कोसी में पानी के अकाल से नाविक परेशान

Published at :31 Oct 2015 10:42 PM (IST)
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कोसी में पानी के अकाल से नाविक परेशान

कोसी में पानी के अकाल से नाविक परेशान फोटो है 6 व 7 मेंकैप्सन- नाव पर सवार यात्री व नाव पर चढ़ने वालों की लगी भीड़ मुख्य बातें-29 अगस्त, 2010 को डुमरी पुल के पाया संख्या 17 ,18 एवं 19 धसने से उत्पन्न हुआ आवागमन संकट साढ़े चार वर्षो के बाद 50 करोड़ की लागत […]

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कोसी में पानी के अकाल से नाविक परेशान फोटो है 6 व 7 मेंकैप्सन- नाव पर सवार यात्री व नाव पर चढ़ने वालों की लगी भीड़ मुख्य बातें-29 अगस्त, 2010 को डुमरी पुल के पाया संख्या 17 ,18 एवं 19 धसने से उत्पन्न हुआ आवागमन संकट साढ़े चार वर्षो के बाद 50 करोड़ की लागत से मिली क्षतिग्रस्त भाग पर एक्स्ट्रा डोज केबल ब्रिज तकनीक से मरम्मति की स्वीकृति, कार्य एजेंसी द्वारा जनवरी से ही मरम्मत कार्य शुरू -वर्ष 2011 में बिहार पुल निगम द्वारा 17 करोड़ की लागत से डुमरी पुल समीप स्टील ब्रिज का कराया गया निर्माण -छमासी सेवा देकर 23 जुलाई, 2014 को स्टील ब्रिज के बीच का लगभग एक तिहाई भाग पानी में बह गया, जनवरी 2015 से ही मांझी के सहारे लोग कर रहे नदी पार प्रतिनिधि, बेलदौर नदी के जल स्तर में आयी भारी कमी के कारण अब उसराहा घाट पर नौका परिचालन में भी नाविकों को काफी परेशानी होने लगी है. नदी के निचले स्तर पर हुई अत्यधिक मिट्टी के आच्छादन एवं जल स्तर में हुई गिरावट के कारण जगह-जगह नाव अटक जाती है. इसके कारण यात्री व वाहन लदी नाव काफी देर तक बीच नदी में फंसी रहती है. काफी जद्दोजहद के बाद जब फंसी नाव पानी में सरकती है, तो नाविक बांस के सहारे गहरे पानी की टोह लेकर जैसे-तैसे किनारे तक पहुंचती हैं एवं जहां किनारा मिलता है, वहीं नाव लगा कर सवारी को उतार देते हैं. काफी देर तक नाव पर फजीहत झेलने के बाद लोगों को भारी सामान के साथ लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पांव पैदल चल कर मुख्य मार्ग तक पहुंचने की बेबसी बनी हुई है. एक ओर निजी नाव संचालक लोगों को संभावित सुविधा देने की कोशिश कर नदी पार कराते हैं, वहीं सरकारी नाव संचालक इसकी अनदेखी कर घाट से काफी दूर पहले ही नाव को किनारे लगा कर लोगों की परेशानियों को बढ़ा देते हैं. इसके कारण पांव पैदल यात्री समेत वाहन चालक की निर्भरता निजी नाव पर बढ़ती जा रही है. इसके लिए उन्हें निजी नाव संचालकों के दोहन का शिकार भी होना पड़ता है. नदी के अलावा कोसी की रेत पर लंबी दूरी तक पांव पैदल चलना तो अब इनकी नियती बन जायेगी. वैकल्पिक मार्ग के अभाव से कोसीवासी पांच वर्ष से जूझ रहे हैं. भले ही स्टील ब्रिज की छमासी सेवा से लोगों को थोड़ी राहत मिल रही थी, लेकिन 23 जुलाई, 2014 को स्टील ब्रिज का 170 मीटर भाग पानी में बह जाने से बची उम्मीद भी कोसी में दफन हो गयी. अब लोगों को इंतजार है तो बस डुमरी पुल मरम्मत कार्य पूर्ण होने का, जिसमें कम से कम दो वर्ष लगने की संभावना है एवं वैकल्पिक स्टील ब्रिज के मरम्मत की, ताकि आवागमन समस्याओं से लोगों को मुक्ति मिल सके.

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