खगड़िया में डीइओ सहित शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों के वेतन पर लगी रोक
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :17 Jul 2019 7:55 AM (IST)
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खगड़िया : शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों लापरवाही बरतना महंगा पड़ गया है. डीएम के आदेश की अवहेलना करते हुए विद्यालयों में संचालित एमडीएम योजना की जांच में लापरवाह रहे जिला शिक्षा पदाधिकारी, डीपीओ एमडीएम,डीपीओ स्थापना सहित सातों प्रखंडों के बीइओ के वेतन भुगतान पर रोक लगाये गये हैं. डीएम अनिरुद्ध कुमार ने शिक्षा विभाग के […]
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खगड़िया : शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों लापरवाही बरतना महंगा पड़ गया है. डीएम के आदेश की अवहेलना करते हुए विद्यालयों में संचालित एमडीएम योजना की जांच में लापरवाह रहे जिला शिक्षा पदाधिकारी, डीपीओ एमडीएम,डीपीओ स्थापना सहित सातों प्रखंडों के बीइओ के वेतन भुगतान पर रोक लगाये गये हैं. डीएम अनिरुद्ध कुमार ने शिक्षा विभाग के डीइओ सहित सभी पदाधिकारियों के वेतन पर रोक लगाने के आदेश दिये हैं.
सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन सहित सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सुनिश्चित करने के लिये डीएम ने शिक्षा विभाग के सभी जिला स्तरीय व प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को प्रत्येक माह 10-10 विद्यालयों की जांच कर एमडीएम की विहित प्रपत्र में डीडीसी के माध्यम से जांच प्रतिवेदन देने को कहा था. शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान डीएम ने सभी पदाधिकारियों से 10-10 विद्यालयों के निरीक्षण प्रतिवेदन की मांग की.
लेकिन डीइओ सहित शिक्षा विभाग के किसी पदाधिकारी ने विद्यालयों की जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी. डीएम अनिरुद्ध कुमार ने इसे गंभीरता से लेते हुए वेतन भुगतान पर रोक लगाने के आदेश जारी किये हैं. बता दें कि पिछली बैठक में डीएम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकिशोर सिंह सहित शिक्षा विभाग के सभी पदाधिकारियों को 10-10 विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था.
तीन दिन क्षेत्र में जांच करने के आदेश
सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन व्यवस्था दुरुस्त करने सहित योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार रोकने के उद्देश्य से डीएम ने सभी डीपीओ एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को सप्ताह में तीन दिन क्षेत्र में भ्रमण कर जांच करने तथा तीन दिन जिला/प्रखंड मुख्यालय में रहने के आदेश जारी किये हैं.
डीएम ने एक बार फिर शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों को मवार,बुधवार एवं शुक्रवार को मुख्यालय में रहकर विभागीय कार्य का निपटारा करने तथा मंगलवार,गुरुवार और शनिवार को क्षेत्र में रहकर विद्यालयों की जांच करने के आदेश दिये हैं.
डीएम ने पूछा, क्यों न हो उनपर प्रपत्र क गठित
सरकारी विद्यालयों में संचालित एमडीएम योजना की जांच में लापरवाह रहे शिक्षा विभाग के अफसरों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने के साथ-साथ सातों प्रखंडों के वरीय प्रभारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी से डीएम ने पूछा है कि क्यों नहीं उनपर प्रपत्र क गठित किया जाए.
जानकारी के मुताबिक सभी डीपीओ को प्रखण्डों का वरीय प्रभारी बनाया गया है. सभी वरीय प्रभारी को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का अनुश्रवण करने की जिम्मेवारी दी गयी है.
लेकिन डीएम द्वारा प्रखंडों में संचालित योजनाओं के संबंध में जब इनसे जानकारी मांगी गयी तो किन्हीं के द्वारा भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया. सूत्र के मुताबिक वरीय प्रभारियों के जवाब से असंतुष्ट होकर डीएम इनसे पूछा है कि महत्वपूर्ण योजनाओं का अनुश्रवण नहीं किये जाने के कारण क्यों नहीं उनके विरुद्ध प्रपत्र क गठित किया जाए.
उल्लेखनीय है कि डीपीओ स्थापना सुरेन्द्र कुमार परबत्ता प्रखंड के वरीय प्रभार में हैं, जबकि प्राथमिक शिक्षक एवं समग्र शिक्षा डीपीओ नजीबुल्लाह खगड़िया प्रखंड के, साक्षरता डीपीओ प्रबोध कुमार मानसी प्रखंड के, एमडीएम डीपीओ सुजीत कुमार रावत गोगरी प्रखंड के तथा योजना एवं लेखा डीपीओ कुणाल गौरब चौथम एवं बेलदौर प्रखंड के वरीय प्रभार में हैं. इसी तरह योजना एवं लेखा डीपीओ शैलेन्द्र कुमार को अलौली प्रखंड के वरीय प्रभारी बनाया गया है. इन अधिकारियों को अपने अपने प्रभार वाले इलाकों में संचालित सरकारी स्कूलों में सुधार का निर्देश दिया गया है.
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