खगड़िया के स्कूल में बैठक के दौरान तीखी बहस, सरकारी राशि और मिड-डे मील पर सवाल, समिति ने रखीं 8 मांगें

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शिक्षा समिति की बैठक में भाग लेते एचएम व सदस्य. | Prabhat Khabar Network

Khagaria School Mid Day Meal : खगड़िया के मध्य विद्यालय खैरी खुटहा में मिड-डे मील की गुणवत्ता और सरकारी राशि के खर्च को लेकर विद्यालय शिक्षा समिति और प्रधानाध्यापक के बीच तीखी बहस हुई. समिति ने व्यवस्था सुधार के लिए आठ प्रस्ताव रखे, जिन पर प्रधानाध्यापक की सहमति नहीं मिली.

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Khagaria School Mid Day Meal : अलौली प्रखंड के मध्य विद्यालय खैरी खुटहा में विद्यालय संचालन, मध्यान भोजन और सरकारी राशि के खर्च को लेकर विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों और प्रधानाध्यापक रामानंद कुमार के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर तीखी बहस होने की बात सामने आयी है.

समिति सदस्यों ने बच्चों और अभिभावकों से मिली शिकायतों का हवाला देते हुए विद्यालय व्यवस्था में सुधार के लिए आठ प्रस्ताव प्रधानाध्यापक के समक्ष रखे. समिति सचिव सरिता कुमारी के अनुसार प्रधानाध्यापक ने किसी भी प्रस्ताव पर सहमति नहीं दी.

सरकारी राशि के खर्च का हिसाब मांगने पर विवाद

समिति सचिव ने विद्यालय को मिली सरकारी राशि के खर्च का ब्योरा और वाउचर के अनुसार हिसाब उपलब्ध कराने की मांग की. आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने हिसाब देने से इनकार करते हुए कहा कि सरकारी राशि से सभी आवश्यक काम करा दिये गये हैं.

जब समिति की ओर से कार्यों की जानकारी मांगी गयी तो प्रधानाध्यापक ने कक्षा एक और दो की छत की मरम्मत, चार कमरों की पेंटिंग और दीवारों पर पेंटिंग कराने की बात कही.

समिति सदस्यों का आरोप है कि दो कमरों की छत की मरम्मत अभी भी अधूरी है. बारिश होने पर कमरों में पानी आने की समस्या बनी हुई है. सदस्यों ने अधूरी मरम्मत का काम पूरा कराने की मांग की.

मध्यान भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल

बैठक में विद्यालय में बच्चों को दिये जाने वाले मध्यान भोजन की व्यवस्था को लेकर भी शिकायत सामने आयी. समिति सदस्यों के अनुसार विद्यालय में करीब 300 से 320 बच्चों की उपस्थिति रहती है, लेकिन लगभग 150 से 160 बच्चे ही मध्यान भोजन करते हैं.

सदस्यों ने सवाल उठाया कि आखिर आधे बच्चे भोजन क्यों नहीं करते. बच्चों की ओर से पर्याप्त थाली और गिलास उपलब्ध नहीं होने की बात भी बतायी गयी. समिति ने विद्यालय में बच्चों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त थाली और गिलास उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा.

रसोइयों की उपस्थिति और शिक्षक-अभिभावक बैठक का प्रस्ताव

समिति की ओर से विद्यालय में बच्चों के अनुशासन से जुड़े मुद्दे भी उठाये गये. सदस्यों ने बच्चों को कक्षा के बाहर अनावश्यक रूप से घूमने से रोकने की व्यवस्था करने की मांग की.

इसके अलावा विद्यालय में कार्यरत करीब छह रसोइयों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और शिक्षक-अभिभावक बैठक सामूहिक रूप से आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया.

सरकारी राशि खर्च करने से पहले समिति को जानकारी देने की मांग

विद्यालय शिक्षा समिति ने प्रस्ताव रखा कि सरकारी राशि का खर्च समिति की बैठक और सदस्यों की जानकारी के बिना नहीं किया जाए. इसके अलावा विद्यालय में शिकायत एवं सुझाव पेटी लगाने की मांग की गयी.

समिति ने सचिव या उनके प्रतिनिधि को विद्यालय का निरीक्षण करने की अनुमति देने और दो कमरों की अधूरी छत की मरम्मत पूरी कराने का प्रस्ताव भी रखा.

सचिव ने लगाया आरोप, प्रधानाध्यापक ने बताया बेबुनियाद

समिति सचिव सरिता कुमारी का आरोप है कि आठों प्रस्ताव रखने के बावजूद प्रधानाध्यापक रामानंद कुमार ने समिति की बात मानने से इनकार कर दिया. उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं और सरकारी राशि के खर्च को लेकर सवाल उठाये.

वहीं प्रधानाध्यापक रामानंद यादव ने समिति सचिव के आरोपों को बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि सचिव पिछले चार महीने से बैठक में शामिल नहीं हो रही हैं और न ही हस्ताक्षर करती हैं. उनके अनुसार इसी वजह से मध्यान भोजन की व्यवस्था प्रभावित होती है.

विद्यालय में सरकारी राशि के खर्च, मध्यान भोजन की व्यवस्था और समिति के अधिकारों को लेकर सामने आये आरोप-प्रत्यारोप के बाद अब मामले में संबंधित विभाग की जांच और स्पष्ट स्थिति सामने आने का इंतजार है.


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