कार्यपालक सहायक की बहाली में बरती गयी अनियमितता

Published at :25 Oct 2015 9:35 PM (IST)
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कार्यपालक सहायक की बहाली में बरती गयी अनियमितता

खगड़िया : वर्ष 2011 से 2013 के बीच दर्जनों कार्यपालक सहायकों की बहाली में घोर अनियमितता बरती गयी. एक अथवा दो नहीं, बल्कि बहाली में कई प्रकार की गरबड़िया की गयी हैं. चार सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है कि विभागीय निर्देशों/नियमों को ताक पर रख कर दर्जनों कार्यपालक […]

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खगड़िया : वर्ष 2011 से 2013 के बीच दर्जनों कार्यपालक सहायकों की बहाली में घोर अनियमितता बरती गयी. एक अथवा दो नहीं, बल्कि बहाली में कई प्रकार की गरबड़िया की गयी हैं. चार सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है कि विभागीय निर्देशों/नियमों को ताक पर रख कर दर्जनों कार्यपालक सहायक की बहाली इस जिले में की गयी है. एडीएम के नेतृत्व में संपूर्ण बहाली की जांच करायी गयी.

जांच टीम ने संपूर्ण नियोजन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव बताया है. जांच रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि कार्यपालक सहायक की बहाली में आरक्षण रोस्टर का अनुपालन करना था, जो नहीं किया गया. रोस्टर का अनुमोदन प्रमंडलीय आयुक्त से कराया जाना था, लेकिन मात्र 26 बिंदुओं का ही अनुमोदन उनसे कराया गया.

शेष सभी अभ्यर्थियों के लिए तैयार रोस्टर का अनुमोदन प्रमंडलीय आयुक्त से नहीं कराया गया. वर्ष 2011 में एक से अधिक पैनल का निर्माण कराया गया. जांच रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है कि 15 जुलाई, 06 अगस्त तथा 12 अगस्त को पैनल बनाया गया था. जांच टीम ने इस पर भी सवाल उठाया है.

इनके मुताबिक एक वर्ष में एक ही पैनल का निर्माण होना था तथा पैनल में शामिल सभी अभ्यर्थियों की बहाली के बाद ही दूसरे पैनल से अभ्यर्थी की बहाली होनी थी. पर, इसके विपरीत पहले पैनल में शामिल अभ्यर्थी को छोड़ कर दूसरे पैनल से बहाली की गयी. जांच टीम संपूर्ण नियोजन प्रक्रिया को ही अनियमितता एवं नियम के विपरीत बताते हुए कहा कि अनावश्यक रूप से एक ही विषय की कई संचिका को खोल कर स्थिति को उलझाने का प्रयास किया गया तथा मूलभूत तथ्यों को जानबूझ कर छिपाया गया.

कार्रवाई की अनुशंसा चार सदस्यीय जांच कमेटी ने कार्यपालक सहायक की बहाली करने वाले तत्कालीन स्थापना उपसमाहर्ता, स्थापना शाखा के प्रधान सहायक तथा सहायक के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा डीएम से की है. जांच टीम ने विभागीय नियमों को छिपा कर गलत तरीके से बहाल करने के लिए इन तीन पदाधिकारियों/ कर्मी को दोषी माना है.

विभागीय जानकारी के मुताबिक वरीय उपसमाहर्ता डॉ फतैय फैयाज, आनंद प्रकाश, प्रतिभा कुमारी तथा एसएन दास स्थापना उपसमाहर्ता के प्रभार में रह चुके हैं तथा इन्ही के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2011 से 2013 के बीच दर्जनों सहायकों की बहाली हुई है. शिकायत पर हुई थी जांचकार्यपालक सहायक की बहाली में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन डीएम राजीव रोशन ने एडीएम एमएच रहमान के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच टीम का गठन किया था.

जांच टीम में शामिल डीटीओ अब्दुल रजाक, डीपीआरओ सियाराम सिंह तथा वरीय उपसमाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा ने इस मामले की जांच की. डीएम ने भेजी रिपोर्टडीएम ने जांच रिपोर्ट को सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव के पास भेज कर मार्गदर्शन मांगा है. डीएम ने प्रधान सचिव को भेजे रिपोर्ट में चार सदस्यीय जांच टीम द्वारा उठाये गये सवालों का उल्लेख करते हुए नयी बहाली के लिए दिशा-निर्देश मांगा है.

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