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नागपंचमी आज, मुरादपुर, बिशौनी एवं डुमरिया बुजुर्ग में विशेष पूजा का आयोजन

Updated at : 08 Aug 2024 11:29 PM (IST)
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मंदिर में उमड़ेगा जनसैलाब, बहेगी भक्ति की सरिता

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मंदिर में उमड़ेगा जनसैलाब, बहेगी भक्ति की सरिता

परबत्ता. शुक्रवार को श्रावण मास के शुक्ल पंचमी तिथि को नाग पंचमी पूजा श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया जाएगा. जिसकी तैयारी अंतिम दौर पर है. माधवपुर पंचायत क्षेत्र के मुरादपुर गांव स्थित मां भगवती मंदिर सबकी मुरादें पूर्ण करती है. नागपंचमी पूजा को लेकर माहौल भक्तिमय बना हुआ है. इस मंदिर में नागपंचमी के दिन विशेष पूजन के साथ बली प्रदान एवं ब्रह्माण, कुंवारी भोजन कराने की सदियों पुरानी परंपरा है. इस भगवती मंदिर की स्थापना को लेकर गांव के लोगों में दर्जनों किंवदन्तियां प्रचलित हैं. गांव के सभी लोगों का विश्वास है कि किसी भी विषैला जंतु द्वारा डंसा हुआ व्यक्ति यहां के नीर से स्वस्थ होकर ही जाता है. यह स्पष्ट है कि जो यहां एक बार पूजा कर के जाता है. उसकी मन्नतें पूरी होती है. वह बार बार यहां आता है. भगवती मंदिर में पूजा पाठ देख रेख का कार्य विश्वकर्मा समाज के लोग करते हैं. तीसरी बार हुआ मंदिर का निर्माण व जीर्णोद्धार

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मंदिर की स्थापना काल में यह मिट्टी का हुआ करता था. भगवती और उनके भगत इस मंदिर में ही रहते थे. बाद में गांव के ही मां के भक्त को स्वप्न में यह प्रेरणा दिया कि तुम मेरे मंदिर को सुंदर व सुव्यवस्थित ढंग से बनाओ ताकि आने वाले भक्तों को भक्ति व सेवा करने में असुविधा नहीं हो. कहा जाता है कि मां की प्रेरणा से जब उन्होंने मिट्टी व खपड़ैल के मंदिर को तुड़वाया तो दर्जनों सर्प निकलना शुरु हो गया. इसे देखकर उन्होंने पुजारी पंडित को बुलवाया और उनके प्रार्थना करने के बाद सारे सर्प लुप्त हो गये. इस मंदिर का पुनर्निर्माण कराया गया. इससे मंदिर का भवन व परिसर और भी खिल उठा है. इलाके के लोग इस मंदिर में पूजा अर्चना करने आते हैं.

अतिप्राचीन हैं विषहरी मंदिर डुमरिया बुजुर्ग

सियादतपुर-अगुआनी पंचायत के डुमरिया बुजुर्ग गांव के अंदर में स्थापित मां विषहरी की महिमा अपरंपार है. अतिप्राचीन विषहरी मंदिर डुमरिया बुजुर्ग में दूर दराज से भक्तगण यहां पूजा अर्चना करने आते हैं. गांव के राजीव कुमार, अजय कुंवर, सूरज कुंवर, विकास कुमार, राकेश कुमार, जयप्रकाश कुंवर, दिलीप कुमार आदि ग्रामीण लोगों का विश्वास है कि किसी भी विषैला सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति यहां के नीर से स्वस्थ होकर ही जाता है. मंदिर के पंडित संतोष झा ने बताया कि श्रावण मास के शुक्ल पंचमी तिथि को नाग पंचमी के दिन इस मंदिर में विशेष पूजा अर्चना के साथ फूलाईस, ब्राह्मण एवं कुंवारी भोजन कराने की सदियों पुरानी परंपरा बरकरार है. मां विषहरी के दरबार में जो सच्चे मन से मनोकामनाएं लेकर भक्त आते हैं उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती है.

बिशौनी विषहरी मंदिर में भी विशेष पूजा अर्चना

लगार पंचायत के बिशौनी गांव में स्थित अगुआनी-नारायणपुर जीएन बांध से सटे मां विषहरी मंदिर में नागपंचमी को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है. मंदिर में प्रति वर्ष नागपंचमी के दिन विशेष पूजा, फूलाईस, ब्राह्मण एवं कुंवारी भोजन के साथ महाप्रसाद का वितरण किया जाता है. संध्या में भजन कीर्तन का आयोजन किया जाएगा. बेदानंद मिश्र ने बताया कि श्रद्धा भक्ति के साथ वर्षों से नागपंचमी के दिन पूजा अर्चना किया जाता है. मां विषहरी महिमा अपरंपार है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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