बोरने में अवैध मिट्टी खनन से किसानों की जमीन को हो रहा नुकसान
Updated at : 01 Mar 2026 10:31 PM (IST)
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चौथम प्रखंड के बोरने घाट के समीप अवैध मिट्टी खनन से किसानों की जमीन को नुकसान हो रहा है
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खगड़िया
चौथम प्रखंड के बोरने घाट के समीप अवैध मिट्टी खनन से किसानों की जमीन को नुकसान हो रहा है. उपजाऊ भूमि तालाब में तबदील हो गया है. कई एकड़ उपजाऊ जमीन का मिट्टी रात के अंधेरे में काटा जा रहा है. किसान रात के अंधेरे में भय से नहीं पहुंच रहे हैं. बोरने के एक दर्जन से अधिक किसानों ने मुख्यमंत्री से लेकर जिला प्रशासन को आवेदन देकर उपजाऊ जमीन को खनन माफिया से बचाने का अनुरोध किया है. किसान राम प्रकाश ने बताया कि बोरने घाट बागमती नदी के किनारे खनन माफिया द्वारा अवैध रूप से रात के अंधेरे में बीते 20 दिनों से मिट्टी काटकर बेचा जा रहा है. जिसके कारण पीसीसी सड़क लगभग आधे किलोमीटर तक बागमती नदी में समा गया है. स्थानीय किसान निर्भय सिंह, चंदन कुमार, संतोष कुमार सिंह, तपन सिंह, त्रिभुवन आदि ने बताया कि उनकी उपजाऊ भूमि तहस नहस कर दिया गया. किसानों ने कहा कि पटेल नगर के दो लोगों द्वारा मिट्टी कटवाया जाता है.रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से हो रही मिट्टी की ढुलाई
रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से हाईवे से लेकर गांवों तक बिना रोक-टोक मिट्टी की ढुलाई चल रहा है. किसान तपन सिंह ने बताया कि उनकी उपजाऊ जमीन तालाब में बदल रही है. बरसात में थोड़ी मिट्टी भर जाती है. लेकिन फसल की उपज कम हो जाती है. स्थानीय लोगों ने अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की है. किसानों ने कहा कि कृषि योग्य भूमि का विनाश हो रहा है. अवैध खनन से उपजाऊ भूमि गड्ढों में बदल रही है. भूजल स्तर में गिरावट हो रहा है. खनन के कारण नदी तल नीचे चला जाता है. सिंचाई के लिए पानी की कमी हो जाती है.कहते हैं थानाध्यक्ष
थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि अवैध खनन में उपयोग किये गये कई ट्रैक्टर को जब्त किया गया था. फिलहाल कोई शिकायत नहीं मिली है. जानकारी मिलेगी तो एक भी खनन माफिया नहीं बचेंगे. कार्रवाई होगी.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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