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बाढ़ के कारण घर से बेघर हुए सैकड़ों लोग

Updated at : 04 Oct 2019 8:53 AM (IST)
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बाढ़ के कारण घर से बेघर हुए सैकड़ों लोग

भरगामा : बिलेनिया नदी में आये उफान के बाद खजुरी के बाढ़पीड़ित अररिया-सुपौल एनएच 327 ई पर खजूरी के पास शरण ले रहे हैं. पीड़ित ग्रामीण खजूरी गांधीनगर, सरपंच टोला व बलुआही टोला आदि टोले के रहने वाले हैं. खजूरी गांधीनगर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क भी एनएच के आगे कट गयी है. इस कारण मार्ग पर […]

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भरगामा : बिलेनिया नदी में आये उफान के बाद खजुरी के बाढ़पीड़ित अररिया-सुपौल एनएच 327 ई पर खजूरी के पास शरण ले रहे हैं. पीड़ित ग्रामीण खजूरी गांधीनगर, सरपंच टोला व बलुआही टोला आदि टोले के रहने वाले हैं. खजूरी गांधीनगर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क भी एनएच के आगे कट गयी है.

इस कारण मार्ग पर आवागमन बाधित है. साथ ही गांधीनगर का खजूरी आदि जगहों से संपर्क भंग हो गया है. पीडि़त ग्रामीणों का कहना है कि नेपाल जल अधिग्रहण क्षेत्र से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है. वहीं खजूरी के समीप नदी पर बने डायवर्सन होकर पानी का सीमित मात्रा में निकास नहीं हो पा रहा है. इस कारण पानी उनके गांव व टोले में प्रवेश कर रहा है.
इन ग्रामीणों ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है. गुरुवार सुबह से ही बाढ़ पीडि़त एनएच पर प्लास्टिक टांगकर अपना अस्थायी ठिकाना बना रहे हैं. पीडि़त चंदन ऋषिदेव, महेश्वरी ऋषिदेव, देवानंद ऋषिदेव, ब्रहमदेव ऋषिदेव व अरविंद ऋषिदेव आदि ने बताया कि बीते पांच दिनों से उनलोगों के घर-आंगन में चार से पांच फीट तक पानी लगा हुआ है. पानी बढ़ ही रहा है.
इस कारण उनलोगों को टोले से निकलकर सड़क पर आना पड़ा. पीड़ितों का आरोप है कि प्रशासन ने अबतक उनलोगों की सुधि नहीं ली है. न तो उनलोगों के खाना का ठिकाना है न ही मवेशी के लिए चारे का. बच्चे भूख से बिलबिला रहे हैं. सारा खेत-खलिहान पानी में डूब गया है.
इधर, पैकपार वार्ड नंबर 13 के भी पीड़ित बाढ़ से परेशान हैं. लोगों के सामने भोजन व शुद्ध पेयजल की समस्या आ पड़ी है. लोगों ने प्लास्टिक, भोजन व चिकित्सकीय सुविधा की मांग की है. इधर, भरगामा बीडीओ मंजू कुमारी कण कण ने बताया कि बाढ़ की स्थिति नहीं है. जलजमाव है. दो-चार लोग ही एनएच पर शरण लिये हुए हैं व इसे अपने स्तर से देखा जा रहा है.
जाप ने की राहत शिविर लगाने की मांग : खजूरी के सैकड़ों लोग एनएच पर शरण लिये हुए हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर उनलोगों को अबतक जीवनोपयोगी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवायी गयी हैं.
उक्त बातें जाप प्रखंड अध्यक्ष आदित्य कुमार उर्फ लड्डू यादव ने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात के बाद कही. उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ित के समक्ष भोजन, शुद्ध पेयजल की समस्या है. उन्होंने प्रशासन से मानवीय आधार पर बाढ़ पीड़ितों के लिए अविलंब राहत शिविर चलाने के साथ तत्काल प्लास्टिक, मोमबत्ती व सूखा राशन देने की मांग की है.
भूख से बिलबिलाते रहे बच्चे
एनएच पर शरण लेने पानी टपकर आये पीड़ितों के छोटे-छोटे बच्चे भूख से बिलबिलाते देखे गये. बड़े बच्चे तो अपने घरों से सामान लाने के लिए आ-जा रहे थे, लेकिन छोटे बच्चों का बुरा हाल था. कई जगह महिलाएं आस-पास से ईंट एकत्रित कर अस्थायी चूल्हा बनाने का प्रयास कर रही थी. वहीं उनके छोटे बच्चे खाली थाली लेकर निर्माणाधीन चूल्हे के पास बैठ खाना का इंतजार कर रहे थे.
