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कोसी नदी के जद्द में आया सिसुआ गांव, तेज़ हुआ तटीय कटाव, जनसुरक्षा पर मंडराया संकट

Updated at : 07 Jul 2025 9:29 PM (IST)
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कोसी नदी के जद्द में आया सिसुआ गांव, तेज़ हुआ तटीय कटाव, जनसुरक्षा पर मंडराया संकट

कटाव के प्रभाव से आस पास की रिहायशी बस्तियां, खेत और अन्य जन संपत्ति खतरे की जद में आ चुके हैं.

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जिलाधिकारी के पत्र पर प्रधान सचिव ने दिए तत्काल निरीक्षण व तकनीकी जांच के निर्देश

खगड़िया. गोगरी प्रखंड के सिसुआ गांव में कोसी नदी के दाहिने तट पर हो रहे तेज़ और लगातार कटाव ने स्थानीय ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है. नदी की धारा में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण तटीय क्षेत्रों में ज़मीन का कटाव बेहद भयावह रूप ले चुका है, जिससे बस्तियां, खेत और ग्रामीण सड़कें संकट में हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी नवीन कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-02 (एफसीडी-2), को स्थल निरीक्षण के आदेश दिए. बताया जाता है कि डीएम के आदेश पर 5 जुलाई को अभियंताओं की टीम ने कटाव क्षेत्र का निरीक्षण किया. इस दौरान यह बातें सामने आई कि कोसी नदी द्वारा दाहिने तट पर लगभग 25 फीट ऊंचाई तक ऊर्ध्वाधर कटाव किया जा रहा है. कटाव स्थल से मात्र 60 मीटर की दूरी पर ग्रामीण सड़क है, जो वहां के लोगों की संपर्क व्यवस्था की रीढ़ है. कटाव के प्रभाव से आस पास की रिहायशी बस्तियां, खेत और अन्य जन संपत्ति खतरे की जद में आ चुके हैं. निरीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधान सचिव, जल संसाधन विभाग, बिहार को एक आपात पत्र भेजा. पत्र में शीघ्र तकनीकी हस्तक्षेप और आपदा प्रबंधन की मांग की गई. पत्र पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रधान सचिव द्वारा तुरंत निर्देश जारी किए गए कि ड्रोन के माध्यम से सिसुआ गांव की ताज़ा तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्डिंग कर विभाग को भेजी जाए, ताकि समुचित तकनीकी आकलन के आधार पर कार्य योजना बनाई जा सके.

शिशवा गांव में युद्धस्तर पर फ्लड फाइटिंग कार्य शुरू

सरसावा पंचायत स्थित शिशवा गांव में कोसी नदी के लगातार कटाव से ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल बना हुआ था. स्थानीय प्रशासन की पहल और विभागीय सक्रियता के तहत सोमवार से फ्लड फाइटिंग कार्य की शुरुआत कर दी गई है. बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-2 के सहायक अभियंता मनोज कुमार ने जानकारी दी कि 1300 मीटर लंबी दूरी में स्लोप कटिंग, बम्बू पायलिंग और उसके बाद एनसी फिलिंग कर स्लोप पीचिंग का कार्य किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि कार्य को युद्धस्तर पर किया जा रहा है, क्योंकि कटाव की गति अत्यधिक तेज़ है. विभागीय टीम लगातार निगरानी और तकनीकी कार्यों में जुटी है ताकि ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. शिशवा गांव में कोसी नदी के रौद्र रूप ने जनजीवन को प्रभावित किया है.

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बॉक्स के लिए खबर

खगड़िया. सांसद राजेश वर्मा ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर चौथम प्रखंड के सरसावा पंचायत में कोसी नदी से हो रहे भीषण कटाव पर पहल करने को कहा है. सांसद ने कहा कि कोशी नदी के मुहाने पर बसे सरसावा पंचायत के सिसवा, टेकरिया के कई एकड़ भूमि तथा दर्जनों घर कोसी नदी में विलीन हो चुका है. कहा कि प्रतिदिन हालात और भी भयावह होता जा रहा है. यदि समय रहते आवश्यक कटाव निरोधक कार्य नहीं करवाया गया तो इससे काफी नुकसान होने की संभावना है, बल्कि जान माल की क्षति का भी आशंका है. कटाव स्थल का निरीक्षण करते हुए आवश्यक पहल किया जाय. सांसद ने बताया कि पिछले वर्ष बेलदौर, खगड़िया, अलौली,परबत्ता में कई जगहों पर वर्षो से भीषण कटाव हो रहा था. बाढ़ से पूर्व सभी जगहों पर कटावरोधी कार्य पूर्ण कराने के लिए लगातार स्थानीय अधिकारी से लेकर विभाग के वरीय अधिकारियों से मिलकर कार्य को पूर्ण कराया गया था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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