श्रीमद्भागवत कथा: ज्ञान का संवर्धन करती है मथुरा लीला: आचार्य गौरव कृष्ण

Updated at : 08 Jan 2026 7:07 PM (IST)
विज्ञापन
श्रीमद्भागवत कथा: ज्ञान का संवर्धन करती है मथुरा लीला: आचार्य गौरव कृष्ण

श्रीमद्भागवत कथा: ज्ञान का संवर्धन करती है मथुरा लीला: आचार्य गौरव कृष्ण

विज्ञापन

– श्री श्याम मित्र मंडल की स्वर्ण जयंती समारोह में उमड़ी भीड़ कटिहार श्री श्याम मित्र मंडल कटिहार के स्वर्ण जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य पर स्थानीय राजेन्द्र स्टेडियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिन गुरुवार को भी आचार्य गौरव कृष्ण गोस्वामी जी को सुनने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी. कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति, श्रद्धा एवं सत्संग मे पूरी तरह लीन हो भाव विभोर हो रहे है. छठे दिन की सुबह वृंदावन से आये पूज्य पंडित द्वारा भागवत कथा के जजमानों को पूजा पाठ कराया गया. इस बीच श्रीमद्भागवत सप्ताह कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिवस की कथा का विस्तार से विवेचन करते हुए परम श्रद्धेय आचार्य श्री गौरवकृष्ण गोस्वामी जी ने अपने प्रवचन मे कहा कि मथुरा लीला ज्ञान का संवर्धन करती है. आचार्य श्री गोस्वामी जी ने कहा कि प्रभु श्री कृष्ण की मथुरा लीला जीव के हृदयान्धकार को नष्ट कर ज्ञान का विकास करती है. जिस ज्ञान के माध्यम से जीव पूर्ण ब्रह्मा श्रीकृष्ण से साक्षात्कार करता है. मथुरा लीला प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि परमात्मा श्रीकृष्ण ने अपनी मथुरा लीला में अज्ञान रूपी कंस का उद्धार कर ज्ञान का संवर्धन किया. यहाँ तक कि साक्षात बृहस्पति के शिष्य उद्धव जी के ज्ञान को प्रभु ने गोपियों के द्वारा भक्त्ति का चादर ओढ़ाकर परिपूर्ण किया. स्वयं परमात्मा श्रीकृष्ण ने अपनी मथुरा लीला में ही गुरू सान्दीपनि के सान्निध्य में चौसठ दिनों तक रहकर ज्ञान प्राप्त किया. इसलिए प्रभु की मथुरा लीला श्रवण करने मात्र से भक्त के हृदय में ज्ञान का उदय होता है. उन्होंने बताया कि विद्यार्थी अपने अध्ययन काल में यदि प्रभु की मथुरा लीला को श्रवण करता है तो निश्चित रूप से विद्या के क्षेत्र में उसे अभूतपूर्व सफलता प्राप्त होती है. धूमधाम से मनाया गया रुक्मिणी विवाह महोत्सव विशेष महोत्सव के रूप में रुक्मिणी विवाह महोत्सव बड़े ही धूम-धाम से मनाया गया. इस प्रसंग पर विस्तार से व्याख्यान देते हुए आचार्य श्री गोस्वामी ने कहा कि रूक्मिणी जी ने अपने जीवन में किये हुए सत्कार का फल केवल प्रभु को ही मांगा. प्रभु श्री द्वारिकाधीश ने स्वयं रूक्मिणी के कुणिनपुर जाकर उनको प्रधान पटरानी बनाकर पूर्ण किया. यह पवित्र प्रसंग हम सबको शिक्षा प्रदान करता है. हमें जीवन में किये हुए सत्कार के फल के रूप में प्रभु की ही याचना करनी चाहिए. श्रीमद्भागवत कथा को सुनने के लिए जनसैलाब उमड़ रहा है. श्रीश्याम मित्र मंडल एवं अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के सभी सदस्यों द्वारा भागवत कथा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सक्रिय रूप से जुटे हुए है. संस्थाओं द्वारा निःशुल्क सेवा प्रदान की जा रही है. गुरुवार की रात्रि बेला श्री श्याम भक्त मंडल गुलाबबाग से आये एकता श्राफ, श्वेता पंसारी, रजनी आदि भजन कलाकारों के द्वारा मनमोहक भजनों की प्रस्तुति हुई. श्रद्धालुजन भक्ति रस में रम भजनों का आनंद ले रहे है. श्री श्याम मित्र मंडल की ओर से बताया गया कि शुक्रवार को विशेष महोत्सव के रूप में फूल होली महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAJKISHOR K

लेखक के बारे में

By RAJKISHOR K

RAJKISHOR K is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन