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चहक कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को मिला प्रशिक्षण

Updated at : 14 May 2024 11:02 PM (IST)
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चहक कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को मिला प्रशिक्षण

बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्सुकता बढ़ाने एवं विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति में सुधार को लेकर शिक्षकों को चहक कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

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किशनगंज.बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्सुकता बढ़ाने एवं विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति में सुधार को लेकर शिक्षकों को चहक कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है.जिले के दिघलबैंक प्रखंड अंतर्गत प्रोजेक्ट बालिका 2 उच्च विद्यालय तुलसिया में मंगलवार को कुल 50 शिक्षक प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षक यमुना सिन्हा एवं बिंदु कुमारी भारती ने प्रशिक्षु शिक्षकों को चित्र एवं टीएलएम के जरिए बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के गुर सिखाए गए.उन्होंने बताया कि बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान बढ़ाना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है.इसी को ध्यान में रखते हुए वर्ग एक के नामित शिक्षकों को एक दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

पांच दिवसीय चहक कार्यक्रम में प्रत्येक दिन 51 स्कूलों के शिक्षकों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

ठाकुरगंज.चहक कार्यक्रम का प्रशिक्षण ठाकुरगंज प्रखंड में सोमवार से शुरू हुआ. ठाकुरगंज प्रखंड में पांच दिनों तक चलने वाले इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रत्येक दिन 51 स्कूलों के नामित शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. ठाकुरगंज प्रखंड के 254 स्कूलों के कक्षा एक के नामित शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाना है. इस बाबत प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कुमकुम मल्लिक ने बताया की सरकारी विद्यालयों में पहली कक्षा के बच्चों को अब खेल खेल में शिक्षा दी जाएगी. इसके लिए बिहार शिक्षा परियोजना द्वारा चहक कार्यक्रम की शुरुआत की गई है. इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. बता दें कि इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को किताबों का बोझ ना देकर खेल के जरिए शिक्षा से जोड़ा जाएगा ताकि बच्चे स्कूल आए तो अपने नैसर्गिक रूप को बरकरार रखें.

बच्चों को सिखाने की पद्धति होगी रोचक

वही ट्रेनर कुमारी निधि चौधरी ने बताया की पहली कक्षा में दाखिला लेने वाले बच्चे अक्सर विद्यालय आने से डरते हैं या फिर आते हैं तो पढ़ाई में रुचि नहीं लेते हैं.ऐसे में चहक कार्यक्रम इन बच्चों को न सिर्फ विद्यालय की ओर आकर्षित करेंगे बल्कि सिखाने की पद्धति भी रोचक होगी. उन्होंने बताया कि चहक कार्यक्रम का मुख्य मकसद बच्चों को विद्यालय के प्रति सहज बनाना है. इसके लिए बच्चों के बीच अपनापन विकसित करने के साथ-साथ शिक्षकों को खेल खेल के माध्यम से बच्चों को पढ़ाना है.इस मॉड्यूल के तहत बच्चों को सीखने सिखाने की प्रक्रिया को सरल सहज एवं मनोरंजक बनाना है. इस प्रशिक्षण में विद्यालय तत्परता के विषय पर चर्चा की गई. एवं विद्यालयों हेतु चहक कैलेंडर का वितरण किया गया. साथ ही यह भी बताया गया कि कक्षा एक के बच्चों का 20 मई को स्वागत समारोह आयोजित कर इस कैलेंडर को 20 अगस्त तक फॉलो किया जाना है. प्रत्येक दिन उक्त कैलेंडर को ध्यान में रख कर तीन गतिविधियां करवाई जानी है और अंत मे चहकोत्सव मनाया जाना है. बता दें कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मो नाहिद रजा, कुमारी निधि चौधरी शिक्षकों को प्रशिक्षित कर रहे है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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