अभिषेक बनर्जी ने मुझे जेल भिजवाया, टीएमसी के बागी नेता अनुब्रत मंडल ने ममता बनर्जी के भतीजे पर लगाये आरोप

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अनुब्रत मंडल.

अनुब्रत मंडल.

Anubrata Mondal Attacks Abhishek Banerjee: टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल ने पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर उन्हें जेल भिजवाने का आरोप लगाया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि ममता बनर्जी ने उन्हें अभिषेक को पद से हटाने की सलाह दी थी.

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Anubrata Mondal Attacks Abhishek Banerjee: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता अनुब्रत मंडल ने कहा है कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की वजह से उन्हें जेल जाना पड़ा. बुधवार को अनुब्रत मंडल ने कहा कि मवेशी तस्करी मामले (Cattle Smuggling Case) में उनकी गिरफ्तारी और जेल यात्रा के पीछे कोई और नहीं, अभिषेक बनर्जी थे. मदन मित्रा के ममता बनर्जी का साथ छोड़कर रीतब्रत बनर्जी गुट में शामिल होने के बाद अनुब्रत ने यह टिप्पणी की.

‘मैं क्यों जेल गया? अभिषेक बनर्जी की वजह से...’

कोलकाता में रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में शामिल होने के लिए जाते समय पत्रकारों से बातचीत में अनुब्रत मंडल ने अपने गुस्से का इजहार किया. उन्होंने कहा- मैं जेल क्यों गया? मैं किसके लिए जेल गया? मैं सिर्फ और सिर्फ अभिषेक बनर्जी की वजह से जेल गया. उन्होंने ही पूरी साजिश रचकर मुझे सलाखों के पीछे भिजवाया था.

ममता बनर्जी ने खुद मुझे 4 बार फोन किया : मंडल

अनुब्रत मंडल ने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने स्वयं उन्हें 4 बार फोन किया था.

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ममता बनर्जी को दी थी भतीजे को किनारे करने की सलाह

अनुब्रत मंडल ने दावा किया कि बातचीत के दौरान उन्होंने ममता बनर्जी को जमीनी हकीकत से रू-ब-रू कराया था. मंडल ने कहा- मैंने पूर्व मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) को सलाह दी थी कि उन्हें दिखावे की राजनीति पर नहीं, बल्कि धरातल की हकीकत पर भरोसा करना चाहिए. मैंने उनसे बार-बार आग्रह किया था कि अभिषेक बनर्जी को पार्टी के पद से तुरंत हटाकर किनारे कर दिया जाये.

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जांच एजेंसियों के डर से नहीं बदला पाला : अनुब्रत

मवेशी तस्करी मामले का जिक्र करते हुए अनुब्रत मंडल ने साफ किया कि उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसियों के डर से अपना खेमा नहीं बदला. उन्होंने कहा कि उन पर लग रहे ऐसे आरोप पूरी तरह निराधार हैं. वे किसी जांच एजेंसी की कार्रवाई से डरने वाले व्यक्ति नहीं हैं. अगस्त 2022 में करोड़ों रुपए के मवेशी तस्करी मामले में सीबीआई ने अनुब्रत मंडल को गिरफ्तार किया था. इसके बाद उन्हें दिल्ली के तिहाड़ जेल में रखा गया था. जुलाई 2024 में उन्हें कोर्ट से जमानत मिली थी.

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‘जल्द ही ममता बनर्जी के साथ कोई नहीं बचेगा’

मदन मित्रा के इस्तीफे पर टिप्पणी करते हुए अनुब्रत मंडल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह तो बस शुरुआत है. आने वाले दिनों में ममता बनर्जी के कुनबे में बड़ी टूट देखने को मिलेगी. उन्होंने दावा किया कि मदन मित्रा का ममता बनर्जी का साथ छोड़ना कोई आखिरी मामला नहीं है. आगे और भी कई बड़े नाम उनका साथ छोड़ने वाले हैं. बहुत जल्द ऐसा समय आयेगा, जब ममता बनर्जी के साथ कोई खड़ा नहीं होगा. हर कोई उनके गुट को छोड़ देगा.

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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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