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शत-प्रतिशत एनक्वास प्रमाणीकरण के लिए सदर अस्पताल में विभागीय समीक्षा, सुधारों पर जोर

Updated at : 05 Dec 2024 9:25 PM (IST)
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शत-प्रतिशत एनक्वास प्रमाणीकरण के लिए सदर अस्पताल में विभागीय समीक्षा, सुधारों पर जोर

शत-प्रतिशत एनक्वास (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स) प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने के लिए सदर अस्पताल में शुक्रवार को प्रभारी उपाधीक्षक डॉ शाहनवाज रिज़वी की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई.

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किशनगंज. शत-प्रतिशत एनक्वास (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स) प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने के लिए सदर अस्पताल में शुक्रवार को प्रभारी उपाधीक्षक डॉ शाहनवाज रिज़वी की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में अस्पताल के सभी प्रमुख विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा की गई और एनक्वास मानकों पर खरा उतरने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर चर्चा हुई. इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ राजेश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे.

एनक्वास प्रमाणीकरण की दिशा में समीक्षा बैठक

बैठक के दौरान अस्पताल के विभिन्न विभागों, जैसे इमरजेंसी सेवाएं, ओपीडी, आईसीयू, प्रसूति विभाग, फार्मेसी और लैबोरेटरी की कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा की गई. डॉ. शाहनवाज रिज़वी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे एनक्वास के मापदंडों के अनुरूप कार्य करें और सुधार की प्रक्रिया को तेज करें. उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत प्रमाणीकरण के लिए सभी विभागों को एकजुट होकर काम करना होगा. स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और मरीजों की देखभाल में किसी भी प्रकार की कमी स्वीकार्य नहीं होगी. सेवाओं की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं. सिविल सर्जन डॉ राजेश कुमार ने कहा कि एनक्वास प्रमाणीकरण केवल एक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता है. टीम वर्क और पारदर्शिता के माध्यम से हम इसे हासिल करेंगे. हर विभाग को अपनी भूमिका का महत्व समझना होगा और सुधारात्मक कदम उठाने होंगे.

आवश्यक सुधार और आगे की रणनीति

बैठक में गैप असेसमेंट के दौरान पहचानी गई कमियों पर चर्चा की गई और उन्हें दूर करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए. इसमें स्वच्छता मानकों का सख्ती से पालन, मरीजों की शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करना, और सभी चिकित्सा उपकरणों की नियमित जांच सुनिश्चित करना शामिल है. अस्पताल प्रबंधन ने यह भी आश्वासन दिया कि सुधारात्मक कार्रवाई पर नियमित निगरानी की जाएगी.

समर्पण और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता

बैठक के अंत में प्रभारी उपाधीक्षक ने सभी विभाग प्रमुखों से सामूहिक प्रयासों के साथ कार्य करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा किशत-प्रतिशत एनक्वास प्रमाणीकरण के लिए हर कर्मचारी का योगदान महत्वपूर्ण है. मरीजों की संतुष्टि और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. सदर अस्पताल को एनक्वास प्रमाणीकरण दिलाने के लिए जिला प्रशासन, सिविल सर्जन और अस्पताल प्रबंधन की यह संयुक्त पहल मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. सभी विभागों के सहयोग और सुधारात्मक कदमों के साथ, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अस्पताल राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरे और जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का उदाहरण बने. शत-प्रतिशत एनक्वास (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स) प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने के लिए सदर अस्पताल में शुक्रवार को प्रभारी उपाधीक्षक डॉ शाहनवाज रिज़वी की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में अस्पताल के सभी प्रमुख विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा की गई और एनक्वास मानकों पर खरा उतरने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर चर्चा हुई. इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ राजेश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे.

एनक्वास प्रमाणीकरण की दिशा में समीक्षा बैठक

बैठक के दौरान अस्पताल के विभिन्न विभागों, जैसे इमरजेंसी सेवाएं, ओपीडी, आईसीयू, प्रसूति विभाग, फार्मेसी और लैबोरेटरी की कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा की गई. डॉ. शाहनवाज रिज़वी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे एनक्वास के मापदंडों के अनुरूप कार्य करें और सुधार की प्रक्रिया को तेज करें. उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत प्रमाणीकरण के लिए सभी विभागों को एकजुट होकर काम करना होगा. स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और मरीजों की देखभाल में किसी भी प्रकार की कमी स्वीकार्य नहीं होगी. सेवाओं की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं. सिविल सर्जन डॉ राजेश कुमार ने कहा कि एनक्वास प्रमाणीकरण केवल एक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता है. टीम वर्क और पारदर्शिता के माध्यम से हम इसे हासिल करेंगे. हर विभाग को अपनी भूमिका का महत्व समझना होगा और सुधारात्मक कदम उठाने होंगे.

आवश्यक सुधार और आगे की रणनीति

बैठक में गैप असेसमेंट के दौरान पहचानी गई कमियों पर चर्चा की गई और उन्हें दूर करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए. इसमें स्वच्छता मानकों का सख्ती से पालन, मरीजों की शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करना, और सभी चिकित्सा उपकरणों की नियमित जांच सुनिश्चित करना शामिल है. अस्पताल प्रबंधन ने यह भी आश्वासन दिया कि सुधारात्मक कार्रवाई पर नियमित निगरानी की जाएगी.

समर्पण और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता

बैठक के अंत में प्रभारी उपाधीक्षक ने सभी विभाग प्रमुखों से सामूहिक प्रयासों के साथ कार्य करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा किशत-प्रतिशत एनक्वास प्रमाणीकरण के लिए हर कर्मचारी का योगदान महत्वपूर्ण है. मरीजों की संतुष्टि और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. सदर अस्पताल को एनक्वास प्रमाणीकरण दिलाने के लिए जिला प्रशासन, सिविल सर्जन और अस्पताल प्रबंधन की यह संयुक्त पहल मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. सभी विभागों के सहयोग और सुधारात्मक कदमों के साथ, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अस्पताल राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरे और जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का उदाहरण बने.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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