गबन के आरोपी को स्थानांतरण कर बचाया

Published at :07 Apr 2016 5:16 AM (IST)
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गबन के आरोपी को स्थानांतरण कर बचाया

निरीक्षण के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. मामला मध्य विद्यालय कमरी से जुड़ा हुआ है. इस विद्यालय के तत्कालीन प्रधानाध्यापक मो शमसेर अली के विरूद्ध जिला मध्याह्न भोजन प्रभारी चन्द्रशेखर शर्मा ने एमडीएम मद में 55 हजार गबन के मामले प्राथमिकी दर्ज करवायी थी. जिसके बाद प्रधान शिक्षक मो अली को निलंबित कर […]

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निरीक्षण के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. मामला मध्य विद्यालय कमरी से जुड़ा हुआ है. इस विद्यालय के तत्कालीन प्रधानाध्यापक मो शमसेर अली के विरूद्ध जिला मध्याह्न भोजन प्रभारी चन्द्रशेखर शर्मा ने एमडीएम मद में 55 हजार गबन के मामले प्राथमिकी दर्ज करवायी थी. जिसके बाद प्रधान शिक्षक मो अली को निलंबित कर दिया गया,

लेकिन आरोपी प्रधानध्यापक को बचाने के लिए विभाग ने सारे नियम कायदे ताक पर रख दिये. डीइओ डॉ ब्रज किशोर सिंह के निर्देशानुसार डीपीओ स्थापना ने मो अली का निलंबन तोड़ कर दूसरे विद्यालय में स्थानांतरण तक कर दिया. पूरे मामले में लीपापोती की नीयत से स्थानांतरण किया गया है.

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर उस विद्यालय में यूनिट भी नहीं रहने के बावजूद मो अली का स्थानांतरण किस परिस्थति में किया गया? बिना स्वीकृत यूनिट के शिक्षा विभाग के अधिकारी ने स्थानांतरण कर गबन के आरोपी शिक्षक को बचाने की कोशिश क्यों की. इस स्कूल को आठ अतिरिक्त कमरा निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2011-12 में विद्यालय को 15 लाख 88 हजार 330 रुपये आवंटन दिया गया था. स्थानांतरण के बाद विद्यालय का भवन निर्माण अधूरा छोड़ संबंधित शिक्षक मजे से दूसरे विद्यालय में नौकरी कर रहे हैं.

सरकारी स्कूलों का सच धीरे-धीरे सामने आ रहा है. विभिन्न प्रखंडों में स्कूलों का निरीक्षण में चौंकाने वाले खुलासे से विभाग सन्न हैं. कहीं
प्रधान शिक्षक के साथ-साथ शिक्षक गायब तो किसी स्कूल में ताला बंद. प्रतिनियुक्ति का गोरखधंधा का सच सबके सामने हैं. ऐसी कई सच्चाई सामने आने के बाद शिकंजा कसने की उम्मीद जतायी जा रही है.
खगड़िया : अलौली के बाद अब परबत्ता के सरकारी स्कूलों का सच सामने आया है. बुधवार को शिक्षा विभाग की 19 टीम ने परबत्ता के 130 सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया. इससे शिक्षकों में हड़कंप मच गया. कहीं प्रधान शिक्षक गायब तो कहीं शिक्षक फरार. प्रतिनियुक्ति के खेल का खुलासा के साथ -साथ निरीक्षण में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आने के बाद अब लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है.
डीपीओ सर्व शिक्षा अभियान अनिल कुमार सिंह व डीपीओ मध्याह्न भोजन चंद्र शेखर शर्मा के नेतृत्व में 24 बीआरसी व सीआरसी की 19 टीम परबत्ता के विभिन्न स्कूलों के सच से रूबरू हुए.
रंग-रोगण के पैसों का गोलमाल
सरकारी स्कूलों में शिक्षक के गायब रहने बीच रंग-रोगण की राशि के गोलमाल का भी खुलासा हुआ है. निरीक्षण के दौरान 26 ऐसे स्कूल मिले, जहां राशि उठाव के बाद भी रंग-रोगण नहीं किया गया था. जांच टीम ने राशि उठाव कर गबन की आशंका जताते हुए कार्रवाई के संकेत दिये हैं. प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय को 12 हजार व मध्य विद्यालय को 22 हजार रुपये रंग-रोगण के लिए दिये जाते हैं. वहीं प्राथमिक विद्यालय जागृति टोला में पूर्व शिक्षिका द्वारा स्कूल के कमरे में मारे गये ताला को तोड़ कर प्रधान शिक्षक को प्रभार दिलवाया गया.
डीइओ व बीडीओ के कारनामे की खुली पोल
प्रतिनियुक्ति पर रोक लगाने के तमात दावों के बीच परबत्ता के करीब दो दर्जन शिक्षक-शिक्षिकाओं का प्रतिनियोजन कर नियम कायदे की खिल्ली उड़ाई जा रही है. निरीक्षण के क्रम में करीब एक दर्जन शिक्षकों का प्रतिनियोजन बीडीओ द्वारा किये जाने का खुलासा हुआ है. इसी तरह डीइओ व डीपीओ स्थापना से लेकर अन्य अधिकारियों द्वारा मनपसंद जगहों पर प्रतिनियोजन का खेल किया गया है. मीनाक्षी, बॉबी, साहिदा परवीन, गायत्री, रुपम कुमारी, शबनम बानो, राधा कुमारी आदि शिक्षिकाओं के प्रतिनियोजन में सारे नियम कायदे ताक पर रख दिये गये.
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