यहां बता दें कि गांधीनगर समेत आसपास के टोले में बीते पांच दिनों से पानी का जमाव है. चूल्हे में पानी घुसने के कारण टोले में खाना बनाने पर भी आफत थी. इन सबके बीच प्रशासनिक संवेदनहीनता का आलम यह रहा कि जहां बीडीओ इस आपदा को बाढ़ मानने से इंकार करती रहीं वहीं अन्य प्रशासन के लोगों ने इनलोगों की सुधि तक नहीं ली.
खजूरी के बाढ़ पीड़ितों पर पड़ी दोहरी मार
खजूरी के बाढ़ पीड़ितों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. उनलोगों पर एक ओर प्रकृति की मार तो दूसरी ओर प्रशासन का डंडा चला है. बता दें कि पिछले दिनों बिलेनिया नदी के पानी के जमाव से आजिज लोगों ने खजूरी डायवर्सन को तोड़ने का प्रयास किया था.
इस कारण पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा था. लोगों ने डायवर्सन तोड़ने की मांग को लेकर सड़क भी जाम किया था. मामले को लेकर अंचलाधिकारी संजय कुमार के आवेदन पर भरगामा थाने में मामला दर्ज कर 10 नामजद व 200 अज्ञात महिला-पुरुष को आरोपी बनाया गया था.
राहत की मांग को लेकर बाढ़ पीड़ितों ने किया जाम
गुरुवार दोपहर बाद राहत की आस लगाये बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा फूट पड़ा. लोग सड़क पर उतर आये व एनएच जाम कर दिया. इस कारण एनएच पर महाजाम लग गया. एनएच के दोनों ओर सैकड़ों वाहन जाम में फंस गये. इस दौरान जाम समर्थकों ने प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की.
हालांकि प्रशासन के द्वारा राहत आदि दिये जाने के आश्वासन पर लोगों ने दो घंटे बाद जाम को समाप्त कर दिया. बाढ़ पीड़ितों का आरोप था कि उनलोगों के घर-दरवाजे पर बीते पांच दिनों से चार से पांच फीट बह रहा है. घर-दरवाजे पर पानी लगा होने के कारण उनलोगों को खाने के भी लाले हैं. बच्चे भूख से बिलख रहे हैं. मवेशियों का चारा नहीं है.
बाढ़ पीड़ित इस बात से भी आक्रोशित थे कि पिछले दिनों सड़क जाम के दौरान उनलोगों को खदेड़ा गया व अंचलाधिकारी के द्वारा उनलोगों पर मुकदमा भी दायर किया गया. जाम की सूचना पर एडीएम अनिल ठाकुर, सीओ संजय कुमार, एनएच के सहायक अभियंता अशोक कुमार एसडीओ युनूस अंसारी जाम स्थल पर पहुंचकर पानी निकासी का आश्वासन दिया. इसके बाद लोगों ने जाम समाप्त किया.
गरीब किसानों पर से केस हटाने की मांग
अररिया. नदी की मुख्यधारा धारा में डायवर्सन नहीं बनाने के कारण जलनिकासी नहीं होने से हजारों एकड़ फसल लगी जमीन में नदी का अत्यधिक पानी घुस जाने से किसानों की फसल नष्ट हो गयी. किसान व मजदूरों के घरों में 3-4 फीट पानी घुस जाने से अधिकांश कच्चे मकान व अन्य उपयोगी सभी सामान क्षतिग्रस्त हो गये.
इससे आमलोगों का जीना दूभर हो गया है. उक्त बातों की जानकारी भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सह जिला प्रभारी कटिहार चंद्रशेखर सिंह बब्बन ने डीएम को पत्र लिखकर दी है. उन्होंने डीएम से समय रहते इस संकट से मुक्ति दिलाने को ले ठोस कदम उठाने की अपील की है.
साथ ही उन्होंने अपने स्तर से खजुरी डायवर्सन स्थल और परिस्थिति का अवलोकन कर सबसे पहले ग्रामीणों के पर दर्ज मुकदमे से निजात दिलाने की गुहार लगायी है.साथ ही घर तथा फसल क्षति का सर्वेक्षण कराकर अतिशीघ्र विस्थापित लोगों के बीच राहत केंद्र खोलकर जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए समुचित प्रबंध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की अपील की है.
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