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फर्जी मुकदमा व सूखा नशा की रोकथाम के लिए डीएम से मिले सर्वदलीय डेलीगेट्स

Updated at : 28 Jan 2026 10:40 PM (IST)
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फर्जी मुकदमा व सूखा नशा की रोकथाम के लिए डीएम से मिले सर्वदलीय डेलीगेट्स

फर्जी मुकदमा व सूखा नशा की रोकथाम के लिए डीएम से मिले सर्वदलीय डेलीगेट्स

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समाहरणालय में एकजुट हुए राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ता खगड़िया. जिले के सर्वदलीय डेलीगेट्स ने बुधवार को सूखा नशा, फर्जी मुकदमा की रोकथाम को लेकर डीएम नवीन कुमार से मिले. इसके अलावा धरना स्थल सहित कई मांगों को लेकर डीएम का ध्यान आकृष्ट कराया. डेलीगेट्स में युवा शक्ति के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी, पूर्व चेयरमैन सह राजद जिलाध्यक्ष मनोहर यादव, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष डॉ अविनाश कुमार पासवान, स्वराज इंडिया के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय कुमार सिंह, बसपा जिलाध्यक्ष प्रिंस कुमार, रालोमो के जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह, वीआईपी के रवि कुमार रजक, सामाजिक कार्यकर्ता उद्यमी सुमन कुमार पटेल, अमरीश कुमार, वरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखरम शामिल थे. युवा शक्ति के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी व राजद जिलाध्यक्ष ने कहा कि समाहरणालय के गेट के समक्ष धरना स्थल है, जहां वर्षों से आम लोग लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात प्रशासन व सरकार तक पहुंचाते थे, लेकिन अब धरना प्रदर्शन करने पर रोक लगा दिया गया. धरना प्रदर्शन के दौरान कभी भी समाहरणालय परिसर में किसी तरह की अराजकता नहीं फैली और ना ही कोई क्षति हुई. कहा कि असामाजिक लोगों के अराजकता के कारण सामाजिक और राजनीतिक लोगों की आवाज रोक दी जाय तो न्यायसंगत नहीं है. उन्होंने कहा कि सूखा नशा स्मैक गांव-गांव व शहर शहर फैल गया है. किशोर व युवा इसके चपेट में आ गए हैं. बढ़ते प्रचलन से बच्चे का जीवन ही विनाश की कगार पर पहुंच गया है और स्मैक के कारण अपराध बढ़ गया है. पुलिस शराब और विक्रेता की खोज में रहते हैं. लेकिन, स्मैकर पकड़ में नहीं आता है. उन्होंने कहा कि श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज के संस्थापक डॉ विवेकानंद, संचालक इंजीनियर धर्मेंद्र व उनके पूरे परिवार को राजनीतिक साजिश के तहत फर्जी मुकदमा किया गया है. कहा कि मेडिकल कॉलेज खगड़िया के लिए गौरव है. इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है. समाहरणालय में प्रदर्शनकारियों द्वारा तोड़फोड़ मामले में मुकदमा किया गया, जिसमें 20 से 25 निर्दोष लोगों का भी नाम दे दिया गया. बताया कि कई ऐसे लोगों को नामजद किया गया जो जिला से बाहर पटना, दिल्ली व अन्य जगह थे. जिसे प्रदर्शन से कोई लेना देना नहीं था. आनन-फानन में पुलिस पदाधिकारी को विश्वास में लेकर स्थानीय नेता व व्यक्तिगत विरोधी को केस में नाम डलवाया गया है. कुछ लोग प्रशासन को सहयोग करने में लगे थे, उसे भी नामित कर दिया गया. जांचों उपरांत निर्दोष को मुक्त कराने की मांग की. जिला अधिकारी नवीन कुमार ने शिष्टमंडल को बिंदुवार समस्याओं को सुने. मौके पर शिक्षक नेता मनीष सिंह, पूर्व वार्ड पार्षद रणवीर कुमार, रालोजपा जिलाध्यक्ष शिवराज यादव आदि मौजूद थे.

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