शारदीय नवरात्र : स्कंदमाता की हुई पूजा

Updated at :17 Oct 2015 6:36 PM
विज्ञापन
शारदीय नवरात्र : स्कंदमाता की हुई पूजा

शारदीय नवरात्र : स्कंदमाता की हुई पूजाप्रतिनिधि, लखीसरायशारदीय नवरात्र के पांचवें दिन शनिवार को मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा अर्चना हुई. सुबह से ही पूजा पंडालों में मां दुर्गा की स्तुति होती रही. घर-घर दुर्गा सप्तशती का मंत्र गूंजता रहा. मंत्रोच्चारण, धूप, दीप, शंख ध्वनि से पूरा माहौल भक्तिमय हो रहा है. […]

विज्ञापन

शारदीय नवरात्र : स्कंदमाता की हुई पूजाप्रतिनिधि, लखीसरायशारदीय नवरात्र के पांचवें दिन शनिवार को मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा अर्चना हुई. सुबह से ही पूजा पंडालों में मां दुर्गा की स्तुति होती रही. घर-घर दुर्गा सप्तशती का मंत्र गूंजता रहा. मंत्रोच्चारण, धूप, दीप, शंख ध्वनि से पूरा माहौल भक्तिमय हो रहा है. संध्या के समय मां की आरती हुई. शक्तिपीठ बड़हिया स्थित मां त्रिपुर बाला सुंदरी मंदिर में भी विशेष पूजा अर्चना हुई. अखंड दीपों से मां दुर्गा की वंदना की गयी. इसके अलावा मंदिरों में सारा दिन श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही. पंडित अजय ठाकुर के मुताबिक स्कंद कुमार कार्तिकेय के नाम से भी जाने जाते हैं. इन्हीं भगवान स्कंद अर्थात कार्तिकेय की माता होने के कारण मां दुर्गा के इस पांचवें स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है. इनका वर्ण शुभ है. ये कमल के आसन पर विराजमान हैं. इसलिए इन्हें पद्मासन देवी भी कहा जाता है. नवरात्र के पांचवें दिन पूजा में श्वेत वस्त्र का प्रयोग उत्तम माना गया है. दीपों से सजा मां का दरबार पूजा पंडालों व दुर्गा मंदिरों में पंचवीं को मां का दरबार दीपों से सजाया गया. महिलाओं ने शाम ढलते ही विभिन्न दुर्गा मंदिरों में जाकर दीप जलाये और मां की आरती की. मौके पर श्रद्धालु महिलाओं ने देवी के गीत गाये. शाम होते ही महिलाएं थाली में दीप सजा कर दुर्गा मंदिरों में पहुंचने लगी.अष्टमी युक्त नवमी में करें अष्टमी का व्रत साधक उमा शंकर व्यास जी ने बताया कि अष्टमी तिथि मूल नक्षत्र के बाद नवमी एक साथ हो तो ऐसा मुहूर्त दुर्लभ है. 21 अक्तूबर की सुबह 8.45 बजे के बाद नवमी शुरू हो रहा है. इसलिए इसके बाद ही महानवमी का हवन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अष्टमी युक्त नवमी हो तो उस दिन अष्टमी का व्रत करना चाहिए. इस लिहाज से 21 अक्तूबर को अष्टमी का व्रत करना श्रेयस्कर है. इससे पुत्र धन व मनोकामना की पूर्ति होती है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन