हावड़ा में PNB से 3.90 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में 3 गिरफ्तार, घर से 1.55 करोड़ रुपए बरामद

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फर्जीवाड़ा करने वालों के घर से बरामद नकदी.

फर्जीवाड़ा करने वालों के घर से बरामद नकदी.

Howrah PNB Fraud: हावड़ा में पीएनबी से फर्जी दस्तावेज पर 3.90 करोड़ का लोन लेकर धोखाधड़ी करने वाले 3 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. छापेमारी में उनके घर से 1.55 करोड़ रुपए नकद बरामद हुए हैं. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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कोलकाता से विकास कुमार गुप्ता की रिपोर्ट

PNB Fraud Howrah: पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. कोलकाता पुलिस के खुफिया विभाग (DD) की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से पुलिस ने करीब 1.55 करोड़ रुपए नकद (कैश) बरामद किये हैं. यह कार्रवाई एंटी बैंक फ्रॉड सेक्शन (Anti-Bank Fraud Section) की मदद से की गयी.

फर्जी बिल्डिंग सैंक्शन प्लान दिखाकर लिया करोड़ों का लोन

मामला वर्ष 2018 के आसपास का है. पुलिस की जांच के अनुसार, मेसर्स आईनिंग्स वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (M/s Iinings Ventures Pvt Ltd) के निदेशकों और गारंटरों ने मिलकर पीएनबी को चूना लगाने की साजिश रची थी. आरोपियों की कंपनी हावड़ा के डुमुरजला स्थित कला बागान लेन में थी.

ऐसा लगााया बैंक को चूना

आरोपियों ने हावड़ा नगर निगम (HMC) का एक जाली और फर्जी बिल्डिंग सैंक्शन प्लान (संशोधित प्लान संख्या: BRC 506, 2017-18) तैयार किया. इस फर्जी दस्तावेज को असली के रूप में पंजाब नेशनल बैंक के सामने पेश किया गया और बैंक अधिकारियों को झांसा देकर 3.90 करोड़ रुपए का कैश क्रेडिट (CC) लोन मंजूर करा लिया गया.

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सिस्टर कंपनियों के जरिये की मनी लाउंडरिंग

लोन की रकम हासिल करने के बाद आरोपियों ने न तो बैंक की ईएमआई (EMI) चुकायी और न ही तय समय सीमा में लोन की राशि वापस की. इसकी बजाय, आरोपियों ने अपनी अन्य सिस्टर कंसर्न (संबद्ध कंपनियों) मेसर्स एडम्स एप्लायंसेज प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स नॉक्स एंड शेफ्स डेक प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स एडमास एप्लायंसेज एंड इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स एडमास फर्नीचर प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खातों में लोन की पूरी राशि ट्रांसफर करते हुए फंड का गबन (Siphoning of Funds) कर लिया.


तापस रॉय, तन्मय रॉय, मानस रॉय.
तापस रॉय, तन्मय रॉय, मानस रॉय.

आधी रात को छापेमारी, 3 गिरफ्तार

धोखाधड़ी की शिकायत मिलने के बाद डीडी एसआईटी (DD SIT) ने मामले की जांच शुरू की. मंगलवार की रात पुलिस टीम ने हावड़ा के नंदलाल चटर्जी लेन स्थित आरोपियों के ठिकानों पर अचानक छापेमारी की. पुलिस ने मौके से 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इनकी पहचान मानस रॉय (पिता- देवकुमार रॉय), तापस रॉय (पिता- देवकुमार रॉय) और तन्मय रॉय (पिता- स्वर्गीय कार्तिक चंद्र रॉय) के रूप में हुई है.

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3 अन्य लोगों की तलाश जारी

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के बयान के आधार पर उनके आवास पर सघन तलाशी ली, जहां से 1.55 करोड़ नकद बरामद हुए. पुलिस ने इस रकम को जब्त कर लिया है. पुलिस इस मामले में अन्य आरोपियों मानस रॉय, स्निग्धा रॉय और प्रशांत चौधरी की तलाश कर रही है. गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 318(4), 316(2), 338, 336(3) और 340(2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें पुलिस कस्टडी के लिए अदालत में पेश किया जा रहा है.


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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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