कटिहार नगर निगम कार्यालय से गंदगी सड़कों पर फैल रही है. इससे लोग परेशान हैं. पाइप फटने से नगर निगम कार्यालय परिसर से शौचालय का शौच-युक्त गंदा पानी बाहर निकलकर मुख्य सड़क पर बह रहा है. हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर न तो नगर निगम के अधिकारियों की नजर पड़ रही है और न ही कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों को इसकी कोई चिंता है. दरअसल नगर निगम कार्यालय के शौचालय की पाइप लीकेज हो जाने के कारण गंदा पानी लगातार सड़क पर बह रहा है. आसपास का पूरा इलाका दूषित हो गया है. सड़क पर फैली इस गंदगी से न सिर्फ बदबू फैल रही है, बल्कि सड़क की हालत भी बद से बदतर हो गई है. जिस नगर निगम को स्वच्छता का उदाहरण पेश करना चाहिए. वहीं से इस तरह की लापरवाही सामने आना नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे है. यात्रियों व दुकानदारों को हो रही परेशानी नगर निगम कार्यालय के बगल में ही मनिहारी जाने वाली रेलवे स्टेशन है. इस सड़क से रोजाना मनिहारी स्टेशन जाने वाले सैकड़ों यात्रियों का आवागमन होता है. यात्रियों को मजबूरी में शौचालय के गंदे पानी से होकर आना-जाना पड़ रहा है. कई यात्रियों का कहना है कि गंदे पानी के कारण फिसलन बनी रहती है. जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है. बदबू इतनी तेज होती है कि कुछ देर वहां रुकना भी मुश्किल हो जाता है. स्थानीय दुकानदारों की परेशानी भी कम नहीं है. दुकानदारों का कहना है कि गंदे पानी और उससे उठने वाली दुर्गंध के कारण सांस लेना तक मुश्किल हो गया है. ग्राहक दुकानों पर रुकने से कतरा रहे हैं. जिससे व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. दुकानदारों ने कई बार नगर निगम के कर्मचारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अबतक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. दुकानदारों का कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें भी अपनी दुकानें बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. उनका आरोप है कि नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा आमलोग और यह आसपास दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है. अधूरा यूरिनल बना और जी का जंजाल नगर निगम के द्वारा कार्यालय के पीछे यूरिन नल बनाया जा रहा है. क्योंकि यहां पर अस्थाई तौर पर ऑटो स्टैंड और आसपास कई दुकानें भी अवस्थित है. साथ ही पास में कर्पूरी बाजार भी है. नगर निगम की ओर से कार्यालय के पीछे एक सार्वजनिक यूरिनल का निर्माण कराया जा रहा है. लेकिन यह अब तक पूरा नहीं हो पाया है. आधा-अधूरा निर्माण होने के कारण लोग मजबूरी में उसी अधनिर्मित यूरिनल में पेशाब कर रहे हैं. जिससे आसपास की गंदगी और दुर्गंध और भी बढ़ गई है. स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि इस रास्ते में पहले कई खान-पान के होटल संचालित होते थे. लेकिन नगर निगम की इस गंदगी भरी कार्यशैली के कारण सभी होटल बंद हो गय. दुर्गंध के कारण लोग यहां खाना खाना पसंद नहीं करते थे. जिससे होटल संचालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा और अंततः उन्हें अपने होटल बंद करने पड़े. स्थानीय दुकानदारों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि शौचालय की पाइप लीकेज को तुरंत दुरुस्त किया जाय. सड़क पर फैली गंदगी की साफ-सफाई कराई जाए और अधूरे यूरिनल का निर्माण शीघ्र पूरा कराया जाय. ताकि लोगों को सहूलियत हो और नगर निगम के कार्यशैली पर भी सवाल खड़े ना हो.
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