जिले में पुल धंसने का थम नहीं रहा सिलसिला, गौरी पुल के बाद टंगटंगी हाट के समीप स्थित पुल का धंसा पाया

Updated at : 18 Jul 2024 9:10 PM (IST)
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जिले में पुल धंसने का थम नहीं रहा सिलसिला, गौरी पुल  के बाद टंगटंगी हाट के समीप स्थित पुल का धंसा पाया

जिले में पुल का पाया धंसने का सिलसिला जारी है. इससे दो वर्ष पूर्व एनएच 327 ई पर बने गंभीरगढ़ के समीप स्थित गौरी पुल का पाया धंसा था जो काफी दिनों तक सुर्खियों में था.

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किशनगंज.जिले में पुल का पाया धंसने का सिलसिला जारी है. इससे दो वर्ष पूर्व एनएच 327 ई पर बने गंभीरगढ़ के समीप स्थित गौरी पुल का पाया धंसा था जो काफी दिनों तक सुर्खियों में था. इसके बाद ठाकुरगंज प्रखड प्रखंड के बूंथ नदी पर बने पुल का पाया पानी के तेज बहाव को नहीं झेल पाया और धंस गया. इसीक्रम में जिले के बाहदुरगंज प्रखंड के निशंद्रा पंचायत के टंगटंगी हाट के समीप स्थित पुल का एक पाया क्रेक कर नीचे धंस गया. जिससे इस पुल से होकर भारी वाहनों की आवाजाही बंद हो गयी है. हालांकि अभी लोग जान जोखिम में डाल कर पुल से होकर आवाजाही कर रहे है लेकिन कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है. उधर सूचना मिलने पर विधायक अंजार नईमी ने स्थल पर जाकर पुल का निरीक्षण कर जिलाधिकारी को इसकी जानकारी दी है. पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि नासीर आलम ने कहा कि पुल का पाया धंसने से क्षेत्र की बड़ी आबादी प्रभावित हुई है. पंचायत के मूसलडांगा, काशीबारी, इस्लामपुर सहित कई गांवों को मुख्यमार्ग से यह पुल जोड़ता है. क्षतिग्रस्त पुल के कारण लोगों को तकरीबन 6 किलोमीटर अतिरिक्त सफर तय करना होगा. कभी भी पुल भर भरभराकर गिर सकता है. बाबजूद प्रशासन द्वारा पुल पर बैरिकेडिंग नहीं की गयी है. नतीजा जान जोखिम में डाल कर लोग आवाजाही कर रहे हैं जिससे कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है.

बूंद नदी पर बना पुल का एक पाया धंसा, आवाजाही है बंद

ठाकुरगंज. शनिवार की देर रात की है, जब जहां बूंद नदी पर बना पुल पानी का दबाव नहीं झेल पाया और पुल का एक पिलर नदी के तेज बहाव के कारण लगभग दी फीट धंस गया.बताते चले उक्त नदी पहाड़ी नदी है. राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 327 ई पिपरीथान से बंगाल सीमा के खोडीबाडी को जोड़ने वाली सड़क पर पथरिया पंचायत के खोसीडांगी गांव के समीप बूंद नदी पर 30 मीटर लंबी और 10 मीटर चौड़ा बना पुल के पश्चिमी हिस्से का एक स्पेन करीब दो फिट तक धंस गया. इसके साथ – साथ पुल के पूर्वी भाग का रिटर्न वॉल भी टूटकर नदी में धराशायी हो गया. एप्रोच का भी कटाव बदस्तूर जारी है. लोग पुल टूटने के भय से वाहनों पर सवार होकर आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं. किसी तरह दो पहिया वाहन अथवा पैदल सफर कर रहे हैं. पुल के धंसने से प्रखंड के तीन पंचायत पथरिया, कुकुरबाघी व बेसरबाटी की हजारों की आबादी प्रभावित हुई है.ग्रामीणों ने बताया कि उक्त मार्ग होकर राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 327ई फोरलेन सड़क निर्माण कार्य के लिए प्रतिदिन 100 से ऊपर बालू लदे ओवरलोड वाहनों से बालू की ढुलाई होता था जिससे पुल कमजोर पड़ गया और पुल धंस गया. साथ ही पुल के समीप खनन माफिया द्वारा अवैध रूप से बालू का खनन भी किया जाता था, परिणामस्वरूप पुल की यह देयनीय स्थिति बन गई.जबकि इस मार्ग से बालू लदे ओवरलोड वाहनों की आवाजाही को बंद करने को लेकर जिला प्रशासन को लिखित रूप से कई बार अवगत कराया गया लेकिन किन्हीं ने भी सुधि नहीं ली.

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