से आने वाले भारी वाहनों को शहर में प्रवेश की अनुमति मिलने से भी स्थिति बदतर हो रही है.
अतिक्रमणकारी नहीं छोड़ रहे सड़क
सड़क जाम होने की एक बड़ी वजह स्थायी दुकानदारों द्वारा किया गया अतिक्रमण भी है. डीएम मिथिलेश मिश्र ने कई बार स्वयं सड़क पर उतरकर दुकानदारों को कड़ी फटकार लगायी व अतिक्रमण हटवाया, लेकिन प्रशासन के जाते ही दुकानदार फिर से सड़क पर कब्जा कर लेते हैं. दुकानदारों के इस रवैये से स्पष्ट है कि उनमें प्रशासनिक अधिकारियों का कोई भय नहीं रह गया है. अतिक्रमण के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं, जिससे मामूली भीड़ होने पर भी घंटों जाम लग जाता है.
यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल
सोमवार को परीक्षा के समापन पर बाइक सवारों की संख्या अचानक बढ़ गयी, लेकिन मौके पर यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस पदाधिकारी नदारद दिखे. शहर के मुख्य मार्गों व नयी बाजार में घंटों लोग फंसे रहे. आम नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ट्रैफिक नियमों का पालन केवल हेलमेट चेकिंग तक सीमित न रखकर, शहर को जाम व अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.
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By Rajeev Murarai Sinha Sinha
Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.
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