जिला प्रशासन को मुंह चिढ़ा रहा केसी सुरेंद्र बाबू पार्क

Updated at :28 Oct 2015 8:58 PM
विज्ञापन
जिला प्रशासन को मुंह चिढ़ा रहा केसी सुरेंद्र बाबू पार्क

जिला प्रशासन को मुंह चिढ़ा रहा केसी सुरेंद्र बाबू पार्क मुंगेर में बदहाल है पार्कों की स्थिति : भाग 3फोटो संख्या : 3फोटो कैप्सन : बदहाल केसी सुरेंद्र बाबू पार्क प्रतिनिधि : मुंगेर ————-मुंगेर समाहरणालय के समक्ष बने केसी सुरेंद्र बाबू पार्क पुरी तरह बदहाल है. हाल यह है कि पार्क का निर्माण कार्य भी […]

विज्ञापन

जिला प्रशासन को मुंह चिढ़ा रहा केसी सुरेंद्र बाबू पार्क मुंगेर में बदहाल है पार्कों की स्थिति : भाग 3फोटो संख्या : 3फोटो कैप्सन : बदहाल केसी सुरेंद्र बाबू पार्क प्रतिनिधि : मुंगेर ————-मुंगेर समाहरणालय के समक्ष बने केसी सुरेंद्र बाबू पार्क पुरी तरह बदहाल है. हाल यह है कि पार्क का निर्माण कार्य भी अधूरा ही रह गया. बावजूद स्थानीय अधिकारी, स्थानीय नागरिक एवं जिला मुख्यालय में काम के लिए आये लोग पार्क का उपयोग करते हैं. सुबह-शाम यहां युवकों की भी भीड़ लगती है. लेकिन पार्क पूरी तरह सुविधाविहीन है. जनवरी 2005 में मुंगेर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक केसी सुरेंद्र बाबू की हत्या नक्सलियों ने बारूदी सुरंग विस्फोट कर दिया था. जिसमें 6 पुलिस कर्मी की भी मौत हो गयी थी. सुरेंद्र बाबू की याद में मुंगेर जिला प्रशासन ने समाहरणालय के समक्ष के भूखंड पर पार्क बनाने का निर्णय लिया और लगभग 30 लाख की लागत से पार्क का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ. चहारदीवारी निर्माण के साथ ही पैदल पथ बनाया गया. चारों और बैठने के लिए पत्थर का बेंच भी बनाया गया. पेड़-पौधे और फव्वारा लगाया गया. केसी सुरेंद्र बाबू की प्रतिमा स्थापित करने के लिए एक स्तूप का भी निर्माण किया गया. लेकिन एक समाज सेवी ने पार्क निर्माण को अवैध बताते हुए उच्च न्यायालय में वर्ष 2006 में मामला दायर किया और पार्क निर्माण पर रोक लगा दिया गया. बताया जाता है कि न्यायालय ने रिट याचिका कर्ता के समक्ष पार्क का सीमांकन कराने का आदेश दिया. लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया और निर्माण कार्य अधूरा ही रह गया. बदहाल है पार्क पार्क पूरी तरह बदहाल है. पार्क में न तो शौचालय की व्यवस्था है और न ही पेयजल की. पार्क में लगा सीमेंटेड पत्थर का बेंच भी जर्जर हो गया है. फुल-पत्ती के पौधों की कमियां यहां देखी जा सकती है. यहां लगा फव्वारा भी साल में एक-दो बार ही चलाया जाता है. पार्क की सफाई भी नहीं होती है. सफल प्रयास की जरूरत समाज सेवी प्रभुदयाल सागर ने कहा कि पार्क का जीर्णोद्धार के लिए एक सफल प्रयास की जरूरत है. इसमें प्रशासनिक अधिकारी के साथ ही आम लोगों को भी भागीदार होना होगा. पार्क में मूलभूत सुविधा उपलब्ध हो ताकि यहां आने वाले लोगों को शौच के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़े.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन