सीमावर्ती क्षेत्र में बढ़ी चौकसी, सुरक्षा बल लगा रहे गश्त

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सीमावर्ती क्षेत्र में बढ़ी चौकसी, सुरक्षा बल लगा रहे गश्त

डो-नेपाल सीमा पर अवस्थित गलगलिया सीमावर्ती क्षेत्र में चौकसी काफी बढ़ा दी गयी है

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गलगलिया.

इंडो-नेपाल सीमा पर अवस्थित गलगलिया सीमावर्ती क्षेत्र में चौकसी काफी बढ़ा दी गयी है. भारत द्वारा पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे संभावित युद्ध को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है. किशनगंज जिले नेपाल सीमा से सटे इलाकों में सशस्त्र सीमा बल ने हाई अलर्ट घोषित किया है. भारत की ओर से चलाए गए आपरेशन सिंदूर के बाद भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी और बढ़ा दी गई है. इंडो-नेपाल सीमा गलगलिया के भातगांव एसएसबी की 41वीं बटालियन के अधिकारी, जवान और गलगलिया थाना की पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ सीमा पर लगे हुए हैं. जवानों की ऐसी चौकसी है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता है. वहीं गलगलिया थाना अध्यक्ष राकेश कुमार के नेतृत्व में पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. साथ ही हर एक आने जाने वाले व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही है. साथ ही दिन में दो से तीन बार सीमावर्ती क्षेत्र के चेकपोस्ट का भी खुद दौरा कर वस्तु स्थिति की जानकारी ले रहे हैं. सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण अति संवेदनशील माना जा रहा है. जिस पर एसएसबी के जवान एवं स्थानीय थाना पुलिस पूरी तरह चौकस है. एसएसबी एवं स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ भातगांव बीओपी में बैठक की. सीमा पर तैनात एसएसबी के जवान नेपाल से आने और नेपाल जाने वाले प्रत्येक व्यक्तियों और उनके समानों की सघन जांच के बाद उन्हें जाने दिया जाता है. बता दें कि किशनगंज जिले से नेपाल जाने वाली एक मात्र अधिकृत मार्ग गलगलिया में है जहां एसएसबी की 41वीं वाहिनी भातगांव बीओपी पर एसएसबी के पदाधिकारियों और जवानों की चौकसी लगातार बनी हुई है. चार पहिये वाहनों के बोनट और डिक्की की तालाशी करने के बाद ही जाने दिया जाता है. संदिग्ध लोगों की तालाशी के लिये सीमा पर मेटल डिडेक्टर और स्वान दस्ता से भी जांच की जा रही है. गलगलिया थाना अध्यक्ष राकेश कुमार, बीओपी प्रभारी एसएसबी ने बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे मामले को देखते हुए सीमा पर ज्यादा से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है. सीमा सुरक्षा को देखते हुए नेपाल आने जाने वाले प्रत्येक वाहनों व लोगों की सघन तालाशी करने के पश्चात ही उन्हें जाने दिया जाता है. वही युद्ध की स्थिति को देखते हुए वर्तमान में सभी जवानों की छुट्टी को रद्द कर दिया गया है.

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अवधेश कुमार

लेखक के बारे में

By अवधेश कुमार

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

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