महिलाओं ने खुल कर संवाद कार्यक्रम में रखीं अपनी समस्याएं
Author Awadhesh kumar
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महिला जनसंवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया व अपनी समस्याओं पर खुल कर चर्चा की
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किशनगंज.
महिला जनसंवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया व अपनी समस्याओं पर खुल कर चर्चा की. गुलशन बेगम पीने के पानी के इस्तेमाल को लेकर, चिंता व्यक्त करते हुए कहती हैं कि हमें मिल कर इसकी बर्बादी को रोकना होगा. इसकी उपयोगिता को लेकर सरकारी और सामुदायिक–सामूहिक स्तर पर प्रयास करने होंगे. भविष्य में अपने बच्चों के लिए जल को सुरक्षित रखना होगा. बहादुरगंज प्रखंड के चंदवार पंचायत की गुलशन बेगम, घर–घर तक पीने के पानी की समुचित उपलब्धता को और बेहतर बनाने को लेकर, अपने विचार व्यक्त करते हुए, ये बातें कहीं. नल–जल योजना के छूटे हुए लाभार्थी को इसका अविलंब लाभ पहुंचाने की बात महिला संवाद कार्यक्रम में उन्होंने रखी. साथ ही, पानी निकासी, सोख्ता बनाने की बात भी उन्होंने उठाया. महिला संवाद कार्यक्रम समाज में सामूहिक प्रयास के लिए उत्प्रेरक का काम कर रहा है. महिलाएं अपने विचार, सुझाव, समस्या, आकांक्षा मुक्त स्वर में व्यक्त कर रही हैं. समस्याओं पर समाज के स्तर पर सामूहिक प्रयास की बातें भी कर रही हैं. महिला संवाद कार्यक्रम उन्हें खुला अवसर दे रहा है. जिला के सातों प्रखंड में दोनों पालियों ( सुबह और शाम ) में, महिला संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. महिलाएं मंच पर अपने मन की बात, सभी के साथ साझा कर रही हैं. उनकी आकांक्षा को सुना जा रहा है. साथ ही उसे लिखित रूप में दर्ज भी किया जा रहा है. ताकि भविष्य में उस पर नीतिगत फैसले, योजनाएं बनाई जा सके. महिला संवाद कार्यक्रम के सोलहवां दिन शनिवार को बीस ग्राम संगठन में संवाद आयोजित किया गया. जिला में अब तक तीन सौ दस ग्राम संगठन में महिला संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया है. जिसमें तिरपन हजार से अधिक महिलाएं शामिल हुई. टेढ़ागाछ प्रखंड के चिलहनिया पंचायत की फूलकुमारी, हुनर एवं औजार कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण सेंटर, सदूर क्षेत्रों में बनाने की बात महिला संवाद कार्यक्रम में की. उन्होंने इसके तहत टूल किट के रूप में मिलने वाली राशि बढ़ाने की मांग भी महिला संवाद कार्यक्रम में उठाया. हुनर एवं औजार कार्यक्रम के तहत सोलह वर्ष की बालिकाओं के लिए रोजगारोन्मुख शिक्षा के लिए निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षणों उपरांत टूल–किट भी दिया जाता है. अल्पसंख्यक समुदाय की बालिकाओं के साथ–साथ अनुसूचित जाति-जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग की बालिकाएं भी इन योजनाओं का लाभ उठा सकती हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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लेखक के बारे में
By अवधेश कुमार
अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.
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