खतरे से निपटने के लिए स्कूली बच्चों को प्रशिक्षण

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खतरे से निपटने के लिए स्कूली बच्चों को प्रशिक्षण

खतरे से निपटने के लिए स्कूली बच्चों को प्रशिक्षण

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ठाकुरगंज. ठाकुरगंज प्रखंड के विभिन्न सरकारी स्कूलों में शनिवार को सुरक्षित शनिवार मनाया गया. जून माह के चौथे शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में हजार्ड हंट के बारे में बच्चों को जानकारी दी गयी. इस दौरान स्कूलों के फोकल शिक्षकों ने बच्चों को कहा कि हजार्ड हंट का मुख्य उद्देश्य लोगों को खतरे की पहचान करने व उससे निपटने के लिए तैयार करना है. हजार्ड हंट एक सुरक्षा जागरूकता अभियान है, जो खतरे की पहचान करने व उसे दूर करने के लिए किया जाता है. यह अभियान घर, कार्यस्थल, स्कूल या किसी स्थान पर लागू हो सकता है. इस दौरान उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोथरा के फोकल शिक्षक अनुराधा अनुखडे़ ने बताया कि हजार्ड हंट में हम खतरों को ढूंढते हैं, जैसे कि फिसलने का खतरा, आग का खतरा या बिजली का खतरा, उन खतरों को दूर करने के लिए कदम उठाते हैं. हजार्ड हंट में अपने कार्यस्थल या किसी स्थान पर खतरों की पहचान करते हैं, जैसे कि ढीली तारों, गीली फर्श या अवांछित उपकरणों की पहचान करना. आप अपने घर या अपने स्कूल में बच्चों को खतरे से सुरक्षित रखने के लिए हजार्ड हंट का उपयोग कर सकते हैं. मौके पर शिक्षक तपेश बर्मा, राजेश कुमार, चन्द्रशेखर, कन्हैया लाल शर्मा सहित विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद थे.

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अवधेश कुमार

लेखक के बारे में

By अवधेश कुमार

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

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