कोसी में बह गया डुमरी पुल का एप्रोच पथ

कोसी में बह गया डुमरी पुल का एप्रोच पथ फोटो 9, 10 व 11 मेंकैप्सन- पुल के क्षतिग्रस्त भाग के समीप बना नवनिर्मित एप्रोच पथ कोसी में समाया कामाथान मुसहरी समीप नदी ने लिया यू टर्न नाव ही बना है आवागमन का सहाराबेलदौर. आवागमन संकट से जूझ रहे लोगों की परेशानी कम होने के बदले […]
कोसी में बह गया डुमरी पुल का एप्रोच पथ फोटो 9, 10 व 11 मेंकैप्सन- पुल के क्षतिग्रस्त भाग के समीप बना नवनिर्मित एप्रोच पथ कोसी में समाया कामाथान मुसहरी समीप नदी ने लिया यू टर्न नाव ही बना है आवागमन का सहाराबेलदौर. आवागमन संकट से जूझ रहे लोगों की परेशानी कम होने के बदले दिन व दिन बढ़ती ही जा रही है. चाहे सरकार या विभाग की उदासीनता हो या कार्य एजेंसी की लापरवाही, कोसी नदी पार करने में हर रोज हो रही परेशानियों से जूझना कोसी वासियों को ही पड़ता है. बह गया एप्रोच पथशुक्रवार की देर शाम डुमरी पुल मरम्मत के लिये इसके क्षतिग्रस्त भाग के नीचे भारी मशीन के आवागमन के लिए बनाया गया लगभग 70 फीट का एप्रोच पथ नदी में बह गया. इसके कारण अगर कार्य एजेंसी द्वारा कोई ठोस पहल कर वैकल्पिक एप्रोच पथ बनाया भी जायेगा, तो संभावित बाढ़ के पूर्व तक दो पाया के निर्माण के लिये बेल फाउंडेशन का कार्य पूर्ण हो पाना संभव प्रतीत नहीं हो रहा है.कहते हैं प्रोजेक्ट मैनेजर इस संदर्भ में कार्य एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर केके रंजन ने बताया कि एक पखवारे के प्रयास से उसराहा घाट की ओर से 70 मीटर तक एप्रोच पथ बना दिया गया था. जबकि 75 मीटर तक एप्रोच पथ बनाकर चिह्नित स्थल पर पहले पाये के लिऐ बेल फाउंडेशन का कार्य प्रारंभ करना था. लेकिन अचानक कामाथान मुसहरी के समीप नदी ने यू टर्न लेकर कटाव शुरू कर दिया. इसके कारण कार्यस्थल पर भी नदी के कटाव की चपेट में आकर एप्रोच पथ बह गया. कामाथान मुसहरी के समीप भी नदी की धारा को बदलने के लिऐ काफी सैंड बैग एवं बांस का बंडल गिराया गया. लेकिन प्रत्याशित सफलता नही मिल पायी. दो दिन के अंदर कार्यस्थल पर लोहे का पाईप पुल बनाकर बेल फाउंडेशन का कार्य प्रारंभ किया जायेगा. पाईप पुल बनाने में कम से कम एक पखवारा लग सकता है. लगभग 75 मीटर तक पाईप पुल बनाकर पहले पाये के लिये बेल फाउंडेशन का काम 15 जनवरी से प्रारंभ करने की संभावना है. उल्लेखनीय है कि पुल के क्षतिग्रस्त 270 मीटर भाग में लगभग 50 करोड़ की लागत से दो पाये से एक्सट्रा डोज स्टेबुल ब्रिज कार्य एजेंसी एसपी सिंगला द्वारा बनाया जाना है. इसमे पहला पाया क्षतिग्रस्त भग से 75 मीटर एवं दूसरा पाया पहले पाया से 140 मीटर दूर बनाया जाना है. लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था की बजाय कार्य एजेंसी नदी के सुखने का इंतजार कर रही है. इसके कारण लोगों में नाराजगी है. वहीं कार्य एजेंसी प्राक्कलन के हिसाब से ही कार्य किये जाने की बात कह रही है. बहरहाल लोग जल्द से जल्द अब बीते पांच वर्षों से जूझ रहे इस महासंकट से मुक्ति के लिये छटपटा रही है.
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