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बाढ़ को लेकर खगड़िया में हाइअलर्ट सरकारी कर्मियों की छुट्टी हो गयी रद्द

Updated at : 23 Jul 2019 8:12 AM (IST)
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बाढ़ को लेकर खगड़िया में हाइअलर्ट सरकारी कर्मियों की छुट्टी हो गयी रद्द

खगड़िया : अगले चार दिनों में मुसलाधार बारिश की आशंका को देखते हुए खगड़िया को हाइ अलर्ट पर रखा गया है. बारिश बाद नदियों जलस्तर में बढ़ोत्तरी की आशंका है. ऐसे में जिला प्रशासन कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाह रहा है. डीएम अनिरुद्ध कुमार ने सभी सरकारी कर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी है. अधिकारियों […]

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खगड़िया : अगले चार दिनों में मुसलाधार बारिश की आशंका को देखते हुए खगड़िया को हाइ अलर्ट पर रखा गया है. बारिश बाद नदियों जलस्तर में बढ़ोत्तरी की आशंका है. ऐसे में जिला प्रशासन कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाह रहा है. डीएम अनिरुद्ध कुमार ने सभी सरकारी कर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी है. अधिकारियों को जिला मुख्यालय में बने रहने का निर्देश दिया गया है.
एसडीआरएफ की टीम पूरी तरह तैयार है. उंचे स्थानों की पहचान कर बाढ़ पीड़ितों के रहने से लेकर खाने की व्यवस्था का निर्देश बीडीओ व सीओ को दिया गया है. डीएम ने कहा कि बाढ़ से लड़ने के लिये जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है.
बाढ़ से लड़ने के लिये प्रशासन तैयार . उंचे स्थलों की पहचान से लेकर बाढ़ प्रभावित लोगों की खोज, बचाव व राहत दलों को एलर्ट मोड में रखा गया है. जिले के सभी तटबंध सुरक्षित हैं. तटबंधों की निगरानी के लिये 147 होमगार्ड को तैनात किया गया है. बाढ़ग्रस्त इलाकों में संकटग्रस्त व्यक्तियों की पहचान कर सारी तैयारी पूरी कर ली गयी है.
  • अगले चार दिनों में मूसलाधार बारिश का अनुमान, नदियों के जलस्तर में हो सकती है बढ़ोतरी
  • अधिकारियों से लेकर सभी सरकारी कर्मियों की छुट्टी रद्द, बाढ़ पीड़ितों की सुरक्षा के लिए प्रशासन मुस्तैद
  • खगड़िया में चार मुख्य नदियों के कुल 147 किमी लंबी तटबंध सहित सभी बांध सुरक्षित होने का दावा
  • गंगा, बूढी गंडक, बागमती, कोसी नदी पर बने तटबंधों होमगार्ड को तैनात कर 24 घंटे रखी जा रही नजर
  • पॉलीथिन शीट्स भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध, सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट नावों को तैयार रखने का निर्देश
  • सभी पीएचसी में पर्याप्त मात्रा में दवा का रहेगा भंडारण, स्वास्थ्य विभाग की टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों में करेंगे कैंप
अस्पताल में जीवनरक्षक दवा का भंडारण किया गया है. पशुचारा से लेकर पशुदवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. जिले के गोदामों में 67 लाख 31 हजार 598 किलो अनाज सुरक्षित हैं. 24 घंटे बाढ़ ग्रस्त इलाकों पर पुलिस-प्रशासन की नजर है.
बागमती का जलस्तर घटा, कोसी बढ़ा . एक बार फिर से कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि शुरू है. हालांकि बागमती नदी के जलस्तर में लगातार कमी देखी जा रही है. दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है. जल संसाधन विभाग के जेई नवीन कुमार ने बताया कि पिछले 24 घंटे में कोसी नदी के जलस्तर में 20 सेंमी की वृद्धि दर्ज की गई है.
जबकि बागमती नदी के जलस्तर में मामूली 6 सेंमी कमी हुई है. बताया जाता है कि कोसी नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से 92 सेंमी ऊपर है. जबकि बागमती नदी का जलस्तर 1.47 सेंमी ऊपर है.
शरणस्थली में रहेगी पूरी व्यवस्था . बाढ़ पीड़ितों की चिह्नित शरणस्थली में प्रशासन से सभी व्यवस्था पूरी करने का दावा किया है. सरकारी नावों के साथ प्राइवेट नावों की व्यवस्था, शरणस्थली पर मुकम्मल इंतजाम पूरा करने, बच्चों के लिये दूध से लेकर लोगों के खाने, रहने की व्यवस्था सहित बीमार लोगों के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखने का निर्देश दिया गया है.
डीएम ने कहा कि फसल क्षति का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा दिया जायेगा. प्रत्येक विभाग को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिया जा चुका है. वर्षा मापक यंत्र, वर्षापात, मानव दवा, पशुचारा, पशुदवा एवं खाद्यान्न की उपलब्ध होने का दावा किया गया है. साथ ही नाविक एवं गोताखोरा पूरी तरह एलर्ट मोड में हैं.
बाढ़ से बचाव के इंतजाम पर एक नजर
टेंट : 105, 7705 पालिथिन शीट्स उपलब्ध
5000 और की मांग की गयी है.
सभी प्रखंडों को एक-एक मिला महाजाल.
सर्पदंश सहित 20 प्रकार की दवाओं का अस्पताल में भंडारण
50 प्रकार की पशु दवा के भंडारण की व्यवस्था, 156 लाइफ जैकेट.
सत्तु,नमक, गुड़, मोमबत्ती, दीयासलाई अन्य राहत सामग्री खरीद के लिये स्थानीय स्तर पर दुकानदार से करार किया गया है.
12 गोदामों में 67,31,598 किलो अनाज सुरक्षित रखा गया है.
नियंत्रण कक्ष नंबर : 06244 : 222384
बरती जा रही सतर्कता
अगले चार दिनों (22 से 26 जुलाई) तक खगड़िया में बारिश की आशंका को देखते सभी सरकारी कर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी गयी है. अधिकारियों को जिला मुख्यालय में बने रहने का निर्देश दिया गया है. डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि हर स्तर पर एक दूसरे को सहयोग करें. क्योंकि आपदा के समय परस्पर समन्वय एवं विश्वास से चुनौतियों से निबटना आसान हो जाता है.
इंसान के साथ जानवरों के खाने का इंतजाम भी किया गया है. पशुओं के लिए हरा चारा का स्टॉक रखने का निर्देश दिया. साथ ही पॉलिथिन शीट्स सहित सूखा राशन सहित कई इंतजाम किये गये हैं.
अनिरुद्ध कुमार, डीएम.
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