जेई की नियुक्ति मामले की नगर विकास व आवास विभाग करेगी जांच
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 16 Oct 2024 11:26 PM
जेई की नियुक्ति मामले की नगर विकास व आवास विभाग करेगी जांच
प्रतिनिधि, खगड़िया
नगर परिषद के जेई की नियुक्ति मामले की नगर विकास व आवास विभाग जांच करेगी. नगर परिषद के सभापति अर्चना कुमारी ने कार्यपालक पदाधिकारी को जेई रौशन कुमार के वेतन सहित सभी प्रकार के भुगतान पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है. उन्होंने कार्यपालक पदाधिकारी को भेजे पत्र में कहा कि नगर परिषद के कनीय अभियंता की बहाली अवैध होने की जानकारी मिली है. इनके द्वारा वित्तीय अनियमितता की भी शिकायत मिली है. जांच पूरी होने तक जेई के वेतन समेत सभी प्रकार के भुगतान पर रोक लगाने को कहा है. उन्होंने कहा कि जेई की नियुक्ति मामले की जांच के लिए नगर विकास व आवास विभाग को पत्र लिखा गया है. जल्द ही जांच करायी जायेगी, जब तक जांच पूरी नहीं होती है. तब तक जेई से सभी प्रकार के संचिका का प्रभार अन्य कर्मी को दिया जाय. यदि किसी भी प्रकार की भुगतान की जाती है और अनियमितता पायी जाती है, तो इसकी सारी जवाबदेही कार्यपालक पदाधिकारी की होगी. जांच प्रभावित नहीं हो. इसके लिए रौशन कुमार के कार्यालय प्रवेश पर भी रोक लगायी जाती है.
स्थापना सहायक से जवाब-तलब
नगर सभापति अर्चना कुमारी ने नगर परिषद के स्थापना सहायक अमरनाथ झा को भी पत्र देकर सात बिंदुओं पर जवाब मांगा है. सभापति ने तीन दिनों के अंदर संचिका उपस्थापित करने का आदेश दिया है. उन्होंने अमरनाथ झा को आदेश दिया है कि जेई के रूप में रौशन कुमार बहाली नगर विकास व आवास विभाग के किस पत्र के आलोक में की गयी. विज्ञापन के उपरांत कुल कितने अभ्यर्थियों से आवेदन प्राप्त हुआ था. क्या कनीय अभियंता के पद पर कार्यरत रौशन कुमार ने अपना आवेदन दिया था. उन्होंने कहा कि किस कारण से 2012-13 में प्रकाशित विज्ञापन को रद्द किया गया था. वर्तमान जेई की नियुक्ति सशक्त के किस प्रस्ताव के आलोक में और कितने दैनिक भत्ता पर कुल कितने अवधि के लिए गया गया था. किस प्रस्ताव के आलोक में दैनिक दर से स्थायी कर संविदा पर बहाल कर दिया गया. क्या समयावधि विस्तार बोर्ड अथवा सशक्त से अनुमति प्राप्त कर कि गयी थी. मानदेय निर्धारण करने का आधार क्या था. वर्तमान में जेई का मानदेय किस आधार पर भुगतान किया जा रहा है. वर्ष 2023-24 में जेई द्वारा मानदेय का एरियर राशि चार लाख रुपये का भुगतान किस आधार पर किया गया. इसके अलावा कई बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है. इधर, नप के जेई रौशन कुमार ने बताया कि सभी आरोप बेबुनियाद है. समय आने पर जवाब दिया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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