प्लास्टिक का सामान पर्यावरण के लिए है खतरनाक
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :28 Apr 2015 9:45 AM (IST)
विज्ञापन

खगड़िया: प्लास्टिक के बोतल एवं उसके ढक्कन के अलावा पॉलीथिन थैलों से पूरे देश में पर्यावरण दूषित हो रहा है. बंद बोतल के पानी का सेवन करने के बाद बोलत व उसके ढक्कन को यत्र-तत्र फेंकने से अनेकों समस्याएं उत्पन्न हो रही है. जबकि, बढ़ती जनसंख्या एवं बदलती जीवनशैली के कारण पर्यावरण पर अत्यधिक दवाब […]
विज्ञापन
खगड़िया: प्लास्टिक के बोतल एवं उसके ढक्कन के अलावा पॉलीथिन थैलों से पूरे देश में पर्यावरण दूषित हो रहा है. बंद बोतल के पानी का सेवन करने के बाद बोलत व उसके ढक्कन को यत्र-तत्र फेंकने से अनेकों समस्याएं उत्पन्न हो रही है. जबकि, बढ़ती जनसंख्या एवं बदलती जीवनशैली के कारण पर्यावरण पर अत्यधिक दवाब पड़ रहा है. प्लास्टिक की बोतल एवं उसका ढक्कन पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है.
भारत सरकार द्वारा 40 माइक्रोन से कम मोटाई के प्लास्टिक थैलों पर तो वैधानिक रूप से प्रतिबंध लगाया जा चुका है. किंतु, बोतलों का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है. जिसे सीमित किया जाना आवश्यक है. अगर बोतलों को सीमित नहीं किया गया तो आने वाला समय और भयावह होगा. पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से बोतलों को सीमित किया जाना आवश्यक है. पानी पीने के बाद बोतल का दोबारा उपयोग किसी भी स्थिति में नहीं किया जाना चाहिए.
मानव ग्रंथियों के लिए नुकसानदेह
स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के दृष्टिकोण से बोतलों का उपयोग मनुष्य के लिए हानिकारक है. बोतलों के निर्माण में केमिकल का प्रयोग किया जाता है. जो मानव ग्रंथियों के लिए नुकसानदेह है. बोतलों का ढक्कन यत्र-तत्र फेंके दिया जाता है. जानवरों द्वारा विचरण करने के दौरान बोतल का ढक्कन खाने से प्रत्येक वर्ष करीब 10 लाख पशु-पक्षी एवं मछलियों की मृत्यु हो जाती है. बंद बोतल के बढ़ते प्रचलन से कुल कचड़े में चार-पांच प्रतिशत प्लास्टिक पाया जाता है. यही कारण है कि कचड़े बिखरकर नालियों में इकट्ठा हो जाता है. जो नालियों, गटरों, सिवेज डिस्पोजल पाइपों में अवरोध पैदा करता है
मुख्य सचिव ने दिया था निर्देश
मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने सभी प्रधान सचिवों, सचिवों एवं सभी विभागाध्यक्षों को एक विभागीय पत्र प्रेषित कर कहा था कि विभागीय बैठकों में पानी के लिए बंद बोतलों का इस्तेमाल किया जाता है. पर्यावरण के दृष्टिकोण से ऐसे बोतलों की जगह फलास्क, शीशा या फिर ग्लास का उपयोग किया जाए.
डीएम ने किया ट्वीट
डीएम राजीव रोशन ने खगड़िया के वेबसाइट पर इसे ट्वीट किया था. ताकि, इसका यह संदेश जन-जन तक पहुंच सके.
कई कर्मियों ने दोहराया संकल्प
आइटी असिस्टेंट पुरुषोत्तम कुमार, कार्यपालक सहायक क्रमश: कृष्णमुरारी कुमार, नीरज कुमार, रघुनंदन कुमार, मिथिलेश चौधरी आदि ने बंद बोतल एवं पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं करने का संकल्प दोहराया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










