त्योहारों के मौसम में बढ़ जाता है मिलावटी सामान का धंधा, बरतें सावधानी

त्योहारों के मौसम में बढ़ जाता है मिलावटी सामान का धंधा, बरतें सावधानीप्रतिनिधि, लखीसरायत्योहारों के मौसम में मिलावटी सामान की भी भरमार है. मिठाई व अन्य खाने-पीने के व्यंजन में भी मिलावट की आशंका बनी रहती है. ऐसे में मिठाई व अन्य खाने-पीने के सामान की खरीदारी जांच-परख कर ही करनी चाहिए. मिलावटी सामान के […]
त्योहारों के मौसम में बढ़ जाता है मिलावटी सामान का धंधा, बरतें सावधानीप्रतिनिधि, लखीसरायत्योहारों के मौसम में मिलावटी सामान की भी भरमार है. मिठाई व अन्य खाने-पीने के व्यंजन में भी मिलावट की आशंका बनी रहती है. ऐसे में मिठाई व अन्य खाने-पीने के सामान की खरीदारी जांच-परख कर ही करनी चाहिए. मिलावटी सामान के उपयोग से कई तरह की बीमारी हो सकती है.ऐसे होती है मिलावट मिठाई दुकानदार के मुताबिक बूंदी के लड्डू बनाने में चना के बेसन में मैदा, चौरठ, मटर बेसन की मिलावट होती है. इसके अलावे पनीर में अरारोट, पेड़ा बनाने के लिए खोवा में सूज्जी, अरारोट के साथ अधिक चीनी मिलाया जाता है. किराना कारोबारी अमित के मुताबिक सरसों तेल में ड्रॉप्सी मिक्स किया जाता है. जिससे तेल में झांस तो बढ़ता है लेकिन इसका असर काफी हानिकारक होता है. शुद्ध घी में भी वनस्पति तेल की मिलावट होती है. दाल को सुरक्षित रखने के लिए पॉलिस किया जाता है. जान हथेली पर ले वाहनों पर लेकर चलते हैं लोगओवरलोड यात्री वाहन से दुर्घटना की आशंकाफोटो संख्या-08चित्र परिचय-ओवरलोड वाहनप्रतिनिधि, लखीसरायजिले के विभिन्न पथों पर ओवरलोड यात्री वाहन के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. अधिकतर यात्री वाहनों का फिटनेस सहित अन्य कागजात भी नहीं होता और ये वाहन बेरोकटोक सड़कों पर फर्राटे भर रहे हैं.वाहनों की छत पर बैठ कर होती है यात्राबड़े वाहनों की बात तो दूर, लघु वाहन जैसे जीप, मैजिक सवारी आदि यात्री वाहनों की छत पर बैठ कर लोग अपनी यात्रा पूरी करने को मजबूर हैं. बड़े यात्री वाहन बस आदि पर तो छत पर यात्रा करना आम बात है. इन यात्री वाहनों में क्षमता से डेढ़ से दो गुना अधिक यात्री बैठा कर इनका परिचालन किया जाता है. इससे आये दिन हादसा होते रहता है.ओवरलोडिंग रोकने का नहीं होता है प्रयासप्रशासन द्वारा ओवरलोड यात्री वाहनों के खिलाफ अभियान चला कर कार्यवाही नहीं की जा रही है. सड़कों पर अनफिट व खटारा यात्री वाहन का परिचालन किया जा रहा है जो कभी भी दुर्घटना ग्रस्त हो सकते हैं. अधिकतर वाहनों के पास कागजात नहीं है. जब कभी भी वाहनों के कागजात, फिटनेस आदि की जांच होती है. ऐसे वाहन सड़कों से गायब हो जाते हैं. स्थानीय थाना व प्रशासन द्वारा भी इस बाबत कदम नहीं उठाया जाता. ट्रैफिक पुलिस के सामने सड़क पर संचालित अवैध वाहन स्टैंडों में यात्री वाहन की छत पर यात्री को बैठाया जाता है, लेकिन इस पर किसी की नजर नहीं जाती है.ऑटो पर भी जानलेवा ओवरलोडिंगशहर में चलने वाले ऑटो पर भी जानलेवा ओवरलोडिंग है. चालक की सीट पर दो लोगों के अलावे तीसरा सीट ढूढ़ निकालते हैं. हालात यह है कि ऑटो में तीन की जगह सात सवारी बैठ रहे हैं. न कोई नियम है और न कोई रेगुलेशन. ऑटो चालक बीच सड़क पर ही जहां-तहां ऑटो खड़ी कर यात्री का इंतजार करते हैं. सड़क पर ही ऑटो स्टैंड चलता है. न कोई देखनेवाला है और न ही बोलनेवाला. कहते हैं डीटीओजिला परिवहन पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि विधानसभा चुनाव के कारण जांच कार्य में थोड़ी कमी आयी है. पुन: ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान चला कर सख्त कार्रवाई की जायेगी.
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