वन स्टेशन वन प्रोडक्ट योजना के तहत किशनगंज जिले के तीन रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार

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किशनगंज स्टेशन

किशनगंज जिले के तीन रेलवे स्टेशनों को 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' योजना के तहत चुना गया है. अब यात्रियों को किशनगंज स्टेशन पर लिट्टी-चोखा, गलगलिया में ताजी सब्जियां और ठाकुरगंज में हस्तशिल्प का स्वाद और खरीदारी का मौका मिलेगा. यह पहल स्थानीय कारीगरों और किसानों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी.

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Kishanganj News: किशनगंज जिले के रेलवे स्टेशनों पर ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों को सिर्फ रेलवे की सुविधाएं ही नहीं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय स्वाद और हुनर से भी रूबरू होने का मौका मिलेगा. रेलवे ने जिले के तीन स्टेशनों को ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ (OSOP) योजना के तहत चयनित किया है. इसके तहत अलग-अलग स्टेशनों पर जिले के स्थानीय उत्पादों को बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध कराया जायेगा.

इस पहल से स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे यात्रियों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा. यानी स्टेशन अब केवल यात्रियों के आने-जाने की जगह नहीं रहेंगे, बल्कि स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार का माध्यम भी बनेंगे.

किशनगंज स्टेशन पर मिलेगा लिट्टी-चोखा का स्वाद

वन स्टेशन वन प्रोडक्ट योजना के तहत किशनगंज रेलवे स्टेशन पर लिट्टी-चोखा को स्थानीय उत्पाद के रूप में चुना गया है. इससे जिले की स्थानीय खाद्य संस्कृति को रेलवे स्टेशन के माध्यम से यात्रियों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा.

किशनगंज से गुजरने वाले यात्रियों के लिए स्टेशन पर स्थानीय स्वाद उपलब्ध होना छोटे खाद्य कारोबारियों और इससे जुड़े लोगों के लिए भी रोजगार का नया अवसर बन सकता है.

गलगलिया स्टेशन पर बिकेंगी ताजी सब्जियां

गलगलिया रेलवे स्टेशन पर ताजी सब्जियों को योजना के तहत उत्पाद के रूप में चयनित किया गया है. इससे स्थानीय किसानों और उत्पादकों को अपने उत्पादों के लिए नया बाजार मिलने की उम्मीद है.

रेलवे स्टेशन के माध्यम से ताजी सब्जियों की बिक्री होने से स्थानीय उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच सकेंगे. इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादित वस्तुओं को पहचान मिलने के साथ छोटे कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है.

ठाकुरगंज स्टेशन पर दिखेगा स्थानीय हस्तशिल्प

ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर हस्तशिल्प सामग्री की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध कराया जायेगा. स्थानीय शिल्पकारों के लिए यह पहल खास मायने रखती है, क्योंकि हस्तशिल्प उत्पादों को स्थानीय बाजार से बाहर ग्राहकों तक पहुंचाना अक्सर बड़ी चुनौती होती है.

रेलवे स्टेशन पर बिक्री की सुविधा मिलने से यात्रियों को स्थानीय हस्तशिल्प खरीदने का मौका मिलेगा और शिल्पकारों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए नया मंच मिलेगा.

तीन स्टेशन, तीन स्थानीय उत्पाद

जिले में योजना के तहत चयनित स्टेशनों और उत्पादों की तस्वीर इस तरह है.

किशनगंज रेलवे स्टेशन — लिट्टी-चोखा

गलगलिया रेलवे स्टेशन — ताजी सब्जियां

ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन — हस्तशिल्प सामग्री

किन लोगों को मिलेगा स्टॉल लगाने का मौका?

वन स्टेशन वन प्रोडक्ट योजना के तहत स्टॉल का आवंटन पात्र स्थानीय उत्पादकों को किया जा सकता है. इनमें कारीगर और बुनकर पहचान-पत्र धारक, जनजातीय कारीगर, बुनकर और शिल्पकार शामिल हैं.

इसके अलावा पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों और एमएसएमई के तहत पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों को भी योजना के तहत अवसर मिल सकता है.

इससे स्थानीय स्तर पर काम करने वाले उन लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिनके पास उत्पाद तो हैं, लेकिन उन्हें बेचने के लिए पर्याप्त बाजार उपलब्ध नहीं है.

स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार

वन स्टेशन वन प्रोडक्ट योजना का मकसद स्थानीय और क्षेत्रीय उत्पादों को रेलवे स्टेशनों के जरिये व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है. इसके साथ ही स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों और सूक्ष्म उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त करना भी योजना का उद्देश्य है.

किशनगंज जैसे जिले में इस पहल का असर केवल बिक्री तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है. यदि स्थानीय उत्पादों को यात्रियों के बीच पहचान मिलती है, तो आगे चलकर इन उत्पादों की मांग दूसरे शहरों और बाजारों तक भी पहुंच सकती है.

Kishanganj News: प्रशासन ने स्थानीय लोगों से की भागीदारी की अपील

जिला प्रशासन ने जिले के पात्र कारीगरों, बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों और सूक्ष्म उद्यमियों से योजना का लाभ उठाने की अपील की है. प्रशासन का मानना है कि स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलने से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय उत्पादों की बिक्री से एक तरफ यात्रियों को स्थानीय स्वाद और संस्कृति से जुड़ने का मौका मिलेगा, तो दूसरी तरफ स्थानीय उत्पादकों को अपने सामान के लिए नया बाजार मिलेगा.

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Rahul Kumar

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