'जयमाला शिक्षा निकेतन' के विद्यार्थियों ने सीखा योग का पाठ, मुंगेर योग विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ ने दिए टिप्स

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योग शिविर में शामिल छात्र, शिक्षक व अन्य | Prabhat Khabar Network

कटिहार स्थित जयमाला शिक्षा निकेतन ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए एक विशेष योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया. मुंगेर योग विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को योगासन और प्राणायाम सिखाया. इस शिविर का उद्देश्य शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता और स्मरण शक्ति को बढ़ाना था.

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कटिहार स्थित जयमाला शिक्षा निकेतन के छात्रावास में सोमवार को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से विशेष योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुंगेर योग विश्वविद्यालय के जाने-माने योग विशेषज्ञ डॉ. योगेश कुमार ने शिरकत की और छात्र-छात्राओं को योगासन व प्राणायाम का अभ्यास कराया. शिविर का मुख्य ध्येय विद्यार्थियों में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक एकाग्रता, स्मरण शक्ति, सकारात्मक सोच और आत्मनियंत्रण का विकास करना रहा.

नियमित योग से बढ़ती है एकाग्रता और स्मरण शक्ति

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुंगेर योग विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ डॉ. योगेश कुमार ने विद्यार्थियों को विभिन्न योगासनों एवं प्राणायामों का व्यावहारिक अभ्यास कराया. उन्होंने कहा कि मोबाइल, इंटरनेट और पढ़ाई के बढ़ते तनाव के बीच बच्चों का मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है. ऐसे में योग को जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है.

  • योग के फायदे: नियमित योगाभ्यास से पाचन तंत्र बेहतर होता है, क्रोध व तनाव पर नियंत्रण रहता है तथा स्मरण शक्ति और बुद्धिमत्ता में वृद्धि होती है.
  • अनुशासन का विकास: प्रतिदिन योग करने से शरीर में नई स्फूर्ति आती है, मन शांत रहता है और बच्चों में आत्म-अनुशासन विकसित होता है.

स्वस्थ शरीर और मन ही सफलता की नींव

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए जिला जेल अन्वेषण पदाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि एक स्वस्थ शरीर और शांत मन ही सफलता का वास्तविक आधार है. योग विद्यार्थियों को न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है बल्कि उनमें धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है.

'करो योग, रहो निरोग' को बनाएं जीवन का मंत्र

विद्यालय के निदेशक डॉ. सुशील कुमार सुमन ने कहा कि केवल किताबी ज्ञान से बच्चों का संपूर्ण विकास संभव नहीं है. शिक्षा के साथ-साथ उनके शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए. उन्होंने 'करो योग, रहो निरोग' का नारा देते हुए कहा कि यदि बच्चे कम उम्र से ही योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें तो वे भविष्य की कई बीमारियों व मानसिक परेशानियों से बच सकते हैं. विद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह के योग और स्वास्थ्य शिविर आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे.


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राजकिशोर

लेखक के बारे में

By राजकिशोर

राजकिशोर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के कटिहार कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